7 से 12 वर्ष के बच्चे के लिए

इब्रानियों 9

प्राथमिक आयु (7-12) के लिए व्याख्या और बाइबल कहानी

बाइबल

व्याख्या

बहुत समय पहले परमेश्वर के लोगों के पास एक खास तम्बू था। उसमें दो कमरे थे। पहले कमरे में दीवट था, जो रोशनी देता था। मेज थी, जिस पर रोटी रखी जाती थी। यह पवित्रस्थान कहलाता था।

लेकिन एक परदे के पीछे दूसरा कमरा था। वह बहुत खास था, उसे परमपवित्र स्थान कहते थे। उसमें सोने से मढ़ा हुआ एक सन्दूक रखा था, जिसमें मन्ना, हारून की छड़ी, और वाचा की पटियाँ थीं। उसके ऊपर सोने के करूब बने थे, जैसे पहरेदार फरिश्ते।

क्या कोई भी इस कमरे में जा सकता था? नहीं। साल में सिर्फ एक बार, सिर्फ महायाजक वहाँ जाता था। और वह भी खाली हाथ नहीं जाता था, वह अपने साथ खून लेकर जाता था, जो उसने एक जानवर की बलि चढ़ाकर लिया था। यह खून अपने पापों के लिये और लोगों की भूल चूक के लिये चढ़ाया जाता था।

सोचो, कैसा होगा महायाजक के लिये हर साल वह भारी परदा पार करना। डरते हुए, काँपते हुए, क्योंकि वहाँ खुद परमेश्वर की उपस्थिति थी।

पर यह तरीका पूरी तरह से मन को साफ नहीं कर पाता था। बकरों और बैलों का खून शरीर को ही शुद्ध करता था, दिल को नहीं।

फिर मसीह आया। वह भी महायाजक बनकर आया, पर एक बड़े और सिद्ध तम्बू से होकर गया, जो हाथों का बनाया हुआ नहीं था, स्वर्ग ही में। और वह बकरों का खून नहीं, अपना ही खून लेकर गया। सिर्फ एक बार, और हमेशा के लिये छुटकारा दिलाया।

इसका क्या मतलब है?

क्यों यह इतना जरूरी है? क्योंकि मसीह का खून सिर्फ शरीर को नहीं, दिल और विवेक को शुद्ध करता है। याद रखो, जानवरों का खून बार बार चढ़ाना पड़ता था। पर मसीह का बलिदान एक बार काफी था, हमेशा के लिये।

कल्पना करो एक बहुत भारी दरवाजा, जो हजारों साल से बंद था। किसी को अंदर जाने की इजाजत नहीं थी। पर मसीह ने वह दरवाजा हमेशा के लिये खोल दिया।

बड़ी कहानी से जोड़

यह पूरी कहानी यीशु मसीह की ओर इशारा करती है। पुराना तम्बू, पुराना खून, पुराना रास्ता, ये सब एक छाया थे, एक नमूना। असली चीज मसीह में आई। उन्होंने नई वाचा के मध्यस्थ बनकर अपना खून दिया, ताकि बुलाए हुए लोग हमेशा की विरासत पाएँ। जैसे मूसा ने खून छिड़ककर पुरानी वाचा पक्की की थी, वैसे ही मसीह की मृत्यु ने नई वाचा पक्की कर दी। और अब वे फिर आएँगे, बिना पाप के, उन सब के लिये जो उनकी राह देखते हैं।

तुम्हारे लिए

क्या तुम्हें कभी लगता है कि तुमने कुछ गलत किया और दिल भारी हो गया? मसीह का खून तुम्हारे उस भारी दिल को धो सकता है। तुम्हें डर कर दूर रहने की जरूरत नहीं, क्योंकि रास्ता खुल चुका है। आज रात सोने से पहले, परमेश्वर से कहो धन्यवाद, कि यीशु ने रास्ता खोल दिया। और जब तुमसे कोई गलती हो जाए, उनके पास जाओ, क्योंकि वे तुम्हें दूर नहीं धकेलेंगे।

बात करें

क्या तुम्हें लगता है कि महायाजक के लिये परदे के पीछे जाना डरावना रहा होगा? क्यों?

यीशु ने सिर्फ एक बार बलिदान क्यों दिया, बार बार नहीं?

