परमेश्वर के पास आना कितना अच्छा
परमेश्वर के पास
बच्चों के लिए चार छोटे बाइबल पल, भजन संहिता 84:2, भजन संहिता 133:1, यूहन्ना 21:6 and मत्ती 11:28 पर आधारित।
☀ सुबह का पल
मेरा प्राण यहोवा के आँगनों की अभिलाषा करते-करते मूर्छित हो चला; मेरा तन मन दोनों जीविते परमेश्वर को पुकार रहे।
भजन संहिता 84:2 (IRV Hindi 2019)
सरल शब्दों में: यह लिखने वाला परमेश्वर के घर जाने के लिए बहुत खुश और उत्सुक था। उसका पूरा दिल परमेश्वर से मिलने के लिए तैयार था।
आज इतवार है। शायद अभी तुम्हारे कपड़े तैयार पड़े हैं, चप्पल दरवाज़े के पास रखी हैं, और घर में सब चर्च जाने की तैयारी कर रहे हैं। सोचो, तुम आज परमेश्वर से मिलने जा रहे हो।
जब तुम गाड़ी में बैठते हो या पैदल चलते हो, या जब तुम चर्च के दरवाज़े पर दोस्तों को देखते हो, याद रखो, परमेश्वर वहाँ पहले से ही तुम्हारा इंतज़ार कर रहा है। वह तुम्हें देखकर मुस्कुराता है, ठीक वैसे ही जैसे कोई अपने प्यारे बच्चे को देखकर मुस्कुराता है।
आपकी बारी
चर्च में जाकर एक गीत खुले दिल से गाओ, जैसे तुम सच में परमेश्वर से बात कर रहे हो।
✦ दोपहर का पल
देखो, यह क्या ही भली और मनोहर बात है कि भाई लोग आपस में मिले रहें!
भजन संहिता 133:1 (IRV Hindi 2019)
सरल शब्दों में: परमेश्वर कहते हैं, जब सब लोग साथ मिलकर रहते हैं, तो यह बहुत अच्छा और सुंदर लगता है।
आज रविवार है, और शायद घर में सब लोग साथ खाना खा रहे हैं। दादी, मम्मी, पापा, भाई-बहन, सब एक मेज पर बैठे हैं। क्या तुमने कभी सोचा है कि साथ बैठकर खाना कितना अच्छा लगता है?
कभी-कभी हम भूल जाते हैं कि साथ होना कितनी बड़ी बात है। जब चर्च में सब मिलकर गाते हैं, या घर में सब मिलकर हँसते हैं, तो परमेश्वर को यह बहुत पसंद आता है। वह चाहता है कि हम एक-दूसरे से प्यार करें और साथ रहें।
आपकी बारी
आज खाने की मेज पर बैठकर अपने परिवार के किसी एक व्यक्ति को बताओ कि तुम्हें उसके साथ रहना कितना अच्छा लगता है।
✩ दोपहर का पल
उसने उनसे कहा, “नाव की दाहिनी ओर जाल डालो, तो पाओगे।” तब उन्होंने जाल डाला, और अब मछलियों की बहुतायत के कारण उसे खींच न सके।
यूहन्ना 21:6 (IRV Hindi 2019)
सरल शब्दों में: पूरी रात कुछ न मिला, फिर यीशु ने कहा नाव के दूसरी तरफ जाल डालो। इतनी मछलियाँ आईं कि जाल खींचना मुश्किल हो गया।
सोचो, चेले पूरी रात मेहनत करते रहे थे। थके हुए हाथ, खाली जाल, कोई मछली नहीं। ऐसा तुम्हारे साथ भी होता है ना, जब कुछ करते हो और कुछ नहीं मिलता।
तभी किनारे पर एक आवाज़ आई, बस दूसरी तरफ डालो। चेलों ने वैसा ही किया, हालांकि शायद उन्हें अजीब भी लगा हो। और फिर जाल भर गया, इतनी मछलियाँ कि खींचना मुश्किल हो गया। यीशु उनके पास था, तभी सब बदल गया।
कभी-कभी तुम भी थक जाते हो, कोशिश करते हो पर कुछ ठीक नहीं होता। पर यीशु देख रहा होता है, वह पास है, वह मदद भेज सकता है, चाहे तुम्हें दिखे या न दिखे।
आपकी बारी
आज घर में किसी को बताओ, कब तुम्हें लगा था कि कुछ काम नहीं करेगा, पर बाद में अच्छा हो गया।
☾ संध्या का क्षण
“हे सबपरिश्रम करनेवालों और बोझ से दबेलोगों, मेरे पास आओ; मैं तुम्हें विश्राम दूँगा।
मत्ती 11:28 (IRV Hindi 2019)
सरल शब्दों में: यीशु कहते हैं, जब तुम थके हुए हो तो मेरे पास आओ। मैं तुम्हें आराम दूँगा।
आज पूरा दिन कितना भरा हुआ था, है ना? चर्च में गाना, परिवार के साथ बैठना, खेलना, बातें करना। अब शरीर थक गया है और आँखें बंद होने लगी हैं। बिस्तर पर लेटते हुए तुम शायद सोच रहे हो कि कल क्या होगा।
यीशु ने कहा था कि जो थके हुए हैं वे उसके पास आ सकते हैं। तुम्हें कुछ भी बड़ा या समझदार नहीं बनना पड़ता। सिर्फ आना है, जैसे तुम हो, थके हुए और नींद से भरे। यीशु तुम्हारा बोझ अपने ऊपर ले लेते हैं और तुम्हें चैन देते हैं। पूरी रात परमेश्वर तुम्हारे पास जागता रहता है, तुम्हारे कमरे में, तुम्हारे दिल के पास।
आपकी बारी
आज रात सोने से पहले धीरे से कहो, यीशु मैं थक गया हूँ, अब मुझे आराम दे।
इन अंशों को बाइबल में पढ़ें
किसी अंश पर टैप करें और अपने माता-पिता या शिक्षक के साथ यहीं पढ़ें।
2मेरा प्राण यहोवा के आँगनों की अभिलाषा करते-करते मूर्छित हो चला; मेरा तन मन दोनों जीविते परमेश्वर को पुकार रहे।
1देखो, यह क्या ही भली और मनोहर बात है कि भाई लोग आपस में मिले रहें!
6उसने उनसे कहा, “नाव की दाहिनी ओर जाल डालो, तो पाओगे।” तब उन्होंने जाल डाला, और अब मछलियों की बहुतायत के कारण उसे खींच न सके।
28“हे सबपरिश्रम करनेवालों और बोझ से दबेलोगों, मेरे पास आओ; मैं तुम्हें विश्राम दूँगा।
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