बाइबल व्याख्या

हबक्कूक 1:12

पढ़ें
यह वचन Zoe ministries द्वारा समर्पित है

पाठ

बाबेली घुड़सवारों की धूल अभी हबक्कूक की आँखों में है। परमेश्वर ने अभी-अभी बताया है कि वे चीतों से तेज़ घोड़ों पर आएँगे, बंधुओं को रेत के किनकों की तरह बटोरेंगे, और अपने ही बल को अपना देवता मानेंगे। इसी झटके के बीच नबी पलटकर परमेश्वर को सम्बोधित करता है, पर शिकायत से नहीं, बल्कि उनके नामों से: "हे मेरे प्रभु यहोवा, हे मेरे पवित्र परमेश्वर, क्या तू अनादिकाल से नहीं है?" वह अपने आप को और अपने लोगों को इसी अनादिपन के सहारे थामता है, "इस कारण हम लोग नहीं मरने के", और फिर स्वीकार करता है कि यह क्रूर जाति संयोग से नहीं उठी: परमेश्वर ने ही उसे न्याय करने और उलाहना देने के लिये ठहराया है। और अंत में एक पुराना, ठोस नाम: "हे चट्टान"।

केंद्रीय बात

यह पद प्रार्थना की एक ऐसी कला दिखाता है जो हमसे प्रायः छूट जाती है: भय के क्षण में परमेश्वर को उनके स्वभाव की याद दिलाना, ताकि अपना दिल थमे। हबक्कूक तर्क नहीं गढ़ता, वह नाम पुकारता है। यहोवा, यानी वाचा का परमेश्वर जिसने मिस्र से निकाला; पवित्र, यानी वह जो पाप के साथ समझौता नहीं करते; अनादिकाल से, यानी वह जो बाबेल के उठने से पहले भी थे और उसके गिरने के बाद भी रहेंगे; और चट्टान, वह पुराना गीत-शब्द जो सूखे देश में स्थिरता और छाया दोनों का चित्र है। इन नामों से एक भयानक निष्कर्ष निकलता है और एक कोमल भी। भयानक यह कि बाबेल आवारा शक्ति नहीं, परमेश्वर के हाथ का दंड-डंडा है। कोमल यह कि जो हाथ डंडा उठाता है वही वाचा को थामे है, इसलिए दंड मिटाने के लिये नहीं, सुधारने के लिये है: "हम लोग नहीं मरने के।"

जोड़ने वाला धागा

"इस कारण हम लोग नहीं मरने के" पूरे बाइबिल की कहानी की धुरी है। परमेश्वर बार-बार अपने लोगों को दंड देते हैं पर मिटाते नहीं; हर विनाश के बाद एक बचा हुआ अंश रहता है, और उसी अंश की डोर से मसीह तक की वंशावली चलती है। बाबेल का दंड-डंडा वाचा को तोड़ने नहीं, उसे शुद्ध करने आया। यह पैटर्न अपनी चरम सीमा तक क्रूस पर पहुँचता है: वहाँ मानव इतिहास का सबसे बड़ा अन्याय, रोमी सैनिकों और धार्मिक अगुवों के हाथों, परमेश्वर के "ठहराए" उद्देश्य का साधन बन जाता है, और फिर भी हाथ चलानेवाले दोषी ठहरते हैं। ध्यान दीजिए कि पौलुस अंताकिया में इसी अध्याय के पाँचवें पद को उठाकर मसीह के काम पर लागू करता है (प्रेरितों 13:41): परमेश्वर फिर एक ऐसा काम कर रहे हैं जिसे बताने पर लोग विश्वास नहीं करेंगे।

दर्पण

आपने भी वह पल जिया होगा जब समझ में आता है कि जिस चीज़ से आप डर रहे हैं, वह टलने वाली नहीं है। नौकरी में वह आदमी जो झूठ बोलकर आगे बढ़ता जा रहा है और आपकी ईमानदारी को कमज़ोरी समझा जा रहा है। घर में वह रिश्ता जो साल दर साल ठंडा होता गया। डॉक्टर का वह वाक्य जिसे आपने दो बार दोहरवाया। हबक्कूक हमें दिखाता है कि ऐसे क्षण में इनकार भी विकल्प नहीं है और घबराहट भी नहीं। वह आती हुई आफ़त को नाम देता है, और साथ ही परमेश्वर को नाम देता है, और दूसरा नाम पहले से बड़ा निकलता है। हमारी प्रार्थनाएँ अक्सर इसलिए हल्की पड़ती हैं क्योंकि हम परमेश्वर को केवल अपनी ज़रूरत बताते हैं, उनका स्वभाव नहीं दोहराते। आज सोने से पहले एक काग़ज़ पर वह एक नाम या स्थिति लिखिए जो आपको सचमुच डरा रही है, और उसके ठीक ऊपर चार शब्द लिखिए जो हबक्कूक ने पुकारे: प्रभु यहोवा, पवित्र परमेश्वर, अनादिकाल से, चट्टान। फिर उन्हें ज़ोर से पढ़िए।

