नीतिवचन 13:9
पाठ
एक ही पद में दो रोशनियाँ रखी गई हैं, और उनके बीच का फ़र्क़ चुभता है। "धर्मियों की ज्योति आनन्द के साथ रहती है, परन्तु दुष्टों का दिया बुझ जाता है।" पहली रोशनी बढ़ती है, फैलती है, उसमें एक ख़ुशी घुली हुई है, जैसे भोर का उजाला जो कमरे में धीरे-धीरे भर जाता है। दूसरी रोशनी एक छोटा दीया है, तेल पर निर्भर, हवा के भरोसे, और एक दिन वह बिना किसी शोर के बुझ जाता है। सुलैमान यह नहीं कहता कि दुष्ट के पास रोशनी नहीं है; उसके पास दीया है, वह जलता भी है, कुछ देर चमकता भी है। पद का पूरा वज़न उस अंतिम क्रिया पर है, "बुझ जाता है", और उससे पहले के शब्द पर, "आनन्द के साथ रहती है"।
मूल बात
यहाँ बात केवल नैतिक इनाम की नहीं, बल्कि रोशनी के स्रोत की है। दीया अपनी रोशनी नहीं बनाता, वह उधार के तेल से जलता है, और जिसका तेल ख़त्म होने वाला है उसका उजाला भी ख़त्म होने वाला है। दुष्ट का जीवन इसी तरह चलता है: सब कुछ अपने संसाधनों पर टिका है, अपनी चतुराई, अपनी पहुँच, अपनी साख। जब तक तेल है, चमक है। धर्मी की "ज्योति" इस अध्याय में परमेश्वर से जुड़ी हुई है, वही जो आगे कहता है, "बुद्धिमान की शिक्षा जीवन का सोता है" (पद 14)। सोता अपने आप बहता है, कुआँ खाली हो जाता है। इसलिए यह पद धर्मी को अच्छा आदमी नहीं, बल्कि जुड़ा हुआ आदमी कहता है, और उसका आनन्द उपलब्धि नहीं, संबंध का फल है।
सामान्य सूत्र
बाइबल में दीया बार-बार वंश, घराने और भविष्य का चिह्न है। जब कहा जाता है कि किसी का दीया बुझ गया, तो अर्थ यह होता है कि उसके बाद कुछ नहीं बचा, न नाम, न संतान, न स्मृति। और परमेश्वर ने दाऊद के घराने से वादा किया था कि उसका दीया कभी नहीं बुझेगा। वह वादा एक ऐसे व्यक्ति में जाकर पूरा हुआ जिसने अपने बारे में कहा कि वे जगत की ज्योति हैं। यहीं इस नीतिवचन की धार खुलती है: मसीह में विश्वासी की ज्योति इसलिए नहीं टिकती कि उसका तेल बेहतर है, बल्कि इसलिए कि उसकी रोशनी किसी और के जीवन से आती है। क्रूस पर वह ज्योति भी बुझती दिखी, तीन दिन के लिए, और फिर कभी न बुझने के लिए जल उठी।
आईना
अब ईमानदारी से पूछिए: आपकी रोशनी किस तेल पर जल रही है? नौकरी का पद, बच्चों की सफलता, स्वस्थ शरीर, चर्च में आपकी प्रतिष्ठा, बैंक का बैलेंस? इनमें से कुछ भी बुरा नहीं है, पर इनमें से हर एक तेल है, और तेल घटता है। असली डर यही है, और आप उसे जानते हैं: वह रात जब कोई ईमेल, कोई रिपोर्ट, कोई फ़ोन कॉल आपके दीये की लौ को काँपता हुआ छोड़ जाता है। यह पद आपको डराने नहीं, बल्कि सही जगह टिकाने आया है। धर्मी का आनन्द इसलिए नहीं मिटता कि उसके साथ बुरा नहीं होता, बल्कि इसलिए कि उसका उजाला उसकी परिस्थितियों से बड़ा है।
आज एक काग़ज़ पर वे तीन चीज़ें लिखिए जिनके बिना आपको लगता है कि आपकी ज़िंदगी अंधेरी हो जाएगी, और फिर उन्हें ज़ोर से पढ़कर परमेश्वर से कहिए: "ये मेरा तेल हैं, पर मेरी ज्योति आप हैं।"
एक बारीकी
"आनन्द के साथ रहती है" में जो इब्रानी क्रिया है, यिस्मख, उसका सीधा अर्थ है "आनन्दित होना"। यानी शब्दशः यहाँ लिखा है कि धर्मी की ज्योति आनन्द मनाती है। रोशनी को व्यक्ति की तरह पेश किया गया है, मानो वह ख़ुद ख़ुश होकर चमक रही हो। कई अनुवाद इसे "उज्ज्वल जलती है" कहते हैं, और यह ग़लत नहीं, क्योंकि आनन्द और चमक यहाँ एक ही चीज़ के दो नाम हैं। ध्यान दीजिए, आनन्द रोशनी का परिणाम नहीं, उसका स्वभाव है। जो जीवन परमेश्वर से जुड़ा है, उसमें ख़ुशी कोई इनाम नहीं जो अंत में मिलेगी; वह जलने का तरीक़ा है।
कठिन सवाल
पर क्या यह सच है? हम सब ऐसे भले लोगों को जानते हैं जिनका दीया, देखने में, बहुत जल्दी बुझ गया। कैंसर, बेरोज़गारी, बदनामी, अकेली बुढ़ापे की मौत। और हम ऐसे बेईमान लोगों को भी जानते हैं जो पूरी उम्र चमकते रहे। नीतिवचन इस विरोधाभास को छिपाता नहीं; यही किताब आगे मानती है कि आशा में विलम्ब होने से मन निराश होता है। यह पद संसार के आँकड़े नहीं देता, वह अंतिम गिनती की बात करता है। और ईमानदारी यह है कि उस अंतिम गिनती को हम अभी देख नहीं सकते, केवल भरोसा कर सकते हैं। इस भरोसे को सस्ते में मत बेचिए; इसकी क़ीमत आँसुओं में चुकानी पड़ती है।
पृष्ठभूमि
प्राचीन इस्राएल के साधारण घर में मिट्टी का छोटा दीया रात भर जलता रहता था, जैतून के तेल पर। वह घर में जीवन का चिह्न था; अंधेरा घर या तो उजड़ा हुआ था या मरा हुआ। इसलिए "दिया बुझ जाता है" सुनने वाले के कानों में केवल रूपक नहीं, एक भयावह तस्वीर थी: सूना आँगन, बंद दरवाज़ा, ख़त्म हुआ वंश। ये कहावतें राजा के दरबार में युवा अधिकारियों को सिखाई जाती थीं, ऐसे लोगों को जिनके सामने ताक़त, रिश्वत और तेज़ तरक़्क़ी के रास्ते खुले थे। उनसे कहा जा रहा था: तुम्हारी चमक कल भी होगी या नहीं, यह इस पर निर्भर है कि तुम किससे जुड़े हो, न कि तुमने कितना जमा किया।
चिंतन
पिछले महीने आपके भीतर का उजाला किस बात से मद्धिम हुआ, और उससे आपके तेल के बारे में क्या पता चलता है?
अगर आपकी सारी उपलब्धियाँ कल छिन जाएँ, तो आपमें ऐसा क्या बचेगा जो फिर भी "आनन्द के साथ" चमकेगा?
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Proverbs 13:9 के बारे में अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
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Proverbs 13 में आपको क्या स्पर्श करता है?
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