7 से 12 वर्ष के बच्चे के लिए

दानिय्येल 12

प्राथमिक आयु (7-12) के लिए व्याख्या और बाइबल कहानी

बाइबल

दानिय्येल की समझाई हुई कहानी (दानिय्येल 12)

The Explanation

दानिय्येल ने बहुत सारे दर्शन देखे थे। अजीब जानवर, चमकते हुए स्वर्गदूत, और आने वाले समय की बातें। अब आखिर में एक स्वर्गदूत उससे कहता है, "एक बड़ा प्रधान है, उसका नाम मीकाएल है। वह तेरे लोगों की रक्षा करने के लिए खड़ा होगा।" फिर वह एक कठिन बात बताता है, ऐसा संकट आएगा जैसा पहले कभी नहीं हुआ। पर फिर एक वादा भी आता है, जिनके नाम परमेश्वर की पुस्तक में लिखे हैं, वे बच निकलेंगे।

फिर दानिय्येल को कुछ और सुनने को मिलता है, जो सोचने पर मजबूर कर देता है। जो लोग मर चुके हैं और भूमि के नीचे सोए हैं, वे एक दिन जाग उठेंगे। कुछ लोग हमेशा के जीवन के लिए जागेंगे, और बुद्धिमान लोग आकाश के तारों जैसे चमकेंगे।

दानिय्येल एक नदी के किनारे खड़ा देखता है दो पुरुषों को। एक नदी के इस पार, एक उस पार। नदी के ऊपर हवा में एक और पुरुष खड़ा है, उसने सन का सफेद वस्त्र पहना है। एक पुरुष पूछता है, "इन सब आश्चर्यकर्मों का अंत कब होगा?" वह हवा में खड़ा पुरुष अपने दोनों हाथ आकाश की ओर उठाता है और कसम खाकर कहता है कि यह समय सीमित है।

दानिय्येल यह सब सुनता है, पर समझ नहीं पाता। वह पूछता है, "हे मेरे प्रभु, अंत में क्या होगा?" जवाब मिलता है, "दानिय्येल, अब जा। ये बातें अभी के लिए बंद हैं।" फिर एक सुंदर वादा आता है: जो धीरज धरकर अंत तक ठहरा रहेगा, वह धन्य होगा।

What Does This Mean?

यह कहानी कठिन लगती है, है ना? दानिय्येल भी नहीं समझ पाया था। पर एक बात साफ है: कठिन समय आएगा, पर परमेश्वर अपने लोगों को नहीं भूलेंगे। मीकाएल नाम का बड़ा प्रधान उनके लिए खड़ा होगा, जैसे एक मजबूत योद्धा अपने दोस्तों की रक्षा के लिए खड़ा होता है।

सबसे खास बात यह है, जिनके नाम परमेश्वर की पुस्तक में लिखे हैं, वे बच जाएंगे। सोचो, परमेश्वर के पास एक पुस्तक है, और उसमें नाम लिखे हैं! क्या तुम्हें डर लगता है अंधेरे में? दानिय्येल को भी अनजानी बातों से घबराहट हुई होगी। पर परमेश्वर ने कहा, धीरज धरो, अंत भला होगा।

The Common Thread

यह पूरी कहानी हमें यीशु मसीह की तरफ इशारा करती है। दानिय्येल ने पढ़ा कि मरे हुए लोग जाग उठेंगे, कुछ हमेशा के जीवन के लिए। यीशु मसीह ने यही किया, वे मरे हुओं में से जी उठे! और जो उन पर भरोसा करते हैं, वे भी एक दिन जी उठेंगे।

जैसे मीकाएल परमेश्वर के लोगों की रक्षा के लिए खड़ा हुआ, वैसे ही यीशु मसीह हमारे लिए खड़े हैं। वे कहते हैं, "मैं तुम्हारे साथ हूं, हमेशा।" परमेश्वर की पुस्तक में नाम लिखा होना, यह भी यीशु मसीह से जुड़ा है। जो उन पर भरोसा करता है, उसका नाम जीवन की पुस्तक में लिखा जाता है।

For You

कभी-कभी तुम्हें भी लगता होगा कि दुनिया में बुरी बातें हो रही हैं। समाचार में डरावनी खबरें, या स्कूल में मुश्किल दिन। दानिय्येल भी परेशान था, पर उसने धीरज रखा।

आज तुम भी यह कर सकते हो: जब कुछ डरावना या मुश्किल लगे, प्रार्थना करो। कहो, "परमेश्वर, मुझे धीरज दीजिए, जैसे आपने दानिय्येल को दिया।" और याद रखो, अगर तुमने यीशु मसीह पर भरोसा किया है, तो तुम्हारा नाम भी उनकी पुस्तक में लिखा है।

Talk About It

अगर तुम्हारे नाम की जगह परमेश्वर की पुस्तक में तुम्हारा नाम लिखा हो, तो इसके बारे में सोचकर कैसा लगता है?