प्रश्न

अगर परमेश्वर ने कसदियों को "न्याय करने के लिये ठहराया", तो क्या वे उनके अत्याचार के लिये उत्तरदायी हैं? हबक्कूक इस काँटे को छिपाता नहीं; अगले ही पद में वह इसे परमेश्वर के मुँह पर रख देता है, कि आपकी आँखें बुराई देख ही नहीं सकतीं, फिर आप चुप क्यों हैं। और यही पाठ एक साथ दो बातें कहता है: बाबेल परमेश्वर के हाथ का साधन है, और बाबेल "मर्यादा छोड़कर" दोषी ठहरता है। बाइबिल इन दोनों को कभी जोड़कर सुलझाती नहीं। जो लोग समाधान चाहते हैं वे या तो परमेश्वर की सर्वसत्ता घटाते हैं या मनुष्य का दोष। हबक्कूक तीसरा रास्ता लेता है: वह प्रश्न को पकड़े रहता है और परमेश्वर को भी पकड़े रहता है। यह आराम नहीं देता, पर यह ईमानदार है।

श्रोता

पहले सुननेवाले यरूशलेम के वे लोग थे जिनके दादा-परदादा ने उत्तरी राज्य का अंत अपनी आँखों देखा था। अश्शूरी सेनाएँ आई थीं, गाँव खाली हुए थे, और कतारों में बँधे लोग उत्तर की ओर ले जाए गए थे। उनके लिये "बंधुओं को रेत के किनकों के समान बटोरते हैं" कोई काव्य नहीं, स्मृति थी। जब उन्होंने "हे चट्टान" सुना, तो उनके कानों में मूसा का वह पुराना गीत बजा जो मंदिर में गाया जाता था, जहाँ परमेश्वर को इस्राएल की चट्टान कहा गया है, वह जो हिलती नहीं। और "हम लोग नहीं मरने के" उनके लिये सस्ती तसल्ली नहीं थी; यह लगभग दुस्साहस था, क्योंकि सारे संकेत उल्टे थे। नबी उनकी ओर से वही कह रहा था जो वे कहने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे थे।

पृष्ठभूमि

समय लगभग 605 ईसा पूर्व। नीनवे गिर चुका है, और कर्कमीश में बाबेल ने मिस्र को कुचल दिया है; सत्ता का पूरा नक्शा एक ही मौसम में बदल गया है। यहूदा बीच में फँसा एक छोटा करदाता राज्य है, जिसका भला राजा योशिय्याह मगिद्दो में मारा जा चुका है और जिसका नया राजा यहोयाकीम मंदिर की जगह अपने महल पर खर्च करता है। कचहरियों में न्याय बिकता है, इसलिए नबी कहता है कि "व्यवस्था ढीली हो गई"। बाज़ार में उत्तर से आते व्यापारी बाबेली सेना की कहानियाँ लाते हैं। इसी हवा में, धूल और अफ़वाह और मंदिर की धूप की गंध के बीच, एक नबी परमेश्वर के सामने खड़ा होकर उन्हीं का नाम उनके विरुद्ध नहीं, बल्कि अपने डर के विरुद्ध पुकारता है।

चिंतन

आप जिस स्थिति से सबसे ज़्यादा डरते हैं, उसमें परमेश्वर का कौन-सा नाम आपको सबसे कम विश्वसनीय लगता है, और क्यों?

अगर आपको मानना पड़े कि आपके जीवन की सबसे कठोर परिस्थिति परमेश्वर के हाथ से पूरी तरह बाहर नहीं है, तो यह आपकी प्रार्थना को कैसे बदलेगा?

