7 से 12 वर्ष के बच्चे के लिए

प्रकाशितवाक्य 18

प्राथमिक आयु (7-12) के लिए व्याख्या और बाइबल कहानी

बाइबल

The Explanation

यूहन्ना आकाश की ओर देख रहा था। अचानक एक स्वर्गदूत स्वर्ग से नीचे उतरा। उसके पास बड़ा अधिकार था, और उसकी चमक से पूरी पृथ्वी जगमगा उठी। स्वर्गदूत ने ऊँचे शब्द से पुकारा, "गिर गया! बड़ा बाबेल गिर गया है!" बाबेल एक बहुत बड़ा और अमीर नगर था। वहाँ के लोग परमेश्वर की नहीं सुनते थे। वे अपने आप को राजा-रानी समझते थे और सोचते थे, "हमें कभी दुःख नहीं होगा।"

फिर स्वर्ग से एक और आवाज़ आई। उसने परमेश्वर के लोगों को पुकारा, "मेरे लोगों, उस नगर में से निकल आओ! वहाँ रुक मत जाओ, नहीं तो तुम भी उसकी सज़ा में फँस जाओगे।" यह वैसा ही था जैसे कोई तुम्हें डूबते जहाज़ से चिल्लाकर कहे, "कूद जाओ, अभी!"

बाबेल में बहुत धन था। सोना, चाँदी, कीमती पत्थर, मोती, सुंदर कपड़े, सुगंधित लकड़ी, घोड़े, और भी बहुत कुछ। व्यापारी वहाँ से बेचकर अमीर बन गए थे। पर अब सब कुछ एक ही घड़ी में जल गया। जो राजा और व्यापारी उस नगर के दोस्त थे, वे दूर खड़े होकर रोने लगे। "हाय! हाय! बड़ा नगर! अब कुछ नहीं बचा!" जहाज़ चलाने वाले नाविक भी दूर खड़े होकर धुआँ देखते रहे और चिल्लाए, "ऐसा नगर फिर कभी नहीं होगा!"

फिर एक शक्तिशाली स्वर्गदूत ने एक बड़ा पत्थर उठाया, जैसा चक्की का भारी पाट होता है। उसने वह पत्थर समुद्र में फेंक दिया और कहा, "बाबेल ऐसे ही गिरेगा, और फिर कभी नहीं मिलेगा।" उस नगर में अब कभी संगीत नहीं बजेगा, न वीणा, न तुरही। न कोई दीया जलेगा, न दूल्हा-दुल्हन की खुशी की आवाज़ सुनाई देगी। सब कुछ चुप हो जाएगा, क्योंकि उस नगर ने परमेश्वर के लोगों को और भविष्यद्वक्ताओं को सताया और मार डाला था।

What Does This Mean?

यह कहानी हमें बताती है कि जो चीज़ें परमेश्वर के बिना बनाई जाती हैं, चाहे वे कितनी भी चमकदार दिखें, वे टिकती नहीं। बाबेल के पास सोना था, ताकत थी, बड़प्पन था, पर उसके पास परमेश्वर नहीं था। वह अपने आप को इतना बड़ा समझता था कि उसे लगा उसे कभी दुःख नहीं होगा। पर परमेश्वर ने देखा कि उस नगर में कितना अन्याय और पाप था, और उन्होंने न्याय किया। परमेश्वर झूठ और घमंड को हमेशा के लिए छिपा नहीं रहने देते।

The Common Thread

परमेश्वर हमेशा अपने लोगों को बुलाते हैं, "मेरे पास आओ, बुरी जगह से निकल आओ।" यह वैसा ही है जैसे उन्होंने पुराने समय में अपने लोगों को मिस्र से और बाबेल की गुलामी से बाहर निकाला था। यीशु मसीह भी यही कहते हैं: उनके पीछे चलो, दुनिया की चमक-दमक के पीछे मत भागो। जो परमेश्वर के साथ हैं, उनके लिए एक दिन खुशी और उत्सव आएगा, जब बुराई हमेशा के लिए हार जाएगी।

For You

जब तुम्हारे दोस्त कहें, "चलो यह गलत काम करें, सब कर रहे हैं," तो तुम भी बाबेल से निकलने वाले लोगों जैसे बन सकते हो। तुम कह सकते हो, "नहीं, मैं परमेश्वर के साथ रहूँगा।" यह हिम्मत माँगता है, पर परमेश्वर तुम्हें देखते हैं और तुमसे खुश होते हैं।

Talk About It

अगर परमेश्वर तुम्हें आज पुकारें, "निकल आओ," तो वह किस गलत आदत या बात से निकलना होगा?