संग साथ प्रार्थना

प्रिय परमेश्वर, धन्यवाद कि यीशु ने अपना खून दिया और रास्ता खोल दिया। हमारे दिल को साफ कीजिए, और हमें डर के बिना आपके पास आने दीजिए। यीशु के नाम में, आमीन।

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इब्रानियों 9 के बारे में प्रश्न

पहली बार इसके बारे में पढ़ने वाले हर किसी के लिए छोटे उत्तर।

इब्रानियों 9 किस विषय में है?
बहुत समय पहले परमेश्वर के लोगों के पास एक खास तम्बू था। उसमें दो कमरे थे। पहले कमरे में दीवट था, जो रोशनी देता था। मेज थी, जिस पर रोटी रखी जाती थी। यह पवित्रस्थान कहलाता था।
इब्रानियों 9 क्या कहता है?
सोचो, कैसा होगा महायाजक के लिये हर साल वह भारी परदा पार करना। डरते हुए, काँपते हुए, क्योंकि वहाँ खुद परमेश्वर की उपस्थिति थी।
इब्रानियों 9 हमें परमेश्वर के बारे में क्या सिखाता है?
क्यों यह इतना जरूरी है? क्योंकि मसीह का खून सिर्फ शरीर को नहीं, दिल और विवेक को शुद्ध करता है। याद रखो, जानवरों का खून बार बार चढ़ाना पड़ता था। पर मसीह का बलिदान एक बार काफी था, हमेशा के लिये।
बच्चे इब्रानियों 9 से क्या सीख सकते हैं?
क्या तुम्हें कभी लगता है कि तुमने कुछ गलत किया और दिल भारी हो गया? मसीह का खून तुम्हारे उस भारी दिल को धो सकता है। तुम्हें डर कर दूर रहने की जरूरत नहीं, क्योंकि रास्ता खुल चुका है। आज रात सोने से पहले, परमेश्वर से कहो धन्यवाद, कि यीशु ने रास्ता खोल दिया। और जब तुमसे कोई गलती हो जाए, उनके पास जाओ, क्योंकि वे तुम्हें दूर नहीं धकेलेंगे।
इब्रानियों 9 एक महत्वपूर्ण बाइबल कहानी क्यों है?
प्रिय परमेश्वर, धन्यवाद कि यीशु ने अपना खून दिया और रास्ता खोल दिया। हमारे दिल को साफ कीजिए, और हमें डर के बिना आपके पास आने दीजिए। यीशु के नाम में, आमीन।

दूसरों ने क्या पाया

अंतर्दृष्टि संपादकीय पर पद 10

ये केवल खाने, पीने और भाँति-भाँति के स्नानों से सम्बन्ध रखती हैं, ये शारीरिक विधियाँ हैं जो सुधार के समय तक ठहराई गई थीं।" पानी हाथों तक पहुँचता था, विवेक तक नहीं। तू भी शायद बाहर से सब सँभाले हुए है, आराधना में उपस्थिति, दान, उपवास, पर भीतर का बोझ वैसा ही है। सुधार का वह समय मसीह में आ चुका। उसे भीतर तक धोने दे।

अंतर्दृष्टि संपादकीय पर पद 20

मूसा ने लहू छिड़ककर कहा, "यह उस वाचा का लहू है, जिसकी आज्ञा परमेश्वर ने तुम्हारे लिये दी है।" सोचो, वाचा सिर्फ शब्दों से नहीं, लहू से बाँधी गई। क्योंकि परमेश्वर जानता है कि हम वादे तोड़ने वाले लोग हैं। आज मसीह का लहू तुझ पर छिड़का गया है। वह वाचा तेरे नाम से लिखी है, और उसे तोड़ा नहीं जा सकता।

किसी अन्य आयु वर्ग की तलाश है?

हमारे पास छोटे बच्चों (3-6 वर्ष) और किशोरों (12 वर्ष और अधिक) के लिए विशेष संस्करण भी हैं।

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For parents and teachers: 7 से 12 वर्ष के उन बच्चों के लिए लिखा गया जो स्वयं पढ़ सकते हैं। पारिवारिक भक्ति और स्कूल में बाइबल पाठ के लिए उत्तम। This explanation is generated automatically by language models. While we strive for theological soundness, the software can make mistakes.

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