7 से 12 वर्ष के बच्चे के लिए

2 शमूएल 9

प्राथमिक आयु (7-12) के लिए व्याख्या और बाइबल कहानी

बाइबल

The Explanation

राजा दाऊद एक दिन अपने सिंहासन पर बैठे थे, और उनके मन में एक पुराना नाम आया। "योनातान।" योनातान दाऊद का सबसे प्यारा दोस्त था, पर वह अब नहीं रहा। दाऊद ने पूछा, "क्या शाऊल के घराने में से कोई अब तक बचा है, जिसको मैं योनातान के कारण प्रीति दिखाऊँ?"

सेवकों ने सीबा नाम के एक आदमी को बुलाया। सीबा पहले शाऊल के घर में काम करता था। दाऊद ने उससे पूछा, "क्या कोई बचा है?" सीबा ने कहा, "हाँ, योनातान का एक बेटा है, जो लँगड़ा है।" उसका नाम मपीबोशेत था। वह दोनों पाँवों से चल नहीं पाता था, कोई उसे उठाकर ले जाता था।

दाऊद ने तुरंत दूत भेजा। मपीबोशेत को राजमहल बुलाया गया। सोचो, मपीबोशेत का दिल कैसे धड़क रहा होगा! उसके दादा शाऊल दाऊद के दुश्मन थे। क्या राजा उसे मार डालेगा? जब वह दाऊद के सामने आया, तो मुँह के बल गिर पड़ा और दण्डवत् किया। दाऊद ने प्यार से कहा, "हे मपीबोशेत!" उसने काँपते हुए उत्तर दिया, "तेरे दास को क्या आज्ञा?"

तब दाऊद ने जो कहा, वह सुनकर मपीबोशेत चौंक गया होगा। "मत डर। तेरे पिता योनातान के कारण मैं निश्चय तुझको प्रीति दिखाऊँगा। तेरे दादा शाऊल की सारी भूमि तुझे वापस दूँगा। और तू मेरी मेज पर हमेशा भोजन किया कर!" मपीबोशेत ने कहा, "तेरा दास क्या है, कि तू मुझे ऐसे मरे कुत्ते की ओर देखे?" वह खुद को बहुत छोटा समझता था।

दाऊद ने सीबा को बुलाकर कहा, जो कुछ शाऊल का था, वह सब मपीबोशेत का हो गया है। सीबा और उसके बेटे अब मपीबोशेत के लिए खेती करेंगे, पर मपीबोशेत खुद राजा की मेज पर भोजन करेगा, राजकुमारों के समान। और ऐसा ही हुआ। मपीबोशेत यरूशलेम में रहने लगा, हर दिन राजा के साथ खाना खाता, जैसे वह दाऊद का अपना बेटा हो।

What Does This Mean?

मपीबोशेत कुछ भी नहीं कर सकता था जिससे वह राजा की मेज पर बैठने के लायक बने। वह लँगड़ा था, डरा हुआ था, और अपने आप को कुत्ते जैसा समझता था। पर दाऊद ने उसे खोजा, बुलाया और अपनी मेज पर जगह दी। यह इसलिए हुआ क्योंकि दाऊद ने योनातान से एक वादा किया था। यह वादा प्रेम से भरा था, और दाऊद ने उसे निभाया, भले ही मपीबोशेत कुछ भी वापस नहीं दे सकता था।

The Common Thread

यह कहानी हमें दिखाती है कि परमेश्वर कैसे हैं। हम सब मपीबोशेत जैसे हैं, कुछ टूटा हुआ है हम में, और हम परमेश्वर से दूर भागने वाले परिवार से आते हैं। फिर भी परमेश्वर हमें खोजते हैं। यीशु मसीह हमें बुलाते हैं और कहते हैं, "मत डरो।" वे हमें अपनी मेज पर जगह देते हैं, बिल्कुल जैसे दाऊद ने मपीबोशेत को दी। यह हम कमाते नहीं, यह प्रेम से मिलता है।

For You

क्या तुम्हारे आसपास कोई ऐसा है जिसे अकेला छोड़ दिया गया है? शायद कोई बच्चा जो खेल में कभी नहीं चुना जाता। दाऊद की तरह, तुम भी उसे खोज सकते हो और अपने साथ बिठा सकते हो। और जब तुम्हें लगे कि तुम परमेश्वर की मेज पर बैठने लायक नहीं हो, याद रखो, मपीबोशेत भी नहीं था, फिर भी राजा ने उसे बुलाया।

Talk About It

अगर तुम मपीबोशेत होते, तो दाऊद के बुलावे पर जाते हुए तुम्हें कैसा लगता?

तुम किसी एक व्यक्ति को कैसे अपनी "मेज" पर बिठा सकते हो, जैसे दाऊद ने मपीबोशेत को बिठाया?

