7 से 12 वर्ष के बच्चे के लिए

एस्तेर 5

प्राथमिक आयु (7-12) के लिए व्याख्या और बाइबल कहानी

बाइबल

एस्तेर 5 की कहानी

The Explanation

एस्तेर रानी थी, पर वह डरी हुई थी। राजा के सामने बिना बुलाए जाना खतरनाक था। फिर भी तीसरे दिन उसने अपने सुंदर राजकीय वस्त्र पहने और राजभवन के आँगन में जाकर खड़ी हो गई। उसका दिल ज़ोर-ज़ोर से धड़क रहा होगा।

राजा ने जब एस्तेर को देखा, तो वह प्रसन्न हो गया। उसने सोने का राजदण्ड उसकी ओर बढ़ाया। यह एक संकेत था, "डरो मत, अंदर आओ।" एस्तेर ने निकट जाकर उस राजदण्ड की नोक छुई।

राजा ने पूछा, "हे एस्तेर रानी, तुझे क्या चाहिए? माँग, तुझे आधा राज्य तक दिया जाएगा।" पर एस्तेर ने सीधे अपनी बड़ी माँग नहीं रखी। उसने कहा, "आज राजा हामान को साथ लेकर मेरे भोज में आएँ।" राजा और हामान उस भोज में गए।

भोज के समय राजा ने फिर पूछा, "तेरा निवेदन क्या है?" एस्तेर ने उत्तर दिया कि वह कल फिर एक भोज करेगी, और तब अपनी माँग बताएगी। वह धीरे-धीरे, बुद्धि से आगे बढ़ रही थी।

हामान उस दिन बहुत खुश होकर घर गया। रानी के भोज में बुलाए जाने से वह गर्व से फूला नहीं समा रहा था। पर जब उसने राजभवन के फाटक पर मोर्दकै को देखा, जो न खड़ा हुआ और न झुका, तो हामान का सारा आनंद गुस्से में बदल गया।

हामान ने अपने मित्रों और अपनी पत्नी जेरेश को बुलाकर अपनी सारी दौलत और बड़प्पन की डींगें मारीं। फिर भी उसने कहा, "जब तक वह यहूदी मोर्दकै फाटक पर बैठा दिखता है, मुझे यह सब व्यर्थ लगता है।" उसकी पत्नी और मित्रों ने एक भयानक सलाह दी, "पचास हाथ ऊँचा फांसी का खम्भा बनवाओ, और सुबह राजा से कहकर मोर्दकै को उस पर लटका दो।" हामान यह सुनकर खुश हुआ और उसने वैसा ही खम्भा बनवा दिया।

What Does This Mean?

एस्तेर डरी हुई थी, पर फिर भी आगे बढ़ी। यह बहुत महत्वपूर्ण बात है। डर लगना बुरी बात नहीं है, पर डर के बावजूद सही काम करना असली हिम्मत है। एस्तेर ने जल्दबाज़ी नहीं की, उसने बुद्धि से, धीरे-धीरे अपनी योजना बनाई।

दूसरी ओर हामान को देखो। उसके पास सब कुछ था, पैसा, पद, सम्मान। फिर भी एक अकेला आदमी जो उसके सामने नहीं झुका, उसकी सारी खुशी छीन ले रहा था। घमंड कभी संतुष्ट नहीं होता। हामान का गुस्सा उसे एक भयानक योजना की ओर ले गया।

The Common Thread

परमेश्वर का नाम इस अध्याय में कहीं नहीं लिखा है, पर वे वहाँ ज़रूर काम कर रहे हैं। एस्तेर को हिम्मत कौन दे रहा था? किसने उसके दिल में बुद्धि डाली कि वह जल्दबाज़ी न करे? परमेश्वर परदे के पीछे से अपने लोगों की रक्षा कर रहे थे, जैसे वे हमेशा करते हैं। जिस तरह प्रभु यीशु मसीह भी सही समय पर, सही तरीके से आगे बढ़े, उसी तरह एस्तेर ने धैर्य रखा और भरोसा किया।

