परमेश्वर की खुशी और मदद
खुशी और मदद
बच्चों के लिए चार छोटे बाइबल पल, भजन संहिता 30:5, भजन संहिता 107:1, मरकुस 5:41 and भजन संहिता 121:1 पर आधारित।
☀ सुबह का पल
क्योंकि उसका क्रोध, तो क्षण भर का होता है, परन्तु उसकी प्रसन्नता जीवन भर की होती है। कदाचित् रात को रोना पड़े, परन्तु सवेरे आनन्द पहुँचेगा।
भजन संहिता 30:5 (IRV Hindi 2019)
सरल शब्दों में: रात में रोना हो सकता है, लेकिन सुबह फिर से खुशी आती है। परमेश्वर हर नए दिन में नई खुशी देता है।
सुबह की धूप तुम्हारे कमरे की खिड़की से अंदर आती है, और तुम आँखें मलते हुए उठते हो। शायद कल रात कुछ अच्छा नहीं हुआ था, कोई झगड़ा, कोई डर, या बस थकान। मगर देखो, एक नया दिन शुरू हो गया है।
परमेश्वर हर रात के बाद एक नई सुबह देता है। जैसे अंधेरे के बाद सूरज उगता है, वैसे ही उदासी के बाद भी खुशी आ सकती है। तुम्हारे स्कूल बैग में किताबें रखते समय, तुम्हारे दोस्त का हँसता चेहरा सोचते समय, परमेश्वर तुम्हारे साथ है। वह चाहता है कि तुम आज मुस्कुराओ।
आपकी बारी
आज सुबह, नाश्ता करते समय, अपने घर में किसी एक को बताओ कि तुम इस नए दिन के लिए खुश हो।
✦ दोपहर का पल
यहोवा का धन्यवाद करो, क्योंकि वह भला है; और उसकी करुणा सदा की है!
भजन संहिता 107:1 (IRV Hindi 2019)
सरल शब्दों में: परमेश्वर बहुत अच्छा है और उसका प्यार कभी खत्म नहीं होता। इसलिए हम उसे धन्यवाद कहते हैं।
तुम्हारी टिफिन में आज क्या है? रोटी, चावल, या कोई फल? जब तुम अपने दोस्तों के साथ बैठकर खाते हो, तब कभी सोचा है कि यह खाना कहाँ से आया? किसी ने इसे बनाया, किसी ने इसे तुम्हारे बैग में रखा।
हर सोमवार एक जैसा लगता है, स्कूल जाना, पढ़ाई करना, फिर घर आना। पर परमेश्वर हर दिन भला है, चाहे वह दिन खास हो या साधारण। वह तुम्हारा ध्यान रखता है, तभी तो आज भी खाने के लिए कुछ है।
आपकी बारी
आज दोपहर के खाने के बाद अपनी मम्मी या पापा को खाने के लिए धन्यवाद कहो।
✩ दोपहर का पल
और लड़की का हाथ पकड़कर उससे कहा, “तलीता कूमी”; जिसका अर्थ यह है “हे लड़की, मैं तुझ से कहता हूँ, उठ।”
मरकुस 5:41 (IRV Hindi 2019)
सरल शब्दों में: यीशु ने एक मरी हुई लड़की का हाथ पकड़ा और प्यार से कहा, 'उठ जा।' और वह तुरंत उठ खड़ी हुई।
स्कूल से घर आकर तुम कभी-कभी कितने थके होते हो, है ना? कभी पैर दुखते हैं, कभी मन उदास होता है, और बस लेट जाने का मन करता है। उस छोटी लड़की की कहानी में भी सब लोग दुखी थे, क्योंकि वह बहुत बीमार थी। लेकिन यीशु डरे नहीं, वे उसके पास गए।
यीशु ने उसका हाथ पकड़ा, बिलकुल वैसे जैसे मम्मी या पापा तुम्हारा हाथ पकड़ते हैं जब तुम्हें डर लगता है। उन्होंने धीरे से बोला, 'उठ जा,' और वह लड़की उठ खड़ी हुई। यीशु हर बच्चे के पास आते हैं, चाहे वह थका हो, उदास हो या डरा हुआ हो।
आपकी बारी
आज घर पहुँचकर किसी एक को बताओ कि तुम कैसा महसूस कर रहे हो, चाहे थके हो या खुश।
☾ संध्या का क्षण
मैं अपनी आँखें पर्वतों की ओर उठाऊँगा। मुझे सहायता कहाँ से मिलेगी?
भजन संहिता 121:1 (IRV Hindi 2019)
सरल शब्दों में: दाऊद पहाड़ों की ओर देखता है और सोचता है, मेरी मदद कहाँ से आएगी? फिर वह याद करता है, परमेश्वर से।
आज सोमवार था, स्कूल का बैग, होमवर्क, खाना, सब कुछ हो गया। अब कमरे की बत्ती धीरे धीरे बुझ रही है। खिड़की से बाहर देखो, आसमान में कुछ तारे झाँक रहे होंगे।
दाऊद भी रात को ऊपर देखता था। पहाड़ों की ओर, आसमान की ओर। वह सोचता था, मेरी मदद कहाँ से आएगी? फिर उसे याद आता, परमेश्वर से। तुम्हारी मदद भी वहीं से आती है। जब तुम्हें डर लगे, जब कमरा अंधेरा लगे, परमेश्वर तुम्हें देख रहा है। वह सोता नहीं, वह जागता रहता है, तुम्हारे ऊपर।
आपकी बारी
आज रात सोने से पहले, एक बार ऊपर आसमान की ओर देखो और धीरे से कहो, धन्यवाद परमेश्वर।
इन अंशों को बाइबल में पढ़ें
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5क्योंकि उसका क्रोध, तो क्षण भर का होता है, परन्तु उसकी प्रसन्नता जीवन भर की होती है। कदाचित् रात को रोना पड़े, परन्तु सवेरे आनन्द पहुँचेगा।
1यहोवा का धन्यवाद करो, क्योंकि वह भला है; और उसकी करुणा सदा की है!
41और लड़की का हाथ पकड़कर उससे कहा, “तलीता कूमी”; जिसका अर्थ यह है “हे लड़की, मैं तुझ से कहता हूँ, उठ।”
1मैं अपनी आँखें पर्वतों की ओर उठाऊँगा। मुझे सहायता कहाँ से मिलेगी?
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