पढ़ने योग्य मसीही पुस्तकें

आपकी भाषा में उपलब्ध, सावधानी से चुनी गई पुस्तकें।

स्वीकारोक्ति

स्वीकारोक्ति

संत अगस्तीन

अगस्तीन की व्यक्तिगत साक्षी परमेश्वर की अनुग्रह से बदलने वाली शक्ति को गहराई से प्रकट करती है।

उद्देश्य भरा जीवन

उद्देश्य भरा जीवन

रिक वॉरेन

चालीस दिनों की यह यात्रा आपको परमेश्वर के दिए जीवन-उद्देश्य को खोजने और जीने में सहायता करती है।

परमेश्वर की उपस्थिति का अभ्यास

परमेश्वर की उपस्थिति का अभ्यास

भाई लॉरेन्स

रसोई में सेवा करते हुए भी परमेश्वर के साथ निरंतर संगति करने की सरल कला यह पुस्तक सिखाती है।

जंगल का छिपने का स्थान

जंगल का छिपने का स्थान

कोरी टेन बूम

नाज़ी यातना-शिविर में भी क्षमा और विश्वास की यह सच्ची साक्षी परमेश्वर की विश्वासयोग्यता की गवाही देती है।

जीसस कॉलिंग

जीसस कॉलिंग

सारा यंग

प्रतिदिन के भक्ति-लेख यीशु की कोमल आवाज़ सुनने और उसकी शांति में विश्राम पाने में सहायता करते हैं।

एक Amazon Associate के रूप में, Faith.network योग्य खरीदारी से आय अर्जित करता है। इससे मंच निःशुल्क बना रहता है।

यह व्याख्या साझा करें

सुसमाचार फैलाने में मदद करें। यह व्याख्या किसी ऐसे व्यक्ति को भेजें जिसे इससे प्रोत्साहन मिल सके।

WhatsApp Email Facebook X / Twitter

Habakkuk 1:12 के बारे में अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इस बाइबल अंश के बारे में सामान्य प्रश्नों के त्वरित उत्तर।

हबक्कूक 1:12 का क्या अर्थ है?
बाबेली घुड़सवारों की धूल अभी हबक्कूक की आँखों में है। परमेश्वर ने अभी-अभी बताया है कि वे चीतों से तेज़ घोड़ों पर आएँगे, बंधुओं को रेत के किनकों की तरह बटोरेंगे, और अपने ही बल को अपना देवता मानेंगे। इसी झटके के बीच नबी पलटकर परमेश्वर को सम्बोधित करता है, पर शिकायत से नहीं, बल्कि उनके नामों से: "हे मेरे प्रभु यहोवा, हे मेरे पवित्र परमेश्वर, क्या तू अनादिकाल से नहीं है?
हबक्कूक 1:12 किस विषय में है?
"इस कारण हम लोग नहीं मरने के" पूरे बाइबिल की कहानी की धुरी है। परमेश्वर बार-बार अपने लोगों को दंड देते हैं पर मिटाते नहीं; हर विनाश के बाद एक बचा हुआ अंश रहता है, और उसी अंश की डोर से मसीह तक की वंशावली चलती है। बाबेल का दंड-डंडा वाचा को तोड़ने नहीं, उसे शुद्ध करने आया। यह पैटर्न अपनी चरम सीमा तक क्रूस पर पहुँचता है: वहाँ मानव इतिहास का सबसे बड़ा अन्याय, रोमी सैनिकों और धार्मिक अगुवों के हाथों, परमेश्वर के "ठहराए" उद्देश्य का साधन बन जाता है, और फिर भी हाथ चलानेवाले दोषी ठहरते हैं। ध्यान दीजिए कि पौलुस अंताकिया में इसी अध्याय के पाँचवें पद को उठाकर मसीह के काम पर लागू करता है (प्रेरितों 13:41): परमेश्वर फिर एक ऐसा काम कर रहे हैं जिसे बताने पर लोग विश्वास नहीं करेंगे।
हबक्कूक 1:12 का ऐतिहासिक संदर्भ क्या है?
अगर परमेश्वर ने कसदियों को "न्याय करने के लिये ठहराया", तो क्या वे उनके अत्याचार के लिये उत्तरदायी हैं? हबक्कूक इस काँटे को छिपाता नहीं; अगले ही पद में वह इसे परमेश्वर के मुँह पर रख देता है, कि आपकी आँखें बुराई देख ही नहीं सकतीं, फिर आप चुप क्यों हैं। और यही पाठ एक साथ दो बातें कहता है: बाबेल परमेश्वर के हाथ का साधन है, और बाबेल "मर्यादा छोड़कर" दोषी ठहरता है। बाइबिल इन दोनों को कभी जोड़कर सुलझाती नहीं। जो लोग समाधान चाहते हैं वे या तो परमेश्वर की सर्वसत्ता घटाते हैं या मनुष्य का दोष। हबक्कूक तीसरा रास्ता लेता है: वह प्रश्न को पकड़े रहता है और परमेश्वर को भी पकड़े रहता है। यह आराम नहीं देता, पर यह ईमानदार है।
हबक्कूक 1:12 हमें परमेश्वर के स्वभाव के बारे में क्या सिखाता है?
समय लगभग 605 ईसा पूर्व। नीनवे गिर चुका है, और कर्कमीश में बाबेल ने मिस्र को कुचल दिया है; सत्ता का पूरा नक्शा एक ही मौसम में बदल गया है। यहूदा बीच में फँसा एक छोटा करदाता राज्य है, जिसका भला राजा योशिय्याह मगिद्दो में मारा जा चुका है और जिसका नया राजा यहोयाकीम मंदिर की जगह अपने महल पर खर्च करता है। कचहरियों में न्याय बिकता है, इसलिए नबी कहता है कि "व्यवस्था ढीली हो गई"। बाज़ार में उत्तर से आते व्यापारी बाबेली सेना की कहानियाँ लाते हैं। इसी हवा में, धूल और अफ़वाह और मंदिर की धूप की गंध के बीच, एक नबी परमेश्वर के सामने खड़ा होकर उन्हीं का नाम उनके विरुद्ध नहीं, बल्कि अपने डर के विरुद्ध पुकारता है।
हबक्कूक 1:12 आज भी कैसे प्रासंगिक है?
अगर आपको मानना पड़े कि आपके जीवन की सबसे कठोर परिस्थिति परमेश्वर के हाथ से पूरी तरह बाहर नहीं है, तो यह आपकी प्रार्थना को कैसे बदलेगा?
हमारे साझेदारों के सहयोग से संभव

