3 से 5 वर्ष के बच्चे के लिए

यिर्मयाह 13

छोटे बच्चे और प्री स्कूल (3 से 5 वर्ष) के लिए व्याख्या और बाइबल कहानी

बाइबल

व्याख्या

यिर्मयाह परमेश्वर के एक भविष्यवक्ता थे। एक दिन परमेश्वर ने उनसे बात की। परमेश्वर ने कहा, "जाओ, एक कमरबन्द खरीदो। उसे अपनी कमर पर बांध लो। उसे पानी में मत भिगाओ।" यिर्मयाह ने ऐसा ही किया। कमरबन्द मुलायम था, सफेद रंग का। उन्होंने उसे अपनी कमर पर कस के बांध लिया।

फिर परमेश्वर ने दोबारा बात की। परमेश्वर ने कहा, "उस कमरबन्द को फरात नदी के पास ले जाओ। वहाँ एक चट्टान की दरार में छिपा दो।" यिर्मयाह चल पड़े। नदी का पानी बह रहा था, धीरे धीरे, कल कल करते हुए। उन्होंने कमरबन्द को एक पत्थर की दरार में छिपा दिया।

बहुत दिन बीत गए। तब परमेश्वर ने कहा, "अब जाओ, उस कमरबन्द को निकाल लाओ।" यिर्मयाह फिर नदी के पास गए। उन्होंने दरार खोदी। कमरबन्द वहीं था। पर अब वह गीला था, गंदा था, फटा हुआ था। अब उससे कोई काम नहीं हो सकता था।

इसका क्या मतलब है?

परमेश्वर ने यिर्मयाह से कहा, मेरे लोग इस कमरबन्द जैसे हैं। पहले कमरबन्द अच्छा था, कमर के पास, नज़दीक। परमेश्वर चाहते थे, उनके लोग भी उनके नज़दीक रहें, जैसे कमरबन्द कमर के पास रहता है। पर लोगों ने परमेश्वर की बात नहीं सुनी। वे दूर चले गए। वे दूसरी जगह पूजा करने लगे। इसलिए वे उस कमरबन्द जैसे बन गए, जो गंदा हो गया, बेकार हो गया।

बड़ी कहानी से जुड़ाव

परमेश्वर अपने लोगों को बहुत प्यार करते थे। जब वे दूर चले गए, परमेश्वर को बहुत दुख हुआ। परमेश्वर ने कहा, मेरी आँखों से आंसू बहेंगे। परमेश्वर रोते हैं, जब उनके बच्चे दूर चले जाते हैं। पर परमेश्वर हमें छोड़ते नहीं। बहुत बाद में परमेश्वर ने अपने बेटे यीशु को भेजा। यीशु हमेशा परमेश्वर के पास ही रहे। वे कभी दूर नहीं गए। यीशु के कारण हम भी फिर परमेश्वर के नज़दीक आ सकते हैं।

तुम्हारे लिए

तुम भी परमेश्वर के नज़दीक रह सकते हो। जैसे कमरबन्द कमर से चिपका रहता है, तुम भी परमेश्वर से चिपके रहो। सुबह उठकर परमेश्वर को नमस्ते कहो। रात को सोने से पहले परमेश्वर से बात करो। परमेश्वर तुम्हें बहुत प्यार करते हैं। वे तुम्हें अपने पास ही रखना चाहते हैं।

आपस में बात करो

कमरबन्द नदी के पास खराब क्यों हो गया?

तुम परमेश्वर के नज़दीक कैसे रह सकते हो?

चलो प्रार्थना करें

प्रभु परमेश्वर, हमें अपने पास रखिए। हमें दूर मत जाने दीजिए। हम आपको प्यार करते हैं। आमीन।

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यिर्मयाह 13 के बारे में प्रश्न

पहली बार इसके बारे में पढ़ने वाले हर किसी के लिए छोटे उत्तर।

यिर्मयाह 13 किस विषय में है?
यिर्मयाह परमेश्वर के एक भविष्यवक्ता थे। एक दिन परमेश्वर ने उनसे बात की। परमेश्वर ने कहा, "जाओ, एक कमरबन्द खरीदो। उसे अपनी कमर पर बांध लो। उसे पानी में मत भिगाओ।" यिर्मयाह ने ऐसा ही किया। कमरबन्द मुलायम था, सफेद रंग का। उन्होंने उसे अपनी कमर पर कस के बांध लिया।
यिर्मयाह 13 क्या कहता है?
फिर परमेश्वर ने दोबारा बात की। परमेश्वर ने कहा, "उस कमरबन्द को फरात नदी के पास ले जाओ। वहाँ एक चट्टान की दरार में छिपा दो।" यिर्मयाह चल पड़े। नदी का पानी बह रहा था, धीरे धीरे, कल कल करते हुए। उन्होंने कमरबन्द को एक पत्थर की दरार में छिपा दिया।
यिर्मयाह 13 हमें परमेश्वर के बारे में क्या सिखाता है?
बहुत दिन बीत गए। तब परमेश्वर ने कहा, "अब जाओ, उस कमरबन्द को निकाल लाओ।" यिर्मयाह फिर नदी के पास गए। उन्होंने दरार खोदी। कमरबन्द वहीं था। पर अब वह गीला था, गंदा था, फटा हुआ था। अब उससे कोई काम नहीं हो सकता था।
नन्हे बच्चे यिर्मयाह 13 से क्या सीख सकते हैं?
परमेश्वर ने यिर्मयाह से कहा, मेरे लोग इस कमरबन्द जैसे हैं। पहले कमरबन्द अच्छा था, कमर के पास, नज़दीक। परमेश्वर चाहते थे, उनके लोग भी उनके नज़दीक रहें, जैसे कमरबन्द कमर के पास रहता है। पर लोगों ने परमेश्वर की बात नहीं सुनी। वे दूर चले गए। वे दूसरी जगह पूजा करने लगे। इसलिए वे उस कमरबन्द जैसे बन गए, जो गंदा हो गया, बेकार हो गया।
यिर्मयाह 13 एक महत्वपूर्ण बाइबल कहानी क्यों है?
परमेश्वर अपने लोगों को बहुत प्यार करते थे। जब वे दूर चले गए, परमेश्वर को बहुत दुख हुआ। परमेश्वर ने कहा, मेरी आँखों से आंसू बहेंगे। परमेश्वर रोते हैं, जब उनके बच्चे दूर चले जाते हैं। पर परमेश्वर हमें छोड़ते नहीं। बहुत बाद में परमेश्वर ने अपने बेटे यीशु को भेजा। यीशु हमेशा परमेश्वर के पास ही रहे। वे कभी दूर नहीं गए। यीशु के कारण हम भी फिर परमेश्वर के नज़दीक आ सकते हैं।

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