6 से 12 वर्ष के बच्चे के लिए

1 शमूएल 16

प्राथमिक आयु (6 से 12 वर्ष) के लिए व्याख्या और बाइबल कहानी

बाइबल

The Explanation

शमूएल बहुत दुःखी था। राजा शाऊल ने परमेश्वर की बात नहीं मानी थी, और अब परमेश्वर ने उसे अस्वीकार कर दिया था। पर परमेश्वर शमूएल से कहते हैं, “तू कब तक विलाप करता रहेगा? अपने सींग में तेल भरकर चल, मैं तुझे बैतलहम के यिशै के पास भेजता हूँ, क्योंकि मैंने उसके पुत्रों में से एक को राजा होने के लिये चुना है।” शमूएल डर जाता है, क्योंकि शाऊल को पता चले तो वह उसे मार सकता है। परमेश्वर उसे एक रास्ता बताते हैं, वह यज्ञ करने के बहाने बैतलहम जाए।

जब यिशै के बेटे एक-एक करके शमूएल के सामने आते हैं, तो शमूएल सबसे बड़े बेटे एलीआब को देखकर सोचता है, “यही होगा राजा।” पर परमेश्वर कहते हैं, “उसके रूप या कद को मत देख, क्योंकि मैंने उसे अयोग्य ठहराया है। मनुष्य तो बाहरी रूप देखता है, पर यहोवा हृदय को देखता है।” एक के बाद एक, सात बेटे शमूएल के सामने से गुजरते हैं, और हर बार परमेश्वर कहते हैं, “यह नहीं।” अंत में पता चलता है कि सबसे छोटा बेटा, दाऊद, अभी भी बाहर भेड़-बकरियाँ चरा रहा है। उसे बुलाया जाता है, और जैसे ही वह भीतर आता है, परमेश्वर कहते हैं, “उठकर इसका अभिषेक कर, यही है।” शमूएल तेल से उसका अभिषेक करता है, और उसी दिन से परमेश्वर का आत्मा दाऊद पर बल से उतरने लगता है।

दूसरी ओर, शाऊल पर से परमेश्वर का आत्मा उठ जाता है, और वह बेचैन रहने लगता है। उसके सेवक एक अच्छे वीणा बजाने वाले को ढूँढ़ते हैं, और वह दाऊद ही निकलता है। दाऊद शाऊल के महल में आता है और जब भी शाऊल बेचैन होता, दाऊद वीणा बजाता और शाऊल को चैन मिलता।

What Does This Mean?

यह कहानी एक गहरी बात सिखाती है, परमेश्वर वैसे नहीं देखते जैसे हम देखते हैं। शमूएल ने भी गलती की, वह एलीआब के कद और रूप से प्रभावित हो गया था। हम भी अक्सर यही करते हैं, हम देखते हैं कि कोई कितना मजबूत है, कितना सुंदर दिखता है, कितना बड़ा है। पर परमेश्वर हृदय देखते हैं, मन के भीतर क्या है।

दाऊद सबसे छोटा था, इतना महत्वहीन समझा जाता था कि यिशै ने पहले उसे बुलाया ही नहीं। फिर भी परमेश्वर ने उसी को चुना। यह बताता है कि परमेश्वर की पसंद हमेशा हमारी अपेक्षा के अनुसार नहीं होती। कोई भी पूछ सकता है, क्यों दाऊद? बाइबल यहाँ यह नहीं बताती कि दाऊद के मन में उस समय क्या था। यह एक ऐसा रहस्य है जो पाठ खुद खुला छोड़ देता है।

The Common Thread

दाऊद का अभिषेक एक बड़ी शुरुआत है। बरसों बाद, उसी दाऊद के घराने में, बैतलहम में ही, यीशु मसीह का जन्म होगा। जैसे दाऊद को तुरंत राजा नहीं बनाया गया, बल्कि पहले भेड़ चराते हुए, फिर शाऊल के दरबार में सेवा करते हुए तैयार किया गया, वैसे ही परमेश्वर की योजनाएँ अक्सर धीरे-धीरे, छिपे हुए तरीकों से पूरी होती हैं। परमेश्वर ने दाऊद को तब चुना जब कोई उसे नहीं देख रहा था, और यही परमेश्वर का तरीका है, वे छोटे और भूले हुए लोगों को काम में लेते हैं।

For You

तुम्हारे साथ भी ऐसा हो सकता है कि कोई तुम्हें नज़रअंदाज़ करे, या सोचे कि तुम अभी बहुत छोटे हो, या तुम में कुछ खास नहीं है। याद रखना, परमेश्वर तुम्हारा चेहरा या तुम्हारी उपलब्धियाँ नहीं देखते, वे तुम्हारा हृदय देखते हैं। अगली बार जब तुम किसी को उसके कपड़ों या दिखावे से जज करने लगो, रुक जाना और सोचना, परमेश्वर इस व्यक्ति के भीतर क्या देख रहे होंगे।

Talk About It

शमूएल को एलीआब सबसे अच्छा राजा लगा, पर परमेश्वर को नहीं। तुम्हारे जीवन में कभी ऐसा हुआ है कि तुमने किसी को गलत समझा सिर्फ उसके दिखावे की वजह से?

