परमेश्वर हमेशा हमारे साथ है
परमेश्वर का साथ
बच्चों के लिए चार छोटे बाइबल पल, यशायाह 41:10, भजन संहिता 34:1, 1 शमूएल 3:9 and मरकुस 6:31 पर आधारित।
☀ सुबह का पल
मत डर, क्योंकि मैं तेरे संग हूँ, इधर-उधर मत ताक, क्योंकि मैं तेरा परमेश्वर हूँ; मैं तुझे दृढ़ करूँगा और तेरी सहायता करूँगा, अपने धर्ममय दाहिने हाथ से मैं तुझे सम्भाले रहूँगा। (यहो. 1:9, व्यव. 31:6)
यशायाह 41:10 (IRV Hindi 2019)
सरल शब्दों में: परमेश्वर कहते हैं, डरो मत, मैं तुम्हारे साथ हूँ। वह तुम्हें ताकत देंगे और तुम्हें थामे रहेंगे।
सुबह उठते ही कभी पेट में थोड़ी गुदगुदी सी होती है ना? शायद आज कोई टेस्ट है, या किसी दोस्त से नाराज़गी है, या बस स्कूल जाना अच्छा नहीं लग रहा। ऐसे पलों में परमेश्वर तुमसे कहते हैं, मत डर, मैं तेरे साथ हूँ।
सोचो, जैसे पापा तुम्हारा हाथ पकड़कर भीड़ में चलते हैं, वैसे ही परमेश्वर तुम्हारा हाथ थामे रहते हैं, चाहे क्लासरूम हो, मैदान हो या बस स्टॉप। तुम अकेले नहीं हो। वह तुम्हें ताकत देते हैं जब पहाड़ा याद नहीं होता, जब बॉल ठीक से नहीं पकड़ पाते, जब किसी से माफी माँगनी पड़ती है।
आपकी बारी
आज स्कूल निकलने से पहले एक बार धीरे से कहो, परमेश्वर, आज मेरे साथ रहना।
✦ दोपहर का पल
मैं हर समय यहोवा को धन्य कहा करूँगा; उसकी स्तुति निरन्तर मेरे मुख से होती रहेगी।
भजन संहिता 34:1 (IRV Hindi 2019)
सरल शब्दों में: दाऊद कहता है कि वह हमेशा परमेश्वर की स्तुति करेगा, सिर्फ कभी-कभी नहीं।
आज दोपहर जब तुम अपनी थाली के सामने बैठोगे, शायद तुम्हें अच्छी भूख लगी हो। खाना खाने से पहले हम अक्सर सिर झुकाकर धन्यवाद कहते हैं, है ना? वह बहुत अच्छी आदत है।
लेकिन दाऊद ने कुछ और भी कहा। उसने कहा कि वह हर समय परमेश्वर की स्तुति करेगा, सिर्फ खाने के समय नहीं। जब तुम स्कूल से घर लौटते हो, जब तुम दोस्त के साथ खेलते हो, जब तुम हंसते हो, तब भी तुम परमेश्वर को धन्यवाद दे सकते हो। क्योंकि हर अच्छी चीज़, हर निवाला, हर हंसी, परमेश्वर की ओर से आती है।
आपकी बारी
आज दोपहर खाना खाते समय अपने मम्मी या पापा को बताओ कि खाने में तुम्हें सबसे ज्यादा क्या पसंद आया।
✩ दोपहर का पल
इसलिए एली ने शमूएल से कहा, “जा लेटा रह; और यदि वह तुझे फिर पुकारे, तो तू कहना, ‘हे यहोवा, कह, क्योंकि तेरा दास सुन रहा है।’” तब शमूएल अपने स्थान पर जाकर लेट गया।
1 शमूएल 3:9 (IRV Hindi 2019)
सरल शब्दों में: एली ने छोटे शमूएल को सिखाया कि अगली बार आवाज़ सुने तो परमेश्वर से क्या कहना है। शमूएल जाकर फिर लेट गया और इंतज़ार करने लगा।
स्कूल से घर आकर जब तुम खेल में डूबे होते हो, और कोई तुम्हें पुकारता है, तो कभी-कभी तुम सुन ही नहीं पाते, है ना। छोटे शमूएल के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ था। रात में उसने अपना नाम सुना, पर समझ ही नहीं पाया कि कौन बुला रहा है।
वह दौड़कर एली के पास गया, पर एली ने कहा मैंने तो तुझे नहीं बुलाया। ऐसा तीन बार हुआ। आखिर में एली समझ गया, यह तो परमेश्वर ही शमूएल को बुला रहा है। उसने शमूएल को सिखाया कि अगली बार क्या जवाब देना है, जिससे शमूएल तैयार हो सके।
आपकी बारी
आज रात सोने से पहले एक मिनट चुपचाप बैठकर सुनना, कि परमेश्वर तुमसे कुछ कहना चाहता है या नहीं।
☾ संध्या का क्षण
उसने उनसे कहा, “तुम आप अलग किसी एकान्त स्थान में आकर थोड़ा विश्राम करो।” क्योंकि बहुत लोग आते-जाते थे, और उन्हें खाने का अवसर भी नहीं मिलता था।
मरकुस 6:31 (IRV Hindi 2019)
सरल शब्दों में: यीशु ने अपने दोस्तों से कहा, चलो थोड़ी देर के लिए शांत जगह जाओ और आराम करो। परमेश्वर चाहते हैं कि तुम भी अब आराम करो।
आज गुरुवार था, स्कूल में पढ़ाई हुई, खेलना हुआ, शायद थोड़ी दौड़-भाग भी हुई। अब रात हो गई है और तुम्हारी आँखें भारी होने लगी हैं। तुमने देखा, यीशु भी अपने दोस्तों से थके हुए काम के बाद कहते थे, चलो थोड़ा आराम करो। यीशु जानते थे कि आराम करना भी ज़रूरी है, बुरी बात नहीं।
जब तुम आज रात अपने बिस्तर में लेटोगे, याद रखना परमेश्वर तुम्हें देख रहे हैं और तुम्हारे पास हैं। तुम्हें सब कुछ अकेले संभालना नहीं है, कल का दिन कल आएगा। अभी बस आँखें बंद करो और चैन से सो जाओ।
आपकी बारी
आज रात सोने से पहले एक गहरी साँस लो और धीरे से कहो, धन्यवाद प्रभु।
इन अंशों को बाइबल में पढ़ें
किसी अंश पर टैप करें और अपने माता-पिता या शिक्षक के साथ यहीं पढ़ें।
10मत डर, क्योंकि मैं तेरे संग हूँ, इधर-उधर मत ताक, क्योंकि मैं तेरा परमेश्वर हूँ; मैं तुझे दृढ़ करूँगा और तेरी सहायता करूँगा, अपने धर्ममय दाहिने हाथ से मैं तुझे सम्भाले रहूँगा। (यहो. 1:9, व्यव. 31:6)
1मैं हर समय यहोवा को धन्य कहा करूँगा; उसकी स्तुति निरन्तर मेरे मुख से होती रहेगी।
9इसलिए एली ने शमूएल से कहा, “जा लेटा रह; और यदि वह तुझे फिर पुकारे, तो तू कहना, ‘हे यहोवा, कह, क्योंकि तेरा दास सुन रहा है।’” तब शमूएल अपने स्थान पर जाकर लेट गया।
31उसने उनसे कहा, “तुम आप अलग किसी एकान्त स्थान में आकर थोड़ा विश्राम करो।” क्योंकि बहुत लोग आते-जाते थे, और उन्हें खाने का अवसर भी नहीं मिलता था।
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