यहोवा का प्रेम और आनंद
प्रेम और आनंद
बच्चों के लिए चार छोटे बाइबल पल, भजन संहिता 100:1, नीतिवचन 11:25, यूहन्ना 11:35 and मत्ती 11:29 पर आधारित।
☀ सुबह का पल
हे सारी पृथ्वी के लोगों, यहोवा का जयजयकार करो!
भजन संहिता 100:1 (IRV Hindi 2019)
सरल शब्दों में: सुबह उठते ही हम खुशी से परमेश्वर की जय बोल सकते हैं, चाहे हम कहीं भी हों।
सुबह जब तुम्हारी आँख खुलती है, बाहर चिड़िया चहचहा रही होती हैं, और माँ की आवाज़ आती है, उठो, स्कूल जाना है। कभी दिल खुश होता है, कभी थोड़ा सुस्त लगता है। आज शुक्रवार है, हफ्ते का आखिरी स्कूल दिन, और दोस्तों के साथ हँसी मस्ती का भी वक़्त मिलेगा।
परमेश्वर चाहता है कि तुम सुबह खुशी से जागो, जैसे सूरज हर दिन नयी रौशनी लेकर आता है। तुम्हें डरने या मुँह लटकाने की ज़रूरत नहीं। वह तुम्हारे साथ है, नाश्ते की मेज़ पर, स्कूल जाने के रास्ते पर, और कक्षा में भी।
आपकी बारी
आज सुबह नाश्ते की मेज़ पर सबको मुस्कुराकर गुड मॉर्निंग बोलो और मन में परमेश्वर को धन्यवाद दो।
✦ दोपहर का पल
उदार प्राणी हष्ट-पुष्ट हो जाता है, और जो औरों की खेती सींचता है, उसकी भी सींची जाएगी।
नीतिवचन 11:25 (IRV Hindi 2019)
सरल शब्दों में: जब तुम दूसरों के साथ बाँटते हो, तो परमेश्वर तुम्हें भी बहुत खुशी और आशीष देता है।
क्या तुमने कभी देखा है कि टिफिन खोलते ही सबकी नज़रें एक-दूसरे की थाली पर चली जाती हैं? किसी के पास पूरी है, किसी के पास सब्ज़ी, किसी के पास मीठा। कभी किसी दोस्त का टिफिन घर पर ही रह जाता है, और वह चुपचाप बैठा रहता है।
परमेश्वर का यह वचन कहता है कि जो बाँटता है, वह खुद भी भरपूर रहता है। यह सच में होता है। जब तुम अपनी रोटी का एक टुकड़ा किसी को देते हो, तुम्हारा दिल भी हल्का और खुश हो जाता है। बाँटने से कुछ कम नहीं होता, बल्कि प्यार बढ़ता है।
आपकी बारी
आज दोपहर के खाने में अपनी थाली से एक चीज़ किसी दोस्त या भाई-बहन के साथ बाँटो।
✩ दोपहर का पल
यीशु रोया।
यूहन्ना 11:35 (IRV Hindi 2019)
सरल शब्दों में: यीशु अपने दोस्त लाजर की मृत्यु पर बहुत दुखी हुए और उनकी आँखों से आँसू बह निकले।
स्कूल के बाद जब तुम घर आते हो, कभी दिन भर की कोई बात मन में अटकी रहती है ना? शायद किसी दोस्त ने मजाक बनाया, या तुम गिर गए और घुटना छिल गया। कभी आंसू भी निकल आए होंगे।
बाइबल में एक बार यीशु के दोस्त लाजर की मौत हो गई थी। यीशु के पास लोगों को ठीक करने की शक्ति थी, फिर भी जब वे कब्र के पास पहुंचे, तो वे रो पड़े। यीशु ने अपने दोस्त के दुख को अपने भीतर महसूस किया, वे दिखावा नहीं कर रहे थे।
इससे पता चलता है कि तुम्हारा दुख भी यीशु के लिए मायने रखता है। तुम रो सकते हो, यह कोई कमजोरी नहीं है।
आपकी बारी
आज घर जाकर मम्मी या पापा को अपने दिन की एक छोटी सी दुखी बात बताओ।
☾ संध्या का क्षण
मेरा जूआअपने ऊपर उठा लो; और मुझसे सीखो; क्योंकि मैं नम्र और मन में दीन हूँ: और तुम अपने मन में विश्राम पाओगे।
मत्ती 11:29 (IRV Hindi 2019)
सरल शब्दों में: यीशु कहते हैं, मेरे पास आओ, मुझसे सीखो। मैं बहुत कोमल हूँ, और तुम्हें सच्चा आराम मिलेगा।
शुक्रवार की शाम आ गई है। बस्ता कोने में रखा है, स्कूल यूनिफार्म धुलने के लिए पड़ी है, और कल कोई जल्दी नहीं है। शरीर थोड़ा थका है, है ना?
यीशु कहते हैं, मेरे पास आओ। जैसे तुम शाम को पापा या मम्मी की गोद में सिर रख देते हो, वैसे ही तुम अपने दिन की हर बात यीशु के पास रख सकते हो। हफ्ते की भागदौड़, दोस्तों की बातें, छोटी परेशानियाँ, सब कुछ। यीशु की बाहें थकी हुई भेड़ को उठाने के लिए ही बनी हैं। उसके पास जाने से मन का शोर धीरे धीरे शांत हो जाता है।
आपकी बारी
आज रात सोने से पहले, अपने दिन की सबसे भारी बात यीशु से चुपचाप कह दो।
इन अंशों को बाइबल में पढ़ें
किसी अंश पर टैप करें और अपने माता-पिता या शिक्षक के साथ यहीं पढ़ें।
1हे सारी पृथ्वी के लोगों, यहोवा का जयजयकार करो!
25उदार प्राणी हष्ट-पुष्ट हो जाता है, और जो औरों की खेती सींचता है, उसकी भी सींची जाएगी।
35यीशु रोया।
29मेरा जूआअपने ऊपर उठा लो; और मुझसे सीखो; क्योंकि मैं नम्र और मन में दीन हूँ: और तुम अपने मन में विश्राम पाओगे।
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