तुम परमेश्वर की अद्भुत रचना हो
अद्भुत रचना
बच्चों के लिए चार छोटे बाइबल पल, भजन संहिता 139:14, भजन संहिता 107:1, यूहन्ना 6:9 and मत्ती 11:28 पर आधारित।
☀ सुबह का पल
मैं तेरा धन्यवाद करूँगा, इसलिए कि मैं भयानक और अद्भुत रीति से रचा गया हूँ। तेरे काम तो आश्चर्य के हैं, और मैं इसे भली भाँति जानता हूँ। (प्रका. 15:3)
भजन संहिता 139:14 (IRV Hindi 2019)
सरल शब्दों में: परमेश्वर ने तुम्हें बहुत ध्यान से और बहुत सुंदर बनाया है। इसलिए तुम उसे धन्यवाद कह सकते हो।
सुबह आईने के सामने खड़े होकर तुम क्या देखते हो? शायद उलझे हुए बाल, या एक दाँत जो थोड़ा टेढ़ा है, या घुटने पर वह निशान जो साइकिल से गिरने पर बना था। कभी कभी हम सोचते हैं, काश मैं किसी और जैसा होता।
पर परमेश्वर ने तुम्हें बहुत सोच समझकर बनाया। तुम्हारी हँसी की आवाज़, तुम्हारी उँगलियों के निशान, तुम्हारे दौड़ने का तरीका, सब कुछ अनोखा है। कक्षा में तीस बच्चे बैठे हों, फिर भी ठीक तुम्हारे जैसा एक भी नहीं।
आज शुक्रवार है। जब तुम बैग उठाकर घर से निकलो, तो यह याद रखना: तुम परमेश्वर का अद्भुत काम हो। वह तुम्हें देखकर मुस्कुराता है, आज भी।
✦ दोपहर का पल
यहोवा का धन्यवाद करो, क्योंकि वह भला है; और उसकी करुणा सदा की है!
भजन संहिता 107:1 (IRV Hindi 2019)
सरल शब्दों में: परमेश्वर को धन्यवाद दो। वह अच्छा है, और उसका प्यार कभी खत्म नहीं होता।
तुम्हारी थाली में आज क्या है? रोटी, चावल, शायद कोई सब्जी जो तुम्हें बहुत पसंद नहीं है। रुको, एक पल के लिए उसे देखो।
यह खाना अपने आप नहीं आया। किसी ने खेत में बीज बोया। किसी ने उसे पकाया। और परमेश्वर ने धूप और पानी भेजा, ताकि सब कुछ उग सके। शुक्रवार की इस दोपहर में तुम्हारे पास खाने को कुछ है। यह छोटी बात नहीं है।
धन्यवाद देना बहुत आसान है। तुम्हें लंबी प्रार्थना करने की जरूरत नहीं। बस दिल में कहो, धन्यवाद परमेश्वर। और शायद आज तुम किसी इंसान को भी धन्यवाद कह सको, माँ को, या उस दोस्त को जिसने अपना टिफिन तुम्हारे साथ बाँटा।
✩ दोपहर का पल
“यहाँ एक लड़का है, जिसके पास जौ की पाँच रोटी और दो मछलियाँ हैं, परन्तु इतने लोगों के लिये वे क्या हैं।”
यूहन्ना 6:9 (IRV Hindi 2019)
सरल शब्दों में: एक छोटे लड़के के पास सिर्फ पाँच रोटियाँ और दो मछलियाँ थीं। चेलों ने सोचा, इतनी भीड़ के लिए यह तो कुछ भी नहीं है।
क्या तुमने कभी सोचा है कि तुम्हारे पास जो है, वह बहुत छोटा है? स्कूल में शायद किसी ने कहा, तुम्हारी ड्राइंग अच्छी नहीं। या तुमने सोचा, मैं तो बहुत छोटा हूँ।
पहाड़ी पर हज़ारों लोग भूखे बैठे थे। एक लड़के के पास सिर्फ पाँच छोटी रोटियाँ थीं और दो मछलियाँ। शायद माँ ने सुबह बाँधकर दी थीं। वह उन्हें छिपा भी सकता था। पर उसने यीशु को दे दीं।
यीशु ने वह छोटा सा खाना अपने हाथों में लिया, धन्यवाद दिया और बाँटना शुरू किया। सब खाते रहे, खाते रहे। सब भर गए। यीशु के हाथों में छोटी चीज़ें छोटी नहीं रहतीं। तुम्हारे पास जो है, वह भी उसके लिए काफ़ी है।
☾ संध्या का क्षण
“हे सबपरिश्रम करनेवालों और बोझ से दबेलोगों, मेरे पास आओ; मैं तुम्हें विश्राम दूँगा।
मत्ती 11:28 (IRV Hindi 2019)
सरल शब्दों में: यीशु कहते हैं, थके हुए हो? मेरे पास चले आओ। मैं तुम्हें चैन और आराम दूँगा।
शुक्रवार की शाम है। पूरा हफ़्ता बीत गया। तुम्हारा स्कूल बैग कोने में रखा है, और कल सुबह जल्दी उठने की भागदौड़ नहीं है। हो सकता है आज तुम बहुत थक गए हो।
थकान सिर्फ़ पैरों में नहीं होती। कभी मन भी थक जाता है। किसी ने चुभने वाली बात कह दी, या गणित का काम बहुत मुश्किल लगा, या दोस्त ने तुम्हें खेल में नहीं लिया। ये छोटी बातें भी अंदर से भारी लगती हैं।
यीशु कहते हैं, वह सारा बोझ मुझे दे दो। तुम्हें उसे तकिये के नीचे छिपाकर रखने की ज़रूरत नहीं। बस चुपचाप कहो, यीशु, यह सब आप ले लीजिए। और फिर चैन से सो जाओ। तुम सोते हो, पर वे जागते रहते हैं और तुम पर नज़र रखते हैं।
इन अंशों को बाइबल में पढ़ें
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14मैं तेरा धन्यवाद करूँगा, इसलिए कि मैं भयानक और अद्भुत रीति से रचा गया हूँ। तेरे काम तो आश्चर्य के हैं, और मैं इसे भली भाँति जानता हूँ। (प्रका. 15:3)
1यहोवा का धन्यवाद करो, क्योंकि वह भला है; और उसकी करुणा सदा की है!
9“यहाँ एक लड़का है, जिसके पास जौ की पाँच रोटी और दो मछलियाँ हैं, परन्तु इतने लोगों के लिये वे क्या हैं।”
28“हे सबपरिश्रम करनेवालों और बोझ से दबेलोगों, मेरे पास आओ; मैं तुम्हें विश्राम दूँगा।
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