परमेश्वर का प्रेम और भरोसा
प्रेम और भरोसा
बच्चों के लिए चार छोटे बाइबल पल, यूहन्ना 3:16, नीतिवचन 17:9, यूहन्ना 6:12 and नीतिवचन 3:25 पर आधारित।
☀ सुबह का पल
“क्योंकि परमेश्वर ने जगत से ऐसा प्रेम रखा कि उसने अपना एकलौता पुत्र दे दिया, ताकि जो कोई उस पर विश्वास करे, वह नाश न हो, परन्तु अनन्त जीवन पाए।
यूहन्ना 3:16 (IRV Hindi 2019)
सरल शब्दों में: परमेश्वर ने हमसे इतना प्यार किया कि उसने अपने बेटे यीशु को भेजा, ताकि हम हमेशा उसके साथ रहें।
आज शनिवार है, स्कूल बैग कोने में पड़ा है और तुम्हें जल्दी उठने की जरूरत नहीं। शायद तुम पजामे में ही नाश्ता कर रहे हो, या कार्टून देख रहे हो, या पापा के साथ कुछ बना रहे हो। ऐसे आराम वाले दिन भी परमेश्वर का ही दिया हुआ तोहफा हैं।
सोचो, परमेश्वर ने तुम्हें इतना प्यार किया कि उसने अपने बेटे यीशु को भेजा। यह प्यार हर दिन तुम्हारे साथ रहता है, चाहे तुम स्कूल में हो या घर में खेल रहे हो। आज जब तुम अपने भाई बहन के साथ खेलोगे या दादी के पास बैठोगे, याद रखना कि परमेश्वर तुम्हें देखकर खुश होता है।
आपकी बारी
आज किसी एक को गले लगाकर या मुस्कुराकर बताओ कि तुम उसे कितना चाहते हो।
✦ दोपहर का पल
जो दूसरे के अपराध को ढाँप देता है, वह प्रेम का खोजी ठहरता है, परन्तु जो बात की चर्चा बार बार करता है, वह परम मित्रों में भी फूट करा देता है।
नीतिवचन 17:9 (IRV Hindi 2019)
सरल शब्दों में: अगर तुम्हारा दोस्त कोई गलती करे तो उसे माफ कर दो। बार-बार उसकी बात याद दिलाने से दोस्ती टूट सकती है।
आज शनिवार है, घर में सबके साथ आराम का दिन। शायद भाई-बहन के साथ खेलते-खेलते कोई झगड़ा हो जाए, या किसी दोस्त ने कल कुछ गलत कह दिया हो। क्या तुम उसे अब भी याद रखोगे?
परमेश्वर कहता है कि प्यार करने वाला दोस्त गलतियों को ढांक देता है। इसका मतलब है कि तुम उसे भुला देते हो, जैसे चादर से कुछ ढक देते हो। तुम बार-बार उसे नहीं दोहराते। इससे दोस्ती मज़बूत रहती है, टूटती नहीं।
आपकी बारी
सोचो, कोई है जिससे तुम नाराज़ हो, और उसे आज माफ कर दो।
✩ दोपहर का पल
जब वे खाकर तृप्त हो गए, तो उसने अपने चेलों से कहा, “बचे हुए टुकड़े बटोर लो, कि कुछ फेंका न जाए।”
यूहन्ना 6:12 (IRV Hindi 2019)
सरल शब्दों में: सबके खाने के बाद येशु ने चेलों से कहा, बचा हुआ खाना इकट्ठा करो, ताकि कुछ भी बर्बाद न हो।
शनिवार को अक्सर घर में खाना बनता है, मम्मी थाली भर देती हैं, और कभी कुछ बच भी जाता है। क्या तुमने कभी सोचा कि बचा हुआ खाना कहाँ जाता है?
येशु ने एक दिन पाँच हज़ार लोगों को खाना खिलाया। खाना इतना था कि सबका पेट भर गया। फिर भी येशु ने कहा, टुकड़े इकट्ठा करो, कुछ भी फेंको मत। छोटी चीज़ें भी उनके लिए कीमती थीं।
आपकी बारी
तुम्हारे पास भी छोटी चीज़ें हैं, जैसे एक खिलौना या थोड़ा सा खाना, जो किसी और के काम आ सकती हैं। आज खाना खाते समय उतना ही लो जितना तुम खा सकते हो, और बचा हुआ कुछ किसी घरवाले के साथ बाँट दो।
☾ संध्या का क्षण
अचानक आनेवाले भय से न डरना, और जब दुष्टों पर विपत्ति आ पड़े, तब न घबराना;
नीतिवचन 3:25 (IRV Hindi 2019)
सरल शब्दों में: अचानक आने वाले डर से डरो मत, क्योंकि परमेश्वर तुम्हारे साथ है और तुम्हें सुरक्षित रखता है।
आज शनिवार था, शायद तुमने घर में खूब खेला, या परिवार के साथ कहीं घूमने गए। अब बाहर अंधेरा हो गया है, और कमरे की बत्ती बुझने से पहले कभी-कभी मन में थोड़ा डर आ जाता है। खिड़की के बाहर की आवाजें अजीब लगती हैं, या कमरे का कोना थोड़ा डरावना लगता है।
लेकिन तुम अकेले नहीं हो। परमेश्वर तुम्हें देख रहा है, जैसे कोई चौकीदार रात भर घर की रखवाली करता है। उसे अचानक आने वाला डर भी पता है, और वह तुम्हें उससे बचाना चाहता है। तुम चादर ओढ़कर, तकिये पर सिर रखकर, चैन से सो सकते हो, क्योंकि परमेश्वर जाग रहा है।
आपकी बारी
आज रात सोने से पहले, मम्मी या पापा को बताओ कि तुम्हें किस बात से थोड़ा डर लगता है।
इन अंशों को बाइबल में पढ़ें
किसी अंश पर टैप करें और अपने माता-पिता या शिक्षक के साथ यहीं पढ़ें।
16“क्योंकि परमेश्वर ने जगत से ऐसा प्रेम रखा कि उसने अपना एकलौता पुत्र दे दिया, ताकि जो कोई उस पर विश्वास करे, वह नाश न हो, परन्तु अनन्त जीवन पाए।
9जो दूसरे के अपराध को ढाँप देता है, वह प्रेम का खोजी ठहरता है, परन्तु जो बात की चर्चा बार बार करता है, वह परम मित्रों में भी फूट करा देता है।
12जब वे खाकर तृप्त हो गए, तो उसने अपने चेलों से कहा, “बचे हुए टुकड़े बटोर लो, कि कुछ फेंका न जाए।”
25अचानक आनेवाले भय से न डरना, और जब दुष्टों पर विपत्ति आ पड़े, तब न घबराना;
बच्चों के लिए और अधिक?
Faith.network Kids पर आपको बच्चों के लिए विशेष रूप से बनाई गई और भी कई बाइबल कहानियाँ, पठन योजनाएँ और गतिविधियाँ मिलेंगी।
Faith.network Kids पर जाएँ