Praying Together

प्रभु यीशु, धन्यवाद कि आप हमें खोजते हैं, जैसे दाऊद ने मपीबोशेत को खोजा। हम आपकी मेज पर बैठने लायक नहीं थे, फिर भी आपने हमें बुलाया। हमें भी सिखाइए कि हम अकेले लोगों को खोजें और उनसे प्रेम करें। आमीन।

यह बाइबल कहानी साझा करें

अन्य माता पिता या शिक्षकों के लिए, जिन्हें यह उपयोगी लग सकता है।

WhatsApp Email Facebook X / Twitter

2 शमूएल 9 के बारे में प्रश्न

पहली बार इसके बारे में पढ़ने वाले हर किसी के लिए छोटे उत्तर।

2 शमूएल 9 किस विषय में है?
राजा दाऊद एक दिन अपने सिंहासन पर बैठे थे, और उनके मन में एक पुराना नाम आया। "योनातान।" योनातान दाऊद का सबसे प्यारा दोस्त था, पर वह अब नहीं रहा। दाऊद ने पूछा, "क्या शाऊल के घराने में से कोई अब तक बचा है, जिसको मैं योनातान के कारण प्रीति दिखाऊँ?"
2 शमूएल 9 क्या कहता है?
दाऊद ने तुरंत दूत भेजा। मपीबोशेत को राजमहल बुलाया गया। सोचो, मपीबोशेत का दिल कैसे धड़क रहा होगा! उसके दादा शाऊल दाऊद के दुश्मन थे। क्या राजा उसे मार डालेगा? जब वह दाऊद के सामने आया, तो मुँह के बल गिर पड़ा और दण्डवत् किया। दाऊद ने प्यार से कहा, "हे मपीबोशेत!" उसने काँपते हुए उत्तर दिया, "तेरे दास को क्या आज्ञा?
2 शमूएल 9 हमें परमेश्वर के बारे में क्या सिखाता है?
दाऊद ने सीबा को बुलाकर कहा, जो कुछ शाऊल का था, वह सब मपीबोशेत का हो गया है। सीबा और उसके बेटे अब मपीबोशेत के लिए खेती करेंगे, पर मपीबोशेत खुद राजा की मेज पर भोजन करेगा, राजकुमारों के समान। और ऐसा ही हुआ। मपीबोशेत यरूशलेम में रहने लगा, हर दिन राजा के साथ खाना खाता, जैसे वह दाऊद का अपना बेटा हो।
बच्चे 2 शमूएल 9 से क्या सीख सकते हैं?
यह कहानी हमें दिखाती है कि परमेश्वर कैसे हैं। हम सब मपीबोशेत जैसे हैं, कुछ टूटा हुआ है हम में, और हम परमेश्वर से दूर भागने वाले परिवार से आते हैं। फिर भी परमेश्वर हमें खोजते हैं। यीशु मसीह हमें बुलाते हैं और कहते हैं, "मत डरो।" वे हमें अपनी मेज पर जगह देते हैं, बिल्कुल जैसे दाऊद ने मपीबोशेत को दी। यह हम कमाते नहीं, यह प्रेम से मिलता है।
2 शमूएल 9 एक महत्वपूर्ण बाइबल कहानी क्यों है?
अगर तुम मपीबोशेत होते, तो दाऊद के बुलावे पर जाते हुए तुम्हें कैसा लगता?

दूसरों ने क्या पाया

अंतर्दृष्टि संपादकीय पर पद 13

अतः मपीबोशेत यरूशलेम में रहने लगा, क्योंकि वह राजा की मेज पर नित्य भोजन किया करता था। और वह दोनों पाँवों से लंगड़ा था।" ध्यान दे, कहानी के अंत में भी उसका लंगड़ापन नहीं गया। पर मेज़ के नीचे उसके पाँव किसी को दिखते न थे, वह बस राजा का बेटा लगता था। तेरी कमज़ोरी शायद आज भी तेरे साथ है। फिर भी तेरी जगह मेज़ पर है।

अंतर्दृष्टि संपादकीय पर पद 12

मपीबोशेत लँगड़ा था, छिपकर लो-देबार में रहता था, और उसके पास खोने को कुछ बचा भी न था। फिर भी लिखा है, "मपीबोशेत के मीका नामक एक छोटा पुत्र था।" जिस घर को मिटा हुआ समझा गया, वहाँ एक बच्चा खेल रहा है। दाऊद की दया सिर्फ़ एक आदमी तक नहीं रुकी, वह अगली पीढ़ी तक पहुँची। परमेश्वर तुझ पर जो कृपा करता है, वह तेरे बाद भी किसी के लिए आशीष बनेगी।

अंतर्दृष्टि संपादकीय पर पद 11

मपीबोशेत के पैर ठीक नहीं हुए। वह जीवन भर लंगड़ा ही रहा। पर लिखा है, "मपीबोशेत राजा के पुत्रों में से एक के समान राजा की मेज पर खाता था।" मेज़ के नीचे उसकी कमज़ोरी छिपी रही, और ऊपर उसे बेटे का सम्मान मिला।

तेरी जो कमी कभी दूर नहीं हुई, वह तुझे परमेश्वर की मेज़ से दूर नहीं रखती। वह तुझे बेटा कहकर बुलाता है।

किसी अन्य आयु वर्ग की तलाश है?

हमारे पास छोटे बच्चों (3-6 वर्ष) और किशोरों (12 वर्ष और अधिक) के लिए विशेष संस्करण भी हैं।

बच्चों की बाइबल टूल में खोलें

For parents and teachers: 7 से 12 वर्ष के उन बच्चों के लिए लिखा गया जो स्वयं पढ़ सकते हैं। पारिवारिक भक्ति और स्कूल में बाइबल पाठ के लिए उत्तम। This explanation is generated automatically by language models. While we strive for theological soundness, the software can make mistakes.

© 2026 Faith.Network. सर्वाधिकार सुरक्षित।

Faith.network एक सेवकाई है Faith.network · KvK 84972599 · connect@faith.network