परमेश्वर आपकी देखभाल करता है
परमेश्वर की देखभाल
बच्चों के लिए चार छोटे बाइबल पल, मत्ती 6:26, नीतिवचन 12:18, यूहन्ना 4:50 and नहूम 1:7 पर आधारित।
☀ सुबह का पल
आकाश के पक्षियों को देखो! वे न बोते हैं, न काटते हैं, और न खत्तों में बटोरते हैं; तो भी तुम्हारा स्वर्गीय पिता उनको खिलाता है। क्या तुम उनसे अधिक मूल्य नहीं रखते?
मत्ती 6:26 (IRV Hindi 2019)
सरल शब्दों में: यीशु कहते हैं, चिड़ियों को देखो, परमेश्वर उन्हें खाना देता है। तुम तो उनसे भी बहुत प्यारे हो।
सुबह की चादर से बाहर निकलना कभी-कभी मुश्किल लगता है, है ना? बाहर खिड़की से देखो, चिड़िया चहचहा रही होगी। उसे पता भी नहीं कि आज नाश्ते में क्या मिलेगा, फिर भी वह गाती है।
परमेश्वर उस छोटी चिड़िया का ध्यान रखता है। स्कूल बैग उठाते हुए, जूते के फीते बाँधते हुए, याद रखो, वह तुम्हारा भी ध्यान रखता है। तुम चिड़िया से कहीं ज़्यादा कीमती हो उसके लिए।
आपकी बारी
आज जब घर से निकलो, तो एक गहरी साँस लेकर धीरे से कहो, धन्यवाद परमेश्वर, आज मेरे साथ रहना।
✦ दोपहर का पल
ऐसे लोग हैं जिनका बिना सोच विचार का बोलना तलवार के समान चुभता है, परन्तु बुद्धिमान के बोलने से लोग चंगे होते हैं।
नीतिवचन 12:18 (IRV Hindi 2019)
सरल शब्दों में: गलत बातें दूसरों को चोट पहुँचा सकती हैं, पर अच्छी बातें उन्हें ठीक कर सकती हैं।
स्कूल में लंच के समय क्या हुआ आज? शायद किसी ने मज़ाक बनाया, या किसी ने अच्छी बात कही जिससे तुम्हें अच्छा लगा। शब्द छोटे लगते हैं, पर वे बहुत असर करते हैं।
एक तेज़ शब्द दिल को चोट पहुँचा सकता है, जैसे कोई काँटा चुभ जाए। पर एक भला शब्द, जैसे 'चलो साथ खेलते हैं' या 'तुमने अच्छा किया', दिल को खुश कर देता है। तुम खुद चुन सकते हो कि तुम्हारे शब्द कैसे हों।
आपकी बारी
आज दोपहर के बाद किसी एक दोस्त या भाई-बहन से एक अच्छी बात कहो, जो उन्हें खुश कर दे।
✩ दोपहर का पल
यीशु ने उससे कहा, “जा, तेरा पुत्र जीवित है।” उस मनुष्य ने यीशु की कही हुई बात पर विश्वास किया और चला गया।
यूहन्ना 4:50 (IRV Hindi 2019)
सरल शब्दों में: एक पिता का बेटा बहुत बीमार था। यीशु ने बस इतना कहा, तेरा बेटा ठीक है, और पिता ने उस पर भरोसा कर लिया।
क्या तुमने कभी किसी को यह कहते सुना है, जल्दी ठीक हो जाओ? जब घर में कोई बीमार होता है, तो सब चिंता करते हैं। स्कूल से आकर तुम भी सोचते हो, काश सब ठीक हो जाए।
बाइबल में एक पिता का बेटा बहुत बीमार था। वह यीशु के पास दौड़ा गया और मदद माँगी। यीशु उसके घर नहीं गए, बस इतना कहा, जा, तेरा पुत्र जीवित है। पिता ने यीशु की बात पर भरोसा किया और घर की ओर चल पड़ा। रास्ते में उसे पता चला कि उसका बेटा ठीक उसी समय ठीक हो गया था, जब यीशु ने यह बात कही थी।
आपकी बारी
यीशु के शब्द ही काफी थे, उसे वहाँ जाने की जरूरत नहीं पड़ी। जब तुम्हें किसी बात की चिंता होती है, तो तुम भी यीशु से बात कर सकते हो, भले ही तुम उसे देख न पाओ। आज घर जाकर अपने मम्मी या पापा को बताओ कि तुम्हारे मन में किस बात की चिंता है।
☾ संध्या का क्षण
यहोवा भला है; संकट के दिन में वह दृढ़ गढ़ ठहरता है, और अपने शरणागतों की सुधि रखता है।
नहूम 1:7 (IRV Hindi 2019)
सरल शब्दों में: परमेश्वर अच्छा है। जब मुश्किल आए, तो वह एक मज़बूत किले जैसा है। जो उसके पास आते हैं, उन्हें वह अच्छी तरह जानता है।
आज सोमवार था। शायद स्कूल में नया हफ़्ता शुरू हुआ, होमवर्क करना पड़ा, या दोस्तों के साथ खेला। अब दिन खत्म हो गया है, और तुम अपने बिस्तर में हो।
सोचो एक मज़बूत किले के बारे में, जिसकी ऊँची दीवारें हों। बाहर हवा तेज़ चले, अंधेरा हो, पर अंदर सब सुरक्षित रहते हैं। परमेश्वर वैसा ही है तुम्हारे लिए। वह तुम्हें जानता है, तुम्हारा नाम जानता है, तुम्हारी आज की छोटी-छोटी बातें भी जानता है।
आपकी बारी
आज रात, बिस्तर पर लेटते हुए, धीरे से कहो, यहोवा, तू मेरा गढ़ है, और आराम से आँखें बंद कर लो।
इन अंशों को बाइबल में पढ़ें
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26आकाश के पक्षियों को देखो! वे न बोते हैं, न काटते हैं, और न खत्तों में बटोरते हैं; तो भी तुम्हारा स्वर्गीय पिता उनको खिलाता है। क्या तुम उनसे अधिक मूल्य नहीं रखते?
18ऐसे लोग हैं जिनका बिना सोच विचार का बोलना तलवार के समान चुभता है, परन्तु बुद्धिमान के बोलने से लोग चंगे होते हैं।
50यीशु ने उससे कहा, “जा, तेरा पुत्र जीवित है।” उस मनुष्य ने यीशु की कही हुई बात पर विश्वास किया और चला गया।
7यहोवा भला है; संकट के दिन में वह दृढ़ गढ़ ठहरता है, और अपने शरणागतों की सुधि रखता है।
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