आज का दिन आनंद का दिन
आनंद और भरोसा
बच्चों के लिए चार छोटे बाइबल पल, भजन संहिता 118:24, नीतिवचन 17:22, मरकुस 2:5 and भजन संहिता 139:11 पर आधारित।
☀ सुबह का पल
आज वह दिन है जो यहोवा ने बनाया है; हम इसमें मगन और आनन्दित हों।
भजन संहिता 118:24 (IRV Hindi 2019)
सरल शब्दों में: आज का यह दिन परमेश्वर ने खास तुम्हारे लिए बनाया है। इसलिए आज तुम खुश रह सकते हो।
सुबह जब आँखें खुलती हैं, तो सबसे पहले क्या मन में आता है? शायद स्कूल का बैग, या टिफिन में क्या रखा है, यह सोचकर उठना पड़ता है। पर सोचो, आज का यह दिन किसी और ने नहीं, खुद परमेश्वर ने बनाया है।
यह दिन नया है, कल जैसा नहीं। शायद कल किसी दोस्त से झगड़ा हुआ हो, या कोई काम अटक गया हो। आज फिर से शुरुआत करने का मौका है। परमेश्वर हर सुबह एक नया तोहफा देते हैं, बिल्कुल वैसे जैसे मम्मी हर सुबह नया टिफिन बनाती हैं।
आपकी बारी
आज स्कूल जाते समय एक बार आसमान की तरफ देखकर मन में कहो, धन्यवाद परमेश्वर, आज का दिन आपने ही बनाया है।
✦ दोपहर का पल
मन का आनन्द अच्छी औषधि है, परन्तु मन के टूटने से हड्डियाँ सूख जाती हैं।
नीतिवचन 17:22 (IRV Hindi 2019)
सरल शब्दों में: खुश मन एक अच्छी दवा जैसा होता है, पर उदास मन शरीर को भी कमज़ोर कर देता है।
सोच जरा, तुमने आज सुबह किसी को हँसाया था क्या? शायद किसी मज़ेदार बात पर, या किसी को गले लगाकर। हँसी सच में एक दवा जैसी होती है, भगवान ने हमें ऐसा ही बनाया है।
जब पेट भरा हो और मन भी खुश हो, तो दिन आसान लगता है। पर जब कोई उदास बैठा हो, चुपचाप कोने में, तो उसका दिन भारी लगता है। तुम्हारी एक छोटी सी मुस्कान या एक अच्छी बात उस भार को हल्का कर सकती है।
आपकी बारी
दोपहर के भोजन के बाद, किसी एक दोस्त या घर के किसी सदस्य से एक ऐसी बात कहो जो उसे हँसा दे या खुश कर दे।
✩ दोपहर का पल
यीशु ने, उनका विश्वास देखकर, उस लकवे के मारे हुए से कहा, “हे पुत्र, तेरे पाप क्षमा हुए।”
मरकुस 2:5 (IRV Hindi 2019)
सरल शब्दों में: यीशु ने देखा कि चार दोस्तों को कितना भरोसा था। उसने बीमार आदमी से कहा, तेरे पाप माफ हो गए।
स्कूल से घर आकर तुम कितने थके होते हो न? कभी-कभी बस्ता भारी लगता है, या कोई काम अकेले करना मुश्किल लगता है। तब कोई दोस्त साथ दे दे, तो कितना अच्छा लगता है।
एक बीमार आदमी अपने पैरों पर चल नहीं सकता था। चार दोस्त उसे चटाई पर उठाकर यीशु के पास ले गए। घर में इतनी भीड़ थी कि दरवाजे से अंदर जाना मुश्किल था। तो उन्होंने छत तोड़ी और उसे नीचे उतार दिया। यीशु ने उनका भरोसा देखा और उस आदमी की मदद की।
आपकी बारी
आज घर जाकर किसी एक दोस्त को याद करो जिसने आज तुम्हारी मदद की, और उसे धन्यवाद कहो।
☾ संध्या का क्षण
यदि मैं कहूँ कि अंधकार में तो मैं छिप जाऊँगा, और मेरे चारों ओर का उजियाला रात का अंधेरा हो जाएगा,
भजन संहिता 139:11 (IRV Hindi 2019)
सरल शब्दों में: अंधेरे में भी परमेश्वर तुम्हें देख सकते हैं। उसके लिए रात भी दिन जैसी उजली है।
आज सोमवार का दिन खत्म हो गया है, स्कूल का बैग कोने में रखा है, और अब कमरे की बत्ती बुझ गई है। हो सकता है अंधेरा थोड़ा डरावना लगे, दीवार पर परदे की परछाई अजीब दिखे। पर तुम्हें पता है, वह अंधेरा तुम्हें नहीं छिपा सकता। परमेश्वर के लिए रात भी दिन जैसी साफ है, वह तुम्हें अभी भी देख रहा है और तुम्हारे पास है। जैसे मम्मी रात में भी आकर देख लेती है कि तुम ठीक हो, वैसे ही परमेश्वर की आँखें कभी बंद नहीं होतीं। तुम्हें डरने की कोई जरूरत नहीं, क्योंकि वह हमेशा जागता है और तुम्हारी रखवाली करता है। तुम आराम से सो सकते हो, वह सब संभाल लेगा। आज रात सोने से पहले, अपनी मम्मी या पापा को बताओ कि आज किस बात ने तुम्हें सबसे ज्यादा खुश किया।
इन अंशों को बाइबल में पढ़ें
किसी अंश पर टैप करें और अपने माता-पिता या शिक्षक के साथ यहीं पढ़ें।
24आज वह दिन है जो यहोवा ने बनाया है; हम इसमें मगन और आनन्दित हों।
22मन का आनन्द अच्छी औषधि है, परन्तु मन के टूटने से हड्डियाँ सूख जाती हैं।
5यीशु ने, उनका विश्वास देखकर, उस लकवे के मारे हुए से कहा, “हे पुत्र, तेरे पाप क्षमा हुए।”
11यदि मैं कहूँ कि अंधकार में तो मैं छिप जाऊँगा, और मेरे चारों ओर का उजियाला रात का अंधेरा हो जाएगा,
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