परमेश्वर हमारी चिंता करता है
परमेश्वर की देखभाल
बच्चों के लिए चार छोटे बाइबल पल, भजन संहिता 55:22, नीतिवचन 15:30, मरकुस 7:32-33 और गिनती 6:26 पर आधारित।
☀ सुबह का पल
अपना बोझ यहोवा पर डाल दे वह तुझे सम्भालेगा; वह धर्मी को कभी टलने न देगा। (1 पत. 5:7, भज. 37:24)
भजन संहिता 55:22 (IRV Hindi 2019)
सरल शब्दों में: परमेश्वर कहते हैं, अपनी हर चिंता उनको दे दो। वे तुम्हें थामे रखेंगे और गिरने नहीं देंगे।
सुबह उठते ही कभी-कभी मन में कुछ भारी लगता है। शायद आज स्कूल में हिंदी का टेस्ट है, या कल किसी दोस्त से झगड़ा हुआ था। बस्ता भारी हो या न हो, मन का बोझ फिर भी तुझे थका सकता है।
परमेश्वर कहते हैं, यह बोझ अकेले मत उठा। जैसे पापा तेरा भारी बैग उठा लेते हैं जब तू थक जाता है, वैसे ही परमेश्वर तेरी चिंता उठाने को तैयार हैं। वे तुझे गिरने नहीं देंगे, चाहे दिन कैसा भी हो।
आपकी बारी
आज नाश्ता करते समय, अपने मन की एक चिंता धीरे से परमेश्वर से कह दे, जैसे किसी अच्छे दोस्त से बात करता है।
✦ दोपहर का पल
आँखों की चमक से मन को आनन्द होता है, और अच्छे समाचार से हड्डियाँ पुष्ट होती हैं।
नीतिवचन 15:30 (IRV Hindi 2019)
सरल शब्दों में: जब हम कुछ अच्छा देखते हैं, तो दिल खुश हो जाता है। और अच्छी खबर सुनकर हमें नई ताकत मिलती है।
आज स्कूल से घर आकर जब तुम खाना खाने बैठे हो, थोड़ा रुक कर सोचो, आज कौन सी अच्छी बात हुई। शायद किसी दोस्त ने तुम्हें अपनी पेंसिल दी, या टीचर ने मुस्कुरा कर कुछ कहा।
छोटी-छोटी अच्छी बातें हमें अंदर से खुश कर देती हैं, जैसे धूप खिड़की से अंदर आती है। परमेश्वर ने हमें आँखें दीं ताकि हम अच्छाई देख सकें, और कान दिए ताकि अच्छी खबर सुन सकें।
आपकी बारी
आज दोपहर के खाने के बाद, घर में किसी एक को आज की सबसे अच्छी बात बताओ।
✩ दोपहर का पल
और लोगों ने एक बहरे को जो हक्ला भी था, उसके पास लाकर उससे विनती की, कि अपना हाथ उस पर रखे। तब वह उसको भीड़ से अलग ले गया, और अपनी उँगलियाँ उसके कानों में डाली, और थूककर उसकी जीभ को छुआ।
मरकुस 7:32-33 (IRV Hindi 2019)
सरल शब्दों में: एक आदमी सुन और ठीक से बोल नहीं पाता था। लोग उसे यीशु के पास लाए, और यीशु उसे भीड़ से अलग ले गए ताकि उसकी मदद कर सकें।
स्कूल से आकर जब तुम घर में घुसते हो, चारों तरफ आवाज़ें होती हैं, टीवी चलता है, भाई-बहन की बातें, माँ की पुकार। ज़रा सोचो, अगर तुम कुछ भी सुन नहीं पाते। उस आदमी के साथ ऐसा ही था। वह सुन नहीं सकता था, और बोलने में भी उसे बहुत मुश्किल होती थी।
लोग उसे यीशु के पास ले आए। यीशु उसे भीड़ से दूर अलग ले गए। उन्हें शोर नहीं चाहिए था, उन्हें बस उस एक आदमी की ज़रूरत थी। यीशु ने अपनी उँगलियाँ उसके कानों में डालीं, और धीरे से उसकी जीभ को छुआ। हर छोटी चीज़ उनके लिए मायने रखती थी।
आपकी बारी
आज अगर तुम्हें कोई दोस्त दिखे जो अकेला महसूस करता है, तो उसके पास जाकर थोड़ी देर उसके साथ बैठ जाओ और प्यार से बात करो।
☾ संध्या का क्षण
“यहोवा अपना मुख तेरी ओर करे, और तुझे शान्ति दे।
गिनती 6:26 (IRV Hindi 2019)
सरल शब्दों में: परमेश्वर अपना चेहरा प्यार से तुम्हारी तरफ घुमाता है और तुम्हें मन की शान्ति देता है।
शुक्रवार की शाम है। स्कूल का बस्ता कोने में पड़ा है, और अब सिर्फ आराम बाकी है। पूरे हफ्ते की दौड़-भाग, होमवर्क, खेल, सब थोड़ी देर के लिए रुक जाता है।
जैसे मम्मी या पापा रात को एक बार झाँककर देखते हैं कि तुम ठीक से लेटे हो, वैसे ही परमेश्वर अपना चेहरा तुम्हारी तरफ घुमाता है। वह तुम्हें देखता है, पहचानता है, और प्यार से तुम्हें शान्ति देता है। तुम्हें डरने की जरूरत नहीं, क्योंकि उसकी नजर तुम पर टिकी है, पूरी रात।
आपकी बारी
आज सोने से पहले हल्के से कहो, परमेश्वर मुझे शान्ति दे।
इन अंशों को बाइबल में पढ़ें
किसी अंश पर टैप करें और अपने माता-पिता या शिक्षक के साथ यहीं पढ़ें।
22अपना बोझ यहोवा पर डाल दे वह तुझे सम्भालेगा; वह धर्मी को कभी टलने न देगा। (1 पत. 5:7, भज. 37:24)
30आँखों की चमक से मन को आनन्द होता है, और अच्छे समाचार से हड्डियाँ पुष्ट होती हैं।
32और लोगों ने एक बहरे को जो हक्ला भी था, उसके पास लाकर उससे विनती की, कि अपना हाथ उस पर रखे।
33तब वह उसको भीड़ से अलग ले गया, और अपनी उँगलियाँ उसके कानों में डाली, और थूककर उसकी जीभ को छुआ।
26“यहोवा अपना मुख तेरी ओर करे, और तुझे शान्ति दे।
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