बाबेल को लगा था कि उसे कभी दुःख नहीं होगा। तुम्हें क्या लगता है, हमें किस पर भरोसा रखना चाहिए, अपनी ताकत पर या परमेश्वर पर?

Praying Together

प्रभु परमेश्वर, धन्यवाद कि आप हमें बुलाते हैं और हमें बचाते हैं। हमें मदद कीजिए कि हम गलत बातों से दूर रहें और आपके पास दौड़कर आएँ। हमें सच्चा भरोसा दीजिए, सिर्फ आप पर। आमीन।

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प्रकाशितवाक्य 18 के बारे में प्रश्न

पहली बार इसके बारे में पढ़ने वाले हर किसी के लिए छोटे उत्तर।

प्रकाशितवाक्य 18 किस विषय में है?
यूहन्ना आकाश की ओर देख रहा था। अचानक एक स्वर्गदूत स्वर्ग से नीचे उतरा। उसके पास बड़ा अधिकार था, और उसकी चमक से पूरी पृथ्वी जगमगा उठी। स्वर्गदूत ने ऊँचे शब्द से पुकारा, "गिर गया! बड़ा बाबेल गिर गया है!" बाबेल एक बहुत बड़ा और अमीर नगर था। वहाँ के लोग परमेश्वर की नहीं सुनते थे। वे अपने आप को राजा-रानी समझते थे और सोचते थे, "हमें कभी दुःख नहीं होगा।"
प्रकाशितवाक्य 18 क्या कहता है?
बाबेल में बहुत धन था। सोना, चाँदी, कीमती पत्थर, मोती, सुंदर कपड़े, सुगंधित लकड़ी, घोड़े, और भी बहुत कुछ। व्यापारी वहाँ से बेचकर अमीर बन गए थे। पर अब सब कुछ एक ही घड़ी में जल गया। जो राजा और व्यापारी उस नगर के दोस्त थे, वे दूर खड़े होकर रोने लगे। "हाय! हाय! बड़ा नगर! अब कुछ नहीं बचा!
प्रकाशितवाक्य 18 हमें परमेश्वर के बारे में क्या सिखाता है?
यह कहानी हमें बताती है कि जो चीज़ें परमेश्वर के बिना बनाई जाती हैं, चाहे वे कितनी भी चमकदार दिखें, वे टिकती नहीं। बाबेल के पास सोना था, ताकत थी, बड़प्पन था, पर उसके पास परमेश्वर नहीं था। वह अपने आप को इतना बड़ा समझता था कि उसे लगा उसे कभी दुःख नहीं होगा। पर परमेश्वर ने देखा कि उस नगर में कितना अन्याय और पाप था, और उन्होंने न्याय किया। परमेश्वर झूठ और घमंड को हमेशा के लिए छिपा नहीं रहने देते।
बच्चे प्रकाशितवाक्य 18 से क्या सीख सकते हैं?
जब तुम्हारे दोस्त कहें, "चलो यह गलत काम करें, सब कर रहे हैं," तो तुम भी बाबेल से निकलने वाले लोगों जैसे बन सकते हो। तुम कह सकते हो, "नहीं, मैं परमेश्वर के साथ रहूँगा।" यह हिम्मत माँगता है, पर परमेश्वर तुम्हें देखते हैं और तुमसे खुश होते हैं।
प्रकाशितवाक्य 18 एक महत्वपूर्ण बाइबल कहानी क्यों है?
बाबेल को लगा था कि उसे कभी दुःख नहीं होगा। तुम्हें क्या लगता है, हमें किस पर भरोसा रखना चाहिए, अपनी ताकत पर या परमेश्वर पर?

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For parents and teachers: 7 से 12 वर्ष के उन बच्चों के लिए लिखा गया जो स्वयं पढ़ सकते हैं। पारिवारिक भक्ति और स्कूल में बाइबल पाठ के लिए उत्तम। This explanation is generated automatically by language models. While we strive for theological soundness, the software can make mistakes.

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