3 से 6 वर्ष के बच्चे के लिए

जकर्याह 10

नन्हे और पूर्व-विद्यालय बच्चे (आयु 3-6) के लिए व्याख्या और बाइबल कहानी

बाइबल

व्याख्या

सुनो, एक कहानी है। बहुत पहले, एक देश में लोग रहते थे। खेतों में हरी घास नहीं थी। बारिश नहीं हो रही थी। लोग परेशान थे।

परमेश्वर ने कहा, "मुझसे वर्षा माँगो।" परमेश्वर आसमान से बिजली चमकाते हैं। परमेश्वर बादलों से पानी भेजते हैं। तब खेत हरे हो जाते हैं। घास उगती है। पानी बरसता है, ठंडा और ताज़ा।

पर लोगों ने एक गलती की। वे परमेश्वर से नहीं पूछते थे। वे लकड़ी के देवताओं से पूछते थे। वे झूठे सपने सुनते थे। इससे कुछ नहीं मिलता था। लोग भेड़ों जैसे भटक गए। भेड़ों को चरवाहा चाहिए होता है। बिना चरवाहे भेड़ें रास्ता भूल जाती हैं। वे डर जाती हैं और अकेली रह जाती हैं।

पर परमेश्वर ने उनको देखा। परमेश्वर ने कहा, "मैं अपने झुण्ड को देखने आऊँगा।" परमेश्वर उनका असली चरवाहा है।

इसका मतलब क्या है?

परमेश्वर ने कहा, "मैं तुम्हें मजबूत करूँगा। मैं तुम्हें बचाऊँगा। मुझे तुम पर दया आई है।" यह सुनकर लोगों का मन खुश हुआ। जैसे कोई बच्चा मीठा रस पीकर मुस्कुराता है, वैसे उनका मन आनन्दित हुआ।

परमेश्वर ने कहा, "मैं सीटी बजाऊँगा।" जैसे चरवाहा सीटी बजाकर भेड़ों को बुलाता है, वैसे परमेश्वर अपने लोगों को बुलाएगा। वे दूर देशों में थे, मिस्र में, अश्शूर में। पर परमेश्वर उन्हें वापस बुलाएगा। छोटे बच्चों के साथ, वे घर लौट आएँगे।

समान सूत्र

यह कहानी हमें यीशु मसीह के बारे में बताती है। यीशु ने कहा, "मैं अच्छा चरवाहा हूँ।" जैसे परमेश्वर ने कहा, "मैं अपने झुण्ड को देखने आऊँगा," वैसे ही यीशु आया।

यीशु अपनी भेड़ों को जानता है। यीशु उन्हें नाम से बुलाता है। जो भटक गए हैं, यीशु उन्हें ढूंढता है। यीशु उन्हें अपनी बाँहों में उठा लेता है और घर ले आता है।

तुम्हारे लिए

तुम भी परमेश्वर की भेड़ हो। कभी तुम डर जाते हो। कभी तुम रास्ता भूल जाते हो। पर परमेश्वर तुम्हें ढूंढते हैं।

जब तुम परमेश्वर को पुकारते हो, वे सुनते हैं। जब तुम अकेले लगते हो, परमेश्वर पास आते हैं। तुम उनकी सीटी सुन सकते हो, उनकी आवाज़ सुन सकते हो, जब वे तुमसे प्यार से बात करते हैं।

बात करें

जब तुम रास्ता भूल जाते हो, कौन तुम्हें ढूंढता है?

परमेश्वर की आवाज़ सुनने के लिए तुम क्या करते हो?

साथ में प्रार्थना

प्यारे परमेश्वर, आप हमारे चरवाहे हैं। जब हम भटक जाएँ, हमें ढूंढ लीजिए। हमें अपने पास बुला लीजिए। हम आपसे बहुत प्यार करते हैं। आमीन।

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जकर्याह 10 के बारे में प्रश्न

पहली बार इसके बारे में पढ़ने वाले हर किसी के लिए छोटे उत्तर।

जकर्याह 10 किस विषय में है?
सुनो, एक कहानी है। बहुत पहले, एक देश में लोग रहते थे। खेतों में हरी घास नहीं थी। बारिश नहीं हो रही थी। लोग परेशान थे।
जकर्याह 10 क्या कहता है?
पर लोगों ने एक गलती की। वे परमेश्वर से नहीं पूछते थे। वे लकड़ी के देवताओं से पूछते थे। वे झूठे सपने सुनते थे। इससे कुछ नहीं मिलता था। लोग भेड़ों जैसे भटक गए। भेड़ों को चरवाहा चाहिए होता है। बिना चरवाहे भेड़ें रास्ता भूल जाती हैं। वे डर जाती हैं और अकेली रह जाती हैं।
जकर्याह 10 हमें परमेश्वर के बारे में क्या सिखाता है?
परमेश्वर ने कहा, "मैं तुम्हें मजबूत करूँगा। मैं तुम्हें बचाऊँगा। मुझे तुम पर दया आई है।" यह सुनकर लोगों का मन खुश हुआ। जैसे कोई बच्चा मीठा रस पीकर मुस्कुराता है, वैसे उनका मन आनन्दित हुआ।
नन्हे बच्चे जकर्याह 10 से क्या सीख सकते हैं?
यह कहानी हमें यीशु मसीह के बारे में बताती है। यीशु ने कहा, "मैं अच्छा चरवाहा हूँ।" जैसे परमेश्वर ने कहा, "मैं अपने झुण्ड को देखने आऊँगा," वैसे ही यीशु आया।
जकर्याह 10 एक महत्वपूर्ण बाइबल कहानी क्यों है?
तुम भी परमेश्वर की भेड़ हो। कभी तुम डर जाते हो। कभी तुम रास्ता भूल जाते हो। पर परमेश्वर तुम्हें ढूंढते हैं।

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For parents and teachers: विशेष रूप से 3 से 6 वर्ष के बच्चों को ज़ोर से पढ़कर सुनाने के लिए लिखा गया। इसे अपने बच्चे के साथ बातचीत की शुरुआत के रूप में उपयोग करें, एकमात्र स्रोत के रूप में नहीं। This explanation is generated automatically by language models. While we strive for theological soundness, the software can make mistakes.

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