7 से 12 वर्ष के बच्चे के लिए

1 तीमुथियुस 1

प्राथमिक आयु (7-12) के लिए व्याख्या और बाइबल कहानी

बाइबल

The Explanation

पौलुस एक बूढ़ा प्रेरित था। वह पहले परमेश्वर के लोगों को सताता था, उन्हें दुःख देता था। पर एक दिन प्रभु यीशु ने उसे रोका, और सब कुछ बदल गया। अब वही पौलुस अपने प्रिय बेटे तीमुथियुस को पत्र लिख रहा है। तीमुथियुस इफिसुस नाम के शहर में रहता था।

वहाँ कुछ लोग अजीब-अजीब कहानियाँ और लम्बी वंशावलियाँ सुनाते थे। ये कहानियाँ सच्ची शिक्षा नहीं थीं, वे केवल झगड़े पैदा करती थीं। कल्पना करो, कुछ लोग बड़े ज्ञानी बनना चाहते थे, पर जो बोलते थे वह खुद भी नहीं समझते थे। पौलुस तीमुथियुस से कहता है, "इन बातों को रोक, ऐसी शिक्षा मत होने दे।"

फिर पौलुस अपनी खुद की कहानी बताता है। "मैं पहले निन्दा करनेवाला और सतानेवाला था," वह लिखता है। परमेश्वर के लोगों को पकड़वाना, उन्हें दुःख देना, यही उसका काम था। एक असली खलनायक जैसा! पर परमेश्वर ने उस पर दया की। यीशु मसीह ने उसे क्षमा किया और अपनी सेवा के लिये चुन लिया।

क्या तुम्हें लगता है परमेश्वर ऐसे आदमी को माफ करेंगे, जिसने इतना बुरा किया था? पौलुस खुद कहता है, "मसीह यीशु पापियों को बचाने आया, जिनमें सबसे बड़ा मैं हूँ।"

What Does This Mean?

यह पत्र बताता है कि सच्ची शिक्षा क्या करती है, और झूठी शिक्षा क्या करती है। सच्ची शिक्षा शुद्ध मन और सच्चे प्रेम की ओर ले जाती है। झूठी शिक्षा केवल बहस और उलझन पैदा करती है।

पौलुस का बदलना दिखाता है कि परमेश्वर की दया कितनी बड़ी है। सबसे बुरा आदमी भी नया आदमी बन सकता है, जब यीशु उसे थाम लेते हैं। यह डरावनी बात नहीं, यह आशा की बात है।

पौलुस तीमुथियुस को एक सैनिक की तरह देखता है। वह कहता है, "अच्छी लड़ाई को लड़ता रह, विश्वास और अच्छे विवेक को थामे रह।" जैसे एक सैनिक तलवार को कसकर पकड़ता है, वैसे ही तीमुथियुस को अपने विश्वास को कसकर पकड़ना है। कुछ लोगों ने यह विश्वास छोड़ दिया, और उनका जहाज डूब गया, जैसे समुद्र में एक जहाज बिना पतवार के डूब जाता है।

The Common Thread

यह सारी कहानी यीशु मसीह की ओर इशारा करती है। वे "पापियों का उद्धार करने के लिये जगत में आए।" पौलुस, सबसे बुरा पापी, उदाहरण बन गया कि यीशु कितने धीरजवन्त और दयालु हैं। जो कोई भी उन पर विश्वास करता है, उसे अनन्त जीवन मिलता है।

राजाओं के राजा, अनदेखे परमेश्वर, सदा के लिये महिमावान हैं। यह वही परमेश्वर हैं जिन्होंने डाँवाडोल पौलुस को थाम लिया, और जो आज भी हर बच्चे को थाम सकते हैं।

For You

तुम भी कभी-कभी गुस्सा करते हो, झूठ बोलते हो, या किसी को दुःख देते हो। पौलुस जैसे बड़े पापी को भी परमेश्वर ने माफ किया। तुम्हें भी माफ किया जा सकता है।

आज तुम अपने विश्वास को कैसे थामे रखोगे? शायद सोने से पहले प्रार्थना करके। शायद अपने छोटे भाई या बहन से सच बोलकर। शायद जब कोई झूठी बात कहे, तो उसे ना सुनकर, और यीशु की बात याद रखकर।

Talk About It

अगर पौलुस जैसा बुरा आदमी माफ हो सकता है, तो क्या तुम्हारी कोई गलती है जो तुम्हें लगता है परमेश्वर माफ नहीं करेंगे?

तीमुथियुस को "अच्छी लड़ाई" लड़नी थी। तुम्हारी ज़िंदगी में कौन सी अच्छी लड़ाई है जो तुम्हें लड़नी है?

Praying Together

प्रभु यीशु, धन्यवाद कि आपने पौलुस जैसे बुरे आदमी को भी माफ किया और नया बनाया। हमें भी माफ कीजिए जब हम गलत करते हैं। हमारे विश्वास को मजबूत रखिए, जैसे एक सैनिक अपनी तलवार को मजबूती से पकड़ता है। आमीन।

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1 तीमुथियुस 1 के बारे में प्रश्न

पहली बार इसके बारे में पढ़ने वाले हर किसी के लिए छोटे उत्तर।

1 तीमुथियुस 1 किस विषय में है?
पौलुस एक बूढ़ा प्रेरित था। वह पहले परमेश्वर के लोगों को सताता था, उन्हें दुःख देता था। पर एक दिन प्रभु यीशु ने उसे रोका, और सब कुछ बदल गया। अब वही पौलुस अपने प्रिय बेटे तीमुथियुस को पत्र लिख रहा है। तीमुथियुस इफिसुस नाम के शहर में रहता था।
1 तीमुथियुस 1 क्या कहता है?
क्या तुम्हें लगता है परमेश्वर ऐसे आदमी को माफ करेंगे, जिसने इतना बुरा किया था? पौलुस खुद कहता है, "मसीह यीशु पापियों को बचाने आया, जिनमें सबसे बड़ा मैं हूँ।"
1 तीमुथियुस 1 हमें परमेश्वर के बारे में क्या सिखाता है?
पौलुस तीमुथियुस को एक सैनिक की तरह देखता है। वह कहता है, "अच्छी लड़ाई को लड़ता रह, विश्वास और अच्छे विवेक को थामे रह।" जैसे एक सैनिक तलवार को कसकर पकड़ता है, वैसे ही तीमुथियुस को अपने विश्वास को कसकर पकड़ना है। कुछ लोगों ने यह विश्वास छोड़ दिया, और उनका जहाज डूब गया, जैसे समुद्र में एक जहाज बिना पतवार के डूब जाता है।
बच्चे 1 तीमुथियुस 1 से क्या सीख सकते हैं?
तुम भी कभी-कभी गुस्सा करते हो, झूठ बोलते हो, या किसी को दुःख देते हो। पौलुस जैसे बड़े पापी को भी परमेश्वर ने माफ किया। तुम्हें भी माफ किया जा सकता है।
1 तीमुथियुस 1 एक महत्वपूर्ण बाइबल कहानी क्यों है?
तीमुथियुस को "अच्छी लड़ाई" लड़नी थी। तुम्हारी ज़िंदगी में कौन सी अच्छी लड़ाई है जो तुम्हें लड़नी है?

दूसरों ने क्या पाया

अंतर्दृष्टि संपादकीय पर पद 9

यह जानते हुए कि व्यवस्था धर्मी जन के लिए नहीं," पौलुस लिखता है। नियम उसके लिए बना है जो अपने घाव को पहचानता ही नहीं। जो मसीह में धर्मी ठहरा, उसके सिर पर व्यवस्था अब लटकी तलवार नहीं है। पर खुद से पूछो: मैं आज भी डर के मारे परमेश्वर की सेवा करता हूँ, या उस प्रेम के कारण जिसने मुझे छुड़ाया?

अंतर्दृष्टि संपादकीय पर पद 19

विश्वास और उत्तम विवेक को रखे रह।" पौलुस दोनों को एक साथ जोड़ता है, क्योंकि विवेक को बार-बार दबाने वाला आदमी एक दिन विश्वास भी नहीं बचा पाता। जहाज़ अचानक नहीं डूबता। पहले वह छोटी सी आवाज़ चुप कराई जाती है जो कहती है, यह ठीक नहीं। आज तुझसे भीतर कौन सी बात कही जा रही है, जिसे तू अनसुना करता आया है?

अंतर्दृष्टि संपादकीय पर पद 12

पौलुस कहता है, "मैं अपने प्रभु मसीह यीशु का आभारी हूँ, जिसने मुझे सामर्थ्य दी, कि उसने मुझे विश्वासयोग्य समझकर अपनी सेवा के लिए ठहराया।" ध्यान दे, यीशु ने उसे विश्वासयोग्य समझा, तब जब वह कलीसिया को सता रहा था। तेरी योग्यता उसकी नज़र से शुरू होती है, तेरे रिकॉर्ड से नहीं। और जिस काम के लिए वह बुलाता है, उसी के लिए सामर्थ्य भी वही देता है।

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हमारे पास छोटे बच्चों (3-6 वर्ष) और किशोरों (12 वर्ष और अधिक) के लिए विशेष संस्करण भी हैं।

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For parents and teachers: 7 से 12 वर्ष के उन बच्चों के लिए लिखा गया जो स्वयं पढ़ सकते हैं। पारिवारिक भक्ति और स्कूल में बाइबल पाठ के लिए उत्तम। This explanation is generated automatically by language models. While we strive for theological soundness, the software can make mistakes.

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