परमेश्वर हर पल हमारे साथ
परमेश्वर का साथ
बच्चों के लिए चार छोटे बाइबल पल, भजन संहिता 46:1, नीतिवचन 12:25, यूहन्ना 6:9 and भजन संहिता 121:2 पर आधारित।
☀ सुबह का पल
परमेश्वर हमारा शरणस्थान और बल है, संकट में अति सहज से मिलनेवाला सहायक।
भजन संहिता 46:1 (IRV Hindi 2019)
सरल शब्दों में: परमेश्वर हमारी ताकत हैं। जब भी हमें मुश्किल लगे, वे हमारी मदद करने के लिए हमेशा तैयार रहते हैं।
सुबह की घंटी बजती है, तुम आँखें मलते हुए उठते हो। बाहर धूप खिड़की से झाँक रही है, और स्कूल बैग दरवाज़े के पास तैयार खड़ा है। शायद आज गणित का टेस्ट है, या दोस्त के साथ खेलने का मन है। दिन में क्या-क्या होगा, तुम्हें पूरा पता नहीं होता।
पर एक बात पक्की है, परमेश्वर तुम्हारे साथ चलते हैं। वे तुम्हारी ताकत हैं, जैसे मम्मी का हाथ पकड़कर तुम सड़क पार करते हो। जब कोई बात मुश्किल लगे, डर लगे, या दिल घबराए, तो वे तुम्हारे पास सबसे पहले आने वाले सहायक हैं। तुम्हें अकेले कुछ नहीं करना पड़ता।
आपकी बारी
घर से निकलने से पहले परमेश्वर से धीरे से कहो, "आज मेरे साथ रहिए।"
✦ दोपहर का पल
उदास मन दब जाता है, परन्तु भली बात से वह आनन्दित होता है।
नीतिवचन 12:25 (IRV Hindi 2019)
सरल शब्दों में: जब कोई दुखी होता है, तो एक अच्छी बात सुनकर उसका मन खुश हो जाता है।
आज दोपहर के खाने पर जरा सोचो, तुमने आज किसी का चेहरा उदास देखा क्या? शायद तुम्हारे दोस्त की बोतल गिर गई हो, या किसी को डांट पड़ी हो। ऐसे समय में एक अच्छी बात कितना बड़ा असर करती है।
एक छोटा सा 'तुम अच्छे हो', या 'चलो साथ खेलते हैं' सुनकर मन हल्का हो जाता है। परमेश्वर ने हमें ऐसे ही एक दूसरे के लिए बनाया है, कि हम एक दूसरे को थोड़ी खुशी दे सकें।
आपकी बारी
आज दोपहर के बाद किसी एक दोस्त या भाई-बहन को कोई अच्छी बात कहो, ताकि उसका मन खुश हो जाए।
✩ दोपहर का पल
“यहाँ एक लड़का है, जिसके पास जौ की पाँच रोटी और दो मछलियाँ हैं, परन्तु इतने लोगों के लिये वे क्या हैं।”
यूहन्ना 6:9 (IRV Hindi 2019)
सरल शब्दों में: एक छोटे लड़के के पास सिर्फ पाँच रोटियाँ और दो मछलियाँ थीं, फिर भी उसने अपना थोड़ा सा खाना यीशु को दे दिया।
स्कूल से आते ही तुमने बैग नीचे फेंका होगा, जूते उतारे होंगे, और पेट में हल्की सी भूख महसूस हुई होगी। सोचो, अगर तुम्हारे पास बस थोड़ा सा नाश्ता हो, और आस-पास ढेर सारे भूखे बच्चे बैठे हों, तो क्या करोगे।
उस लड़के के पास भी बस पाँच रोटियाँ और दो मछलियाँ थीं। हज़ारों लोगों के सामने यह कुछ भी नहीं लगता था। लेकिन उसने डरा नहीं, शर्माया नहीं। उसने अपना छोटा सा खाना यीशु के हाथ में रख दिया। और यीशु ने वह थोड़ा सा खाना इतना बड़ा कर दिया कि सब का पेट भर गया, और फिर भी बहुत बचा।
आपकी बारी
आज घर जाकर अपना कोई एक नाश्ता या फल अपने भाई, बहन या दोस्त के साथ आधा आधा बाँट कर खाओ।
☾ संध्या का क्षण
मुझे सहायता यहोवा की ओर से मिलती है, जो आकाश और पृथ्वी का कर्ता है।
भजन संहिता 121:2 (IRV Hindi 2019)
सरल शब्दों में: जिसने आकाश और धरती बनाई, वही परमेश्वर तुम्हारी मदद करता है।
आज मंगलवार का दिन कैसा रहा? शायद तुमने स्कूल में गणित सीखा, या खेल के मैदान में दोस्तों के साथ दौड़ लगाई। अब दिन खत्म हो गया है, और तुम अपने बिस्तर में लेटे हो।
सोचो, जिसने चाँद और तारे बनाए, वही परमेश्वर आज रात तुम्हारा ख्याल रख रहा है। जब तुम आँखें बंद करोगे, तब भी वह जागता रहेगा। तुम्हें कुछ भी करने की ज़रूरत नहीं है, तुम्हें बस सोना है और भरोसा रखना है। जैसे मम्मी या पापा रात में एक बार तुम्हें देखने आते हैं, वैसे ही परमेश्वर हर पल तुम्हारे पास है।
आपकी बारी
आज रात सोने से पहले धीरे से कहो, धन्यवाद परमेश्वर, कि आपने आज मेरी मदद की।
इन अंशों को बाइबल में पढ़ें
किसी अंश पर टैप करें और अपने माता-पिता या शिक्षक के साथ यहीं पढ़ें।
1परमेश्वर हमारा शरणस्थान और बल है, संकट में अति सहज से मिलनेवाला सहायक।
25उदास मन दब जाता है, परन्तु भली बात से वह आनन्दित होता है।
9“यहाँ एक लड़का है, जिसके पास जौ की पाँच रोटी और दो मछलियाँ हैं, परन्तु इतने लोगों के लिये वे क्या हैं।”
2मुझे सहायता यहोवा की ओर से मिलती है, जो आकाश और पृथ्वी का कर्ता है।
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