Habakkuk 1 पर समुदाय क्या साझा करता है

इस अंश पर पाठकों और संपादकीय टीम से अंतर्दृष्टि, प्रार्थनाएँ और धन्यवाद।

प्रार्थना संपादकीय पर पद 5

पिता, मेरी आँखें अक्सर बस अपनी परेशानियों पर टिकी रहती हैं। मुझे सिखा कि मैं नज़र उठाकर देखूँ, कि तू आज भी काम कर रहा है, ऐसे तरीकों से जिन पर शायद बताए जाने पर भी मैं भरोसा न करता। मेरे इन्हीं दिनों में मुझे चकित कर दे।

प्रार्थना संपादकीय पर पद 14

हे प्रभु, कभी लगता है जैसे हम जाल में फँसी मछलियों जैसे हैं, बेसहारा और बिना किसी रखवाले के। पर मैं जानता हूँ कि तू देख रहा है। मेरी बेचैनी सुन, और यह भरोसा दे कि तेरे हाथ से कोई छूटा नहीं, मैं भी नहीं।

प्रार्थना संपादकीय पर पद 1

पिता, मेरे भीतर भी एक बोझ है जो शब्दों में नहीं आता। जो मैं देखता हूँ, वह मुझे भारी लगता है और मैं उसे छिपाना नहीं चाहता। मैं इसे तेरे सामने रख रहा हूँ, क्योंकि तू ही सुनता है। मुझे धीरज दे जब तक तेरा उत्तर न आए।

अंतर्दृष्टि संपादकीय पर पद 15

वह उन सबको बंसी से पकड़कर उठा लेता है, वह उन्हें अपने जाल में घेरकर महाजाल में इकट्ठा करता है; इस कारण वह आनन्दित और मगन है।" हबक्कूक की पीड़ा यही है कि लोग मछलियों की तरह गिने जा रहे हैं, और पकड़नेवाला जश्न मना रहा है। तू भी किसी की भीड़ में एक संख्या बन गया है? परमेश्वर तेरा नाम जानता है। और यह भी पूछ: मेरे लाभ के जाल में कौन फँसा है?

इस अंश को किसी और स्तर पर देखें

शुरुआती, धर्मशास्त्री, या कोई अलग लंबाई? सेटिंग्स बदलें और अपना संस्करण बनाएँ।

अध्ययन टूल में खोलें

अस्वीकरण: Faith.network बाइबल की व्याख्याएँ तैयार करने के लिए स्वचालित भाषा मॉडल का उपयोग करता है। हम धर्मशास्त्रीय दृष्टि से सही रहने का पूरा प्रयास करते हैं, फिर भी यह सॉफ़्टवेयर त्रुटि कर सकता है। इस साधन को अपने निजी बाइबल अध्ययन और कलीसिया के संगति जीवन का स्थान लेने वाला न समझें, बल्कि उनके सहायक के रूप में प्रयोग करें।

© 2026 Faith.Network. सर्वाधिकार सुरक्षित।

Faith.network एक सेवकाई है Faith.network · KvK 84972599 · connect@faith.network

कंपनी?