परमेश्वर में आनंद और भरोसा
आनंद और भरोसा
बच्चों के लिए चार छोटे बाइबल पल, भजन संहिता 5:11, नीतिवचन 16:3, यूहन्ना 11:25 and नीतिवचन 3:24 पर आधारित।
☀ सुबह का पल
परन्तु जितने तुझ में शरण लेते हैं वे सब आनन्द करें, वे सर्वदा ऊँचे स्वर से गाते रहें; क्योंकि तू उनकी रक्षा करता है, और जो तेरे नाम के प्रेमी हैं तुझ में प्रफुल्लित हों।
भजन संहिता 5:11 (IRV Hindi 2019)
सरल शब्दों में: जो बच्चे परमेश्वर पर भरोसा रखते हैं, वे खुश रह सकते हैं। परमेश्वर उन्हें सुरक्षित रखता है और उनसे बहुत प्यार करता है।
सुबह की धूप खिड़की से आती है, जूते के फीते बाँधने में उलझते हैं, और बैग कंधे पर रखते ही स्कूल की घंटी याद आने लगती है। शायद आज क्लास में कोई मुश्किल टेस्ट हो, या मैदान में दोस्तों के साथ खेलना हो।
जो भी आज हो, तुम अकेले नहीं जाते। परमेश्वर तुम्हारे साथ चलता है, वही तुम्हें सुबह उठाता है, वही तुम्हें दिन भर संभालता है। जैसे मम्मी तुम्हारा टिफिन तैयार करती है, वैसे ही परमेश्वर हर कदम पर तुम्हारी देखभाल करता है। तुम उसकी शरण में सुरक्षित हो, इसलिए डरने की जरूरत नहीं।
आपकी बारी
आज स्कूल जाने से पहले एक गहरी साँस लो और धीरे से कहो, परमेश्वर आज मेरे साथ चल।
✦ दोपहर का पल
अपने कामों को यहोवा पर डाल दे, इससे तेरी कल्पनाएँ सिद्ध होंगी।
नीतिवचन 16:3 (IRV Hindi 2019)
सरल शब्दों में: जो भी तुम करते हो, उसे परमेश्वर के हाथ में सौंप दो। वह तुम्हारी मदद करेगा।
शुक्रवार की दोपहर है। आधा दिन निकल गया, और अभी भी कुछ काम बाकी हैं, शायद एक होमवर्क, या घर पहुँचकर कोई काम। तुम सोचते हो, 'क्या मैं यह पूरा कर पाऊँगा?'
परमेश्वर कहते हैं कि तुम अपना काम उसे सौंप सकते हो। जैसे तुम भारी बैग किसी बड़े को थमा देते हो, वैसे ही तुम अपनी चिंता भी परमेश्वर को दे सकते हो। वह तुम्हारे साथ चलता है, चाहे वह कक्षा का काम हो या दोस्तों के साथ खेल। तुम्हें अकेले सब कुछ ठीक करने की जरूरत नहीं है।
आपकी बारी
आज दोपहर के बाद जो भी काम बाकी है, उसके लिए परमेश्वर से एक छोटी सी प्रार्थना कर लो, बस इतना कहो, 'मेरी मदद कर।'
✩ दोपहर का पल
यीशु ने उससे कहा, “पुनरुत्थान और जीवन मैं ही हूँ, जो कोई मुझ पर विश्वास करता है वह यदि मर भी जाए, तो भी जीएगा।
यूहन्ना 11:25 (IRV Hindi 2019)
सरल शब्दों में: यीशु ने कहा कि जीवन देने वाला वे खुद हैं। जो उन पर भरोसा करता है, वह हमेशा उनके साथ रहेगा।
स्कूल से घर आते हुए कभी-कभी मन में कोई उदास बात घूमती रहती है। शायद किसी दोस्त का दूसरे शहर जाना याद आ गया, या दादी की तस्वीर देखकर मन भारी हो गया। ऐसी बातें सच में दुख देती हैं, और यह ठीक है कि तुम्हें दुख हो।
यीशु के दोस्त लाज़र की मौत हो गई थी, और यीशु भी रोए थे। पर यीशु ने यह भी कहा कि वे खुद जीवन हैं। इसका मतलब है कि कोई उदासी इतनी बड़ी नहीं कि यीशु उसमें तुम्हारे साथ न हो। वे हर याद में, हर आंसू में तुम्हारे पास रहते हैं।
आपकी बारी
आज शाम घर जाकर किसी को बताओ कि तुम किसे याद करते हो, और उसे प्यार से गले लगाओ।
☾ संध्या का क्षण
जब तू लेटेगा, तब भय न खाएगा, जब तू लेटेगा, तब सुख की नींद आएगी।
नीतिवचन 3:24 (IRV Hindi 2019)
सरल शब्दों में: जब तुम बिस्तर पर लेटते हो, तो डरने की कोई बात नहीं। परमेश्वर तुम्हारे पास है, इसलिए तुम चैन से सो सकते हो।
आज शुक्रवार था, स्कूल का आखिरी दिन, और शायद तुम्हारे पैर थक गए हों दौड़ते-दौड़ते, खेलते-खेलते। अब घर है, रोशनी धीमी है, और आँखें भारी होने लगी हैं।
क्या तुम्हें कभी अंधेरे में थोड़ा अकेलापन लगता है? तब याद रखो, परमेश्वर तुम्हें छोड़कर कहीं नहीं जाता। जैसे मम्मी या पापा रात को तुम्हें कंबल से ढँकते हैं, वैसे ही परमेश्वर तुम्हारे चारों ओर अपना प्यार बिछा देते हैं। तुम सो सकते हो, क्योंकि कोई तुम्हें देख रहा है, कोई तुम्हारी रखवाली कर रहा है।
आपकी बारी
आज सोने से पहले धीरे से कहो, धन्यवाद परमेश्वर, आज का दिन देने के लिए।
इन अंशों को बाइबल में पढ़ें
किसी अंश पर टैप करें और अपने माता-पिता या शिक्षक के साथ यहीं पढ़ें।
11परन्तु जितने तुझ में शरण लेते हैं वे सब आनन्द करें, वे सर्वदा ऊँचे स्वर से गाते रहें; क्योंकि तू उनकी रक्षा करता है, और जो तेरे नाम के प्रेमी हैं तुझ में प्रफुल्लित हों।
3अपने कामों को यहोवा पर डाल दे, इससे तेरी कल्पनाएँ सिद्ध होंगी।
25यीशु ने उससे कहा, “पुनरुत्थान और जीवन मैं ही हूँ, जो कोई मुझ पर विश्वास करता है वह यदि मर भी जाए, तो भी जीएगा।
24जब तू लेटेगा, तब भय न खाएगा, जब तू लेटेगा, तब सुख की नींद आएगी।
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