दाऊद को तुरंत राजा नहीं बनाया गया, पहले उसे इंतज़ार करना पड़ा। तुम्हें क्या लगता है, इंतज़ार करना कठिन क्यों होता है?

Praying Together

प्रभु, आप हमारा बाहरी रूप नहीं, बल्कि हमारा हृदय देखते हैं। हमें सिखाइए कि हम भी दूसरों को उसी तरह देखें। धन्यवाद कि आप छोटों को भी चुनते हैं और उनका उपयोग करते हैं। आमीन।

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1 शमूएल 16 के बारे में प्रश्न

पहली बार इसके बारे में पढ़ने वाले हर किसी के लिए छोटे उत्तर।

1 शमूएल 16 किस विषय में है?
शमूएल बहुत दुःखी था। राजा शाऊल ने परमेश्वर की बात नहीं मानी थी, और अब परमेश्वर ने उसे अस्वीकार कर दिया था। पर परमेश्वर शमूएल से कहते हैं, “तू कब तक विलाप करता रहेगा? अपने सींग में तेल भरकर चल, मैं तुझे बैतलहम के यिशै के पास भेजता हूँ, क्योंकि मैंने उसके पुत्रों में से एक को राजा होने के लिये चुना है।” शमूएल डर जाता है, क्योंकि शाऊल को पता चले तो वह उसे मार सकता है। परमेश्वर उसे एक रास्ता बताते हैं, वह यज्ञ करने के बहाने बैतलहम जाए।
1 शमूएल 16 क्या कहता है?
दूसरी ओर, शाऊल पर से परमेश्वर का आत्मा उठ जाता है, और वह बेचैन रहने लगता है। उसके सेवक एक अच्छे वीणा बजाने वाले को ढूँढ़ते हैं, और वह दाऊद ही निकलता है। दाऊद शाऊल के महल में आता है और जब भी शाऊल बेचैन होता, दाऊद वीणा बजाता और शाऊल को चैन मिलता।
1 शमूएल 16 हमें परमेश्वर के बारे में क्या सिखाता है?
दाऊद सबसे छोटा था, इतना महत्वहीन समझा जाता था कि यिशै ने पहले उसे बुलाया ही नहीं। फिर भी परमेश्वर ने उसी को चुना। यह बताता है कि परमेश्वर की पसंद हमेशा हमारी अपेक्षा के अनुसार नहीं होती। कोई भी पूछ सकता है, क्यों दाऊद? बाइबल यहाँ यह नहीं बताती कि दाऊद के मन में उस समय क्या था। यह एक ऐसा रहस्य है जो पाठ खुद खुला छोड़ देता है।
बच्चे 1 शमूएल 16 से क्या सीख सकते हैं?
तुम्हारे साथ भी ऐसा हो सकता है कि कोई तुम्हें नज़रअंदाज़ करे, या सोचे कि तुम अभी बहुत छोटे हो, या तुम में कुछ खास नहीं है। याद रखना, परमेश्वर तुम्हारा चेहरा या तुम्हारी उपलब्धियाँ नहीं देखते, वे तुम्हारा हृदय देखते हैं। अगली बार जब तुम किसी को उसके कपड़ों या दिखावे से जज करने लगो, रुक जाना और सोचना, परमेश्वर इस व्यक्ति के भीतर क्या देख रहे होंगे।
1 शमूएल 16 एक महत्वपूर्ण बाइबल कहानी क्यों है?
दाऊद को तुरंत राजा नहीं बनाया गया, पहले उसे इंतज़ार करना पड़ा। तुम्हें क्या लगता है, इंतज़ार करना कठिन क्यों होता है?

दूसरों ने क्या पाया

अंतर्दृष्टि संपादकीय पर पद 12

दाऊद को भोज में बुलाया तक नहीं गया था। सात भाई पंक्ति में खड़े थे, और सबसे छोटा भेड़ों के पीछे खेत में था। पर परमेश्वर की नज़र वहीं टिकी थी। "उठकर इसका अभिषेक कर, क्योंकि यही है।" जहाँ तुझे कोई गिनती में नहीं लेता, वहाँ भी परमेश्वर तुझे जानता है। क्या तू उसकी बुलाहट सुनने को तैयार है?

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