For You

जब तुम्हें कोई मुश्किल काम करना हो, जैसे सच बोलना या किसी को माफ करना, तो तुम भी डर सकते हो। पर एस्तेर की तरह हिम्मत करके आगे बढ़ो। और जब कोई तुम्हें चिढ़ाए या तुम्हारी बात न माने, तो हामान की तरह गुस्से में मत आना। परमेश्वर से मदद माँगो, जैसे एस्तेर ने चुपचाप भरोसा रखा।

Talk About It

क्या तुम्हें कभी किसी मुश्किल काम से पहले डर लगा है? तब तुमने क्या किया?

हामान अपनी सारी दौलत के बावजूद दुखी क्यों था?

Praying Together

हे प्रभु, जब हमें डर लगे, तब हमें एस्तेर जैसी हिम्मत दीजिए। हमारे दिल को घमंड और गुस्से से बचाइए। हमें याद दिलाइए कि आप हमेशा हमारे साथ हैं, भले ही हम आपको देख न सकें। आमीन।

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एस्तेर 5 के बारे में प्रश्न

पहली बार इसके बारे में पढ़ने वाले हर किसी के लिए छोटे उत्तर।

एस्तेर 5 किस विषय में है?
एस्तेर रानी थी, पर वह डरी हुई थी। राजा के सामने बिना बुलाए जाना खतरनाक था। फिर भी तीसरे दिन उसने अपने सुंदर राजकीय वस्त्र पहने और राजभवन के आँगन में जाकर खड़ी हो गई। उसका दिल ज़ोर-ज़ोर से धड़क रहा होगा।
एस्तेर 5 क्या कहता है?
राजा ने पूछा, "हे एस्तेर रानी, तुझे क्या चाहिए? माँग, तुझे आधा राज्य तक दिया जाएगा।" पर एस्तेर ने सीधे अपनी बड़ी माँग नहीं रखी। उसने कहा, "आज राजा हामान को साथ लेकर मेरे भोज में आएँ।" राजा और हामान उस भोज में गए।
एस्तेर 5 हमें परमेश्वर के बारे में क्या सिखाता है?
हामान उस दिन बहुत खुश होकर घर गया। रानी के भोज में बुलाए जाने से वह गर्व से फूला नहीं समा रहा था। पर जब उसने राजभवन के फाटक पर मोर्दकै को देखा, जो न खड़ा हुआ और न झुका, तो हामान का सारा आनंद गुस्से में बदल गया।
बच्चे एस्तेर 5 से क्या सीख सकते हैं?
एस्तेर डरी हुई थी, पर फिर भी आगे बढ़ी। यह बहुत महत्वपूर्ण बात है। डर लगना बुरी बात नहीं है, पर डर के बावजूद सही काम करना असली हिम्मत है। एस्तेर ने जल्दबाज़ी नहीं की, उसने बुद्धि से, धीरे-धीरे अपनी योजना बनाई।
एस्तेर 5 एक महत्वपूर्ण बाइबल कहानी क्यों है?
परमेश्वर का नाम इस अध्याय में कहीं नहीं लिखा है, पर वे वहाँ ज़रूर काम कर रहे हैं। एस्तेर को हिम्मत कौन दे रहा था? किसने उसके दिल में बुद्धि डाली कि वह जल्दबाज़ी न करे? परमेश्वर परदे के पीछे से अपने लोगों की रक्षा कर रहे थे, जैसे वे हमेशा करते हैं। जिस तरह प्रभु यीशु मसीह भी सही समय पर, सही तरीके से आगे बढ़े, उसी तरह एस्तेर ने धैर्य रखा और भरोसा किया।

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For parents and teachers: 7 से 12 वर्ष के उन बच्चों के लिए लिखा गया जो स्वयं पढ़ सकते हैं। पारिवारिक भक्ति और स्कूल में बाइबल पाठ के लिए उत्तम। This explanation is generated automatically by language models. While we strive for theological soundness, the software can make mistakes.

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