जकर्याह 2
प्राथमिक आयु (7-12) के लिए व्याख्या और बाइबल कहानी
The Explanation
जकर्याह ने अपनी आँखें ऊपर उठाईं। उसने क्या देखा? एक पुरुष, हाथ में नापने की डोरी लिए हुए। जकर्याह ने उससे पूछा, “तू कहाँ जाता है?” उस पुरुष ने उत्तर दिया, “मैं यरूशलेम को नापने जाता हूँ, कि देखूँ उसकी चौड़ाई और लम्बाई कितनी है।”
सोचो, एक आदमी शहर को नापने निकला है, जैसे कोई मजदूर घर बनाने से पहले जमीन नापता है। पर तभी कुछ अजीब होता है। एक स्वर्गदूत दौड़कर आता है और उस जवान आदमी से कहता है, “रुक जा! यरूशलेम तो इतना बड़ा हो जाएगा कि उसे नापा ही नहीं जा सकेगा। वहाँ इतने लोग और इतने पशु होंगे कि शहर की दीवार के बाहर तक बस्ती फैल जाएगी।”
फिर परमेश्वर स्वयं बोलते हैं, और उनकी बात सुनकर रोंगटे खड़े हो जाते हैं। वे कहते हैं, “मैं आप उस शहर के चारों ओर आग की शहरपनाह बनूँगा।” सोचो, आग की दीवार! कोई दुश्मन उसे पार नहीं कर सकता। और परमेश्वर कहते हैं, “मैं उसके बीच में अपनी चमक के साथ रहूँगा।”
फिर परमेश्वर अपने लोगों को बुलाते हैं, जो दूर देश बाबेल में बिखरे हुए थे। वे कहते हैं, “भाग निकलो! सिय्योन की ओर लौट आओ।” और वे एक बड़ी बात कहते हैं, “जो तुम्हें छूता है, वह मेरी आँख की पुतली को छूता है।” जरा आँख की पुतली को छूकर देखो, तुम तुरंत पीछे हट जाओगे, क्योंकि वह बहुत ही नाजुक होती है। परमेश्वर कह रहे हैं कि उनके लोग उनके लिए उतने ही कीमती हैं।
इसके बाद परमेश्वर अपने लोगों को गाने के लिए कहते हैं, “ऊँचे स्वर से गा और आनन्द कर, क्योंकि मैं आकर तेरे बीच में रहूँगा।” यह कितनी बड़ी खुशी की बात है।
What Does This Mean?
यह कहानी हमें बताती है कि परमेश्वर अपने शहर और अपने लोगों को भूले नहीं हैं। शहर की दीवारें टूटी हुई थीं, लोग दूर देश में बिखरे हुए थे, सब कुछ अधूरा और टूटा हुआ लग रहा था। पर परमेश्वर कहते हैं, “डरो मत, मैं खुद दीवार बनूँगा, मैं खुद वहाँ रहूँगा।” किसी नापने की डोरी की जरूरत नहीं, क्योंकि परमेश्वर की योजना किसी भी माप से बड़ी है।
The Common Thread
यह वादा बाद में और भी बड़ा हुआ। जब यीशु मसीह इस धरती पर आए, तब परमेश्वर खुद इंसानों के बीच रहने आए, ठीक जैसे उन्होंने वादा किया था। और प्रकाशितवाक्य की किताब बताती है कि एक दिन एक नया यरूशलेम आएगा, जिसे फिर से नापा जाएगा, पर इस बार वह इतना बड़ा और सुंदर होगा कि परमेश्वर स्वयं वहाँ हमेशा के लिए रहेंगे। वह आग की दीवार वाला वादा आज भी सच है, परमेश्वर अपने लोगों की रक्षा करते हैं, और अपने बीच में रहते हैं।
For You
जब तुम्हें डर लगे, याद रखो कि परमेश्वर कहते हैं कि तुम उनकी आँख की पुतली जैसे प्यारे हो। जब तुम्हें लगे कि चीजें टूटी हुई हैं, या तुम अकेले हो, तो यह मत भूलना कि परमेश्वर कहते हैं, “मैं तेरे बीच में रहूँगा।” आज रात सोने से पहले, एक गीत गुनगुनाओ, जैसे सिय्योन को गाने को कहा गया था, और परमेश्वर को धन्यवाद दो कि वे तुम्हारे पास हैं।
Talk About It
अगर परमेश्वर तुम्हारे चारों ओर आग की दीवार बनाएँ, तो तुम्हें कैसा महसूस होगा?
परमेश्वर कहते हैं कि तुम उनकी आँख की पुतली जैसे हो, इसका क्या मतलब है?
Praying Together
हे परमेश्वर, धन्यवाद कि आप हमें इतना प्यार करते हैं, जितना कोई अपनी आँख की पुतली से प्यार करता है। धन्यवाद कि आप हमारे चारों ओर सुरक्षा की दीवार बनते हैं और हमारे बीच रहना चाहते हैं। हमें डर के समय याद दिलाइए कि आप पास हैं। यीशु मसीह के नाम में, आमीन।
जकर्याह 2 के बारे में प्रश्न
पहली बार इसके बारे में पढ़ने वाले हर किसी के लिए छोटे उत्तर।
जकर्याह 2 किस विषय में है?
जकर्याह 2 क्या कहता है?
जकर्याह 2 हमें परमेश्वर के बारे में क्या सिखाता है?
बच्चे जकर्याह 2 से क्या सीख सकते हैं?
जकर्याह 2 एक महत्वपूर्ण बाइबल कहानी क्यों है?
दूसरों ने क्या पाया
हे सब प्राणियों! यहोवा के सामने चुप रहो, क्योंकि वह जाग उठा है और अपने पवित्र निवास-स्थान से निकल आया है।" परमेश्वर अपने लोगों के बीच फिर से बसने आ रहा है, और पहला जवाब शोर नहीं, चुप्पी है। तेरी प्रार्थना में शायद शब्द बहुत हैं और ठहराव कम। आज थोड़ी देर बोलना बंद कर। जो जाग उठा है, वह तेरे लिए काम कर रहा है।
मापने की डोरी अभी हाथ में ही थी, नाप पूरी भी नहीं हुई थी, कि स्वर्ग में हलचल मच गई। "तब जो दूत मुझसे बातें करता था वह बाहर गया, और दूसरा दूत उससे मिलने के लिये आया।" एक संदेश इतना ज़रूरी था कि उसे रोककर कहना पड़ा। तू अपने जीवन की सीमाएँ नापता रहता है, और परमेश्वर दौड़कर कहता है कि उसकी योजना तेरी नाप से कहीं बड़ी है।
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