निर्गमन 12
प्राथमिक आयु (7-12) के लिए व्याख्या और बाइबल कहानी
निर्गमन 12: मेम्ने का लहू और छुटकारे की रात
The Explanation
मिस्र देश में इस्राएली लोग सालों से गुलाम थे। परमेश्वर ने मूसा और हारून से कहा, एक खास रात आने वाली है। इस रात परमेश्वर खुद मिस्र देश में से होकर जाएँगे।
हर घराने को एक मेम्ना लेना था, बिना दोष वाला, एक साल का नर मेम्ना। चौदहवें दिन शाम को उसे मारना था। फिर उसका लहू लेकर घर के द्वार की चौखट पर, दोनों ओर और ऊपर लगाना था। सोचो, घर के दरवाजे पर लाल लहू, हर घर में।
उस रात मेम्ने का मांस आग में भूनकर खाना था, साथ में बिना खमीर की रोटी और कड़वा साग। लोगों को कमर बाँधकर, जूती पहनकर, हाथ में लाठी लेकर खाना था। जैसे कोई यात्रा के लिए तैयार बैठा हो, जल्दी निकलने को।
आधी रात को वह हुआ जो परमेश्वर ने कहा था। मिस्र के हर घर में पहिलौठा बेटा मर गया, राजा फ़िरौन के घर से लेकर कैदी के घर तक। पर जिन घरों की चौखट पर लहू लगा था, वहाँ परमेश्वर उस घर को छोड़ गए। कोई नुकसान नहीं हुआ।
मिस्र में बड़ा रोना पीटना मच गया। फ़िरौन ने रात ही में मूसा और हारून को बुलाया और कहा, "जाओ, निकल जाओ!" इस्राएली लोग जल्दी से अपना आटा उठाकर, बिना खमीर मिलाए, कंधे पर रखकर चल पड़े। छह लाख पुरुष, उनके परिवार, उनके पशु, सब मिस्र से निकल गए। चार सौ तीस साल की गुलामी के बाद आखिरकार वे आज़ाद हुए।
What Does This Mean?
यह सिर्फ एक कहानी नहीं है, यह दिखाता है कि परमेश्वर अपने वचन के पक्के हैं। उन्होंने कहा था, मैं अपने लोगों को छुड़ाऊँगा, और उन्होंने वैसा ही किया। मेम्ने का लहू बचाव की निशानी था। जिस घर पर लहू था, वहाँ मौत नहीं आई। यह दिखाता है कि परमेश्वर एक रास्ता देते हैं बचने का, पर उस रास्ते पर चलना पड़ता है। इस्राएलियों को सिर्फ विश्वास करके लहू लगाना था, और परमेश्वर ने बाकी किया।
The Common Thread
बहुत साल बाद, यीशु मसीह को "परमेश्वर का मेम्ना" कहा गया। जैसे उस रात मेम्ने का लहू घरों को बचाने का कारण बना, वैसे ही यीशु मसीह का लहू हमें बचाने के लिए बहाया गया। जैसे इस्राएली लोग मिस्र की गुलामी से आज़ाद हुए, वैसे ही यीशु मसीह हमें पाप की गुलामी से आज़ाद करते हैं। यह पर्व हर साल मनाया जाता रहा ताकि कोई इसे भूले नहीं। परमेश्वर चाहते हैं कि हम भी कभी न भूलें कि उन्होंने हमें कैसे बचाया।
For You
जब तुम्हें याद आए कि यीशु मसीह ने तुम्हारे लिए अपनी जान दी, तो यह वैसा ही है जैसे उस लहू को देखकर परमेश्वर रुक गए थे। तुम आज किसी को बता सकते हो कि परमेश्वर कैसे बचाते हैं। और जब तुम्हें डर लगे, याद रखो कि परमेश्वर अपने वादे निभाते हैं, जैसे उन्होंने इस्राएलियों के साथ निभाया।
Talk About It
अगर तुम उस रात इस्राएली घर में होते, और तुम्हें दरवाजे पर लहू लगाना होता, क्या तुम डरते या भरोसा करते?
तुम्हें क्या लगता है, यीशु मसीह को "परमेश्वर का मेम्ना" क्यों कहा जाता है?
Praying Together
प्रभु, धन्यवाद कि आप अपने वादे निभाते हैं। धन्यवाद कि यीशु मसीह ने अपना लहू हमारे लिए दिया, ताकि हम बच सकें। हमें मदद कीजिए कि हम आप पर भरोसा रखें, जैसे इस्राएली लोगों ने रखा। आमीन।
निर्गमन 12 के बारे में प्रश्न
पहली बार इसके बारे में पढ़ने वाले हर किसी के लिए छोटे उत्तर।
निर्गमन 12 किस विषय में है?
निर्गमन 12 क्या कहता है?
निर्गमन 12 हमें परमेश्वर के बारे में क्या सिखाता है?
बच्चे निर्गमन 12 से क्या सीख सकते हैं?
निर्गमन 12 एक महत्वपूर्ण बाइबल कहानी क्यों है?
दूसरों ने क्या पाया
उस रात परमेश्वर ने घर के भीतर झाँककर यह नहीं देखा कि अंदर कौन कितना अच्छा है। उसने चौखट पर लगे लहू को देखा: "जब वह डाँड़े और दोनों बाजुओं पर उस लहू को देखे, तब यहोवा उस द्वार को छोड़ जाएगा।" तेरी सुरक्षा तेरी योग्यता में नहीं, उस लहू में है जो तेरे लिये बहाया गया। क्या तूने अपना द्वार उससे चिन्हित किया है?
उस रात मेम्ने का कुछ भी बचाकर नहीं रखना था। "और उसमें से कुछ सवेरे तक न रहने देना।" परमेश्वर ने उतना ही दिया जितना उस रात के लिए चाहिए था, और चाहा कि वह पूरा खाया जाए। हम अकसर कृपा को बचाकर रखना चाहते हैं, थोड़ा आज, थोड़ा कल के लिए। पर मसीह आज पूरे का पूरा लिया जाता है। कल के लिए कल की ताज़ा दया मिलेगी।
अपने सब घरों में अख़मीरी रोटी खाना।" आज़ादी की रात सिर्फ़ मंदिर की बात नहीं थी, वह रसोई तक पहुँची। ख़मीर थोड़ा सा होता है, दिखता भी नहीं, पर पूरे गुँधे आटे को बदल देता है। इसलिए परमेश्वर ने घर के कोनों की सफ़ाई माँगी। तेरे घर में भी कोई छोटी सी आदत चुपचाप फैल रही है क्या? मिस्र से निकलना आसान था, मिस्र को भीतर से निकालना गहरी बात है।
दसवें दिन मेम्ना चुनना था, पर चौदहवें दिन बलि होनी थी। चार दिन वह मेम्ना घर में ही रहा, बच्चों की आँखों के सामने। "घर-घर एक-एक मेम्ना ले रखना।" परमेश्वर ने छुटकारा भीड़ के लिए नहीं, हर घराने के लिए ठहराया। सोच, तेरे घर का मेम्ना कौन है? और क्या तूने उसे इतने पास रहने दिया है कि वह अनजाना न लगे?
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