3 से 6 वर्ष के बच्चे के लिए

यिर्मयाह 38

नन्हे और पूर्व-विद्यालय बच्चे (आयु 3-6) के लिए व्याख्या और बाइबल कहानी

बाइबल

व्याख्या

क्या कहता है यह वचन?

एक गहरा गड्ढा था। अंधेरा, ठंडा गड्ढा। उसमें पानी नहीं था, सिर्फ गीली, चिपचिपी कीचड़ थी।

उस गड्ढे में एक आदमी था। उसका नाम था यिर्मयाह। कुछ लोगों ने उसे रस्सियों से नीचे उतार दिया था। यिर्मयाह डूब गया, कीचड़ में, धीरे धीरे।

यिर्मयाह ने बुरा कुछ नहीं किया था। उसने सिर्फ वही बताया था जो परमेश्वर ने उससे कहा था। पर हाकिमों को यह पसंद नहीं आया। इसलिए उन्होंने उसे गड्ढे में डाल दिया।

राजा का नाम था सिदकिय्याह। वह भी वहीं था। पर एबेदमेलेक नाम का एक आदमी भी था। वह राजा के घर में काम करता था। एबेदमेलेक ने सुना, यिर्मयाह गड्ढे में है। उसने सोचा, वहाँ तो वह भूख से मर जाएगा।

एबेदमेलेक राजा के पास गया। उसने कहा, यह अच्छा नहीं हुआ। राजा ने कहा, जाओ, उसे निकाल लाओ।

इसका अर्थ क्या है?

एबेदमेलेक तीस आदमियों को साथ लाया। वह पुराने कपड़े और चिथड़े लाया। उसने वे कपड़े रस्सियों के नीचे रख दिए, ताकि रस्सियाँ यिर्मयाह को दुःख न दें।

फिर उन्होंने धीरे धीरे यिर्मयाह को ऊपर खींचा। ऊपर, ऊपर, ऊपर। और वह बाहर आ गया। कीचड़ से बाहर। अंधेरे से उजाले में।

परमेश्वर ने यिर्मयाह को नहीं भुलाया। जब वह गड्ढे में था, अकेला, डरा हुआ, तब भी परमेश्वर ने एक आदमी का दिल हिलाया। एबेदमेलेक का दिल। और वह आदमी दौड़ा, मदद के लिए।

समान सूत्र

बहुत बाद में, यीशु को भी लोगों ने पकड़ा। उनके साथ भी बुरा किया गया। पर परमेश्वर ने उनको भी नहीं छोड़ा।

जब हम अंधेरे में होते हैं, जब हम डरे हुए होते हैं, तब परमेश्वर हमें देखते हैं। वे किसी को भेज सकते हैं, हमारी मदद के लिए। जैसे उन्होंने एबेदमेलेक को भेजा।

तुम्हारे लिए

क्या तुमने कभी सोचा है, कोई मुझे भूल गया है? यिर्मयाह भी गड्ढे में ऐसा ही सोचता था। पर वह भूला नहीं गया था।

परमेश्वर तुम्हें भी नहीं भूलते। जब तुम अकेले हो, जब तुम डरे हुए हो, वे तुम्हें देखते हैं। और वे किसी को भेज सकते हैं, तुम्हारी मदद के लिए, जैसे एबेदमेलेक आया था।

इस पर बात करें

अगर तुम गड्ढे में होते, कैसा लगता?

एबेदमेलेक ने यिर्मयाह की मदद क्यों की?

आओ प्रार्थना करें

प्रिय परमेश्वर, धन्यवाद, आप यिर्मयाह को भूले नहीं। आप मुझे भी कभी नहीं भूलते। जब मैं डरता हूँ, मेरे पास आइए। आमीन।

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यिर्मयाह 38 के बारे में प्रश्न

पहली बार इसके बारे में पढ़ने वाले हर किसी के लिए छोटे उत्तर।

यिर्मयाह 38 किस विषय में है?
एक गहरा गड्ढा था। अंधेरा, ठंडा गड्ढा। उसमें पानी नहीं था, सिर्फ गीली, चिपचिपी कीचड़ थी।
यिर्मयाह 38 क्या कहता है?
राजा का नाम था सिदकिय्याह। वह भी वहीं था। पर एबेदमेलेक नाम का एक आदमी भी था। वह राजा के घर में काम करता था। एबेदमेलेक ने सुना, यिर्मयाह गड्ढे में है। उसने सोचा, वहाँ तो वह भूख से मर जाएगा।
यिर्मयाह 38 हमें परमेश्वर के बारे में क्या सिखाता है?
फिर उन्होंने धीरे धीरे यिर्मयाह को ऊपर खींचा। ऊपर, ऊपर, ऊपर। और वह बाहर आ गया। कीचड़ से बाहर। अंधेरे से उजाले में।
नन्हे बच्चे यिर्मयाह 38 से क्या सीख सकते हैं?
जब हम अंधेरे में होते हैं, जब हम डरे हुए होते हैं, तब परमेश्वर हमें देखते हैं। वे किसी को भेज सकते हैं, हमारी मदद के लिए। जैसे उन्होंने एबेदमेलेक को भेजा।
यिर्मयाह 38 एक महत्वपूर्ण बाइबल कहानी क्यों है?
प्रिय परमेश्वर, धन्यवाद, आप यिर्मयाह को भूले नहीं। आप मुझे भी कभी नहीं भूलते। जब मैं डरता हूँ, मेरे पास आइए। आमीन।

दूसरों ने क्या पाया

अंतर्दृष्टि संपादकीय पर पद 24

सिदकिय्याह कहता है, "इन बातों को कोई न जानने पाए, तो तू न मरेगा।" राजा परमेश्वर का वचन सुनना तो चाहता है, पर छिपकर। उसे डर लोगों का है, परमेश्वर का नहीं। और यही डर उसे ले डूबा। तुम्हारे जीवन में भी कोई ऐसा कोना है जहाँ तुम सच तो जानते हो, पर मानने से डरते हो, क्योंकि लोग क्या कहेंगे? छिपा हुआ विश्वास तुम्हें बचा नहीं पाएगा।

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