दानिय्येल को सब कुछ समझ नहीं आया, फिर भी उसने परमेश्वर पर भरोसा रखा। क्या तुम भी ऐसा कर सकते हो, जब कुछ समझ न आए?

Praying Together

प्रिय परमेश्वर, धन्यवाद कि आप हमें कभी नहीं भूलते। जैसे आपने दानिय्येल के लोगों की रक्षा के लिए मीकाएल को भेजा, वैसे ही आप हमारी भी रक्षा करते हैं। जब हमें डर लगे या समझ न आए, हमें धीरज दीजिए। धन्यवाद यीशु मसीह के लिए, जो मृत्यु से जी उठे। हमारा नाम भी अपनी पुस्तक में रखिए। आमीन।

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दानिय्येल 12 के बारे में प्रश्न

पहली बार इसके बारे में पढ़ने वाले हर किसी के लिए छोटे उत्तर।

दानिय्येल 12 किस विषय में है?
दानिय्येल ने बहुत सारे दर्शन देखे थे। अजीब जानवर, चमकते हुए स्वर्गदूत, और आने वाले समय की बातें। अब आखिर में एक स्वर्गदूत उससे कहता है, "एक बड़ा प्रधान है, उसका नाम मीकाएल है। वह तेरे लोगों की रक्षा करने के लिए खड़ा होगा।" फिर वह एक कठिन बात बताता है, ऐसा संकट आएगा जैसा पहले कभी नहीं हुआ। पर फिर एक वादा भी आता है, जिनके नाम परमेश्वर की पुस्तक में लिखे हैं, वे बच निकलेंगे।
दानिय्येल 12 क्या कहता है?
दानिय्येल यह सब सुनता है, पर समझ नहीं पाता। वह पूछता है, "हे मेरे प्रभु, अंत में क्या होगा?" जवाब मिलता है, "दानिय्येल, अब जा। ये बातें अभी के लिए बंद हैं।" फिर एक सुंदर वादा आता है: जो धीरज धरकर अंत तक ठहरा रहेगा, वह धन्य होगा।
दानिय्येल 12 हमें परमेश्वर के बारे में क्या सिखाता है?
यह पूरी कहानी हमें यीशु मसीह की तरफ इशारा करती है। दानिय्येल ने पढ़ा कि मरे हुए लोग जाग उठेंगे, कुछ हमेशा के जीवन के लिए। यीशु मसीह ने यही किया, वे मरे हुओं में से जी उठे! और जो उन पर भरोसा करते हैं, वे भी एक दिन जी उठेंगे।
बच्चे दानिय्येल 12 से क्या सीख सकते हैं?
आज तुम भी यह कर सकते हो: जब कुछ डरावना या मुश्किल लगे, प्रार्थना करो। कहो, "परमेश्वर, मुझे धीरज दीजिए, जैसे आपने दानिय्येल को दिया।" और याद रखो, अगर तुमने यीशु मसीह पर भरोसा किया है, तो तुम्हारा नाम भी उनकी पुस्तक में लिखा है।
दानिय्येल 12 एक महत्वपूर्ण बाइबल कहानी क्यों है?
प्रिय परमेश्वर, धन्यवाद कि आप हमें कभी नहीं भूलते। जैसे आपने दानिय्येल के लोगों की रक्षा के लिए मीकाएल को भेजा, वैसे ही आप हमारी भी रक्षा करते हैं। जब हमें डर लगे या समझ न आए, हमें धीरज दीजिए। धन्यवाद यीशु मसीह के लिए, जो मृत्यु से जी उठे। हमारा नाम भी अपनी पुस्तक में रखिए। आमीन।

दूसरों ने क्या पाया

अंतर्दृष्टि संपादकीय पर पद 6

इन आश्चर्यकर्मों का अन्त कितने दिन के बाद होगा?" यह सवाल दानिय्येल ने नहीं, एक स्वर्गदूत ने पूछा था। सोचो, जो परमेश्वर के सामने खड़ा रहता है, वह भी "कब तक?" पूछता है। तो तेरा यह थका हुआ सवाल अविश्वास नहीं है। पर ध्यान दे, जवाब उसी से आता है जो नदी के जल के ऊपर खड़ा है, समय के बहाव से ऊपर।

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For parents and teachers: 7 से 12 वर्ष के उन बच्चों के लिए लिखा गया जो स्वयं पढ़ सकते हैं। पारिवारिक भक्ति और स्कूल में बाइबल पाठ के लिए उत्तम। This explanation is generated automatically by language models. While we strive for theological soundness, the software can make mistakes.

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