7 से 12 वर्ष के बच्चे के लिए

2 इतिहास 11

प्राथमिक आयु (7-12) के लिए व्याख्या और बाइबल कहानी

बाइबल

व्याख्या

रहबाम अभी-अभी राजा बना है। सुलैमान का राज्य टूट गया है, यारोबाम ने दस गोत्रों को अपने साथ ले लिया है, और रहबाम के पास केवल यहूदा और बिन्यामीन रह गए हैं। पहला काम जो वह करता है, वह है सेना जुटाना, एक लाख अस्सी हजार योद्धा, ताकि युद्ध करके खोया हुआ राज्य वापस ले सके।

पर उससे पहले कि तलवारें उठें, परमेश्वर बीच में आते हैं। वे भविष्यवक्ता शमायाह के द्वारा कहते हैं कि अपने भाइयों पर चढ़ाई मत करो, अपने घर लौट जाओ, क्योंकि यह बात मेरी ही ओर से हुई है। यानी परमेश्वर खुद कह रहे हैं कि राज्य का टूटना उनकी इच्छा से हुआ, यह कोई दुर्घटना नहीं थी। और यहाँ कुछ अनमोल होता है, रहबाम और उसके लोग यह वचन सुनते हैं और मान लेते हैं। वे लड़ते नहीं, लौट जाते हैं।

इसके बाद रहबाम अपने बचे हुए राज्य को मज़बूत करने में लगता है। वह चौदह शहरों को गढ़ बनाता है, उनमें भोजन, तेल और दाखमधु का भण्डार रखता है, हथियार और सिपाही तैनात करता है। साथ ही एक अच्छी बात होती है, इस्राएल के दूसरे इलाकों से याजक और लेवीय लोग उसके पास आ जाते हैं, क्योंकि यारोबाम ने उन्हें निकाल दिया था और अपने बनाए झूठे देवताओं की पूजा के लिए अपने आदमी ठहरा लिए थे। जो सच्चे मन से परमेश्वर को खोजते थे, वे भी यरूशलेम आकर बलि चढ़ाने लगे। इस तरह तीन साल तक रहबाम दाऊद और सुलैमान की राह पर चलता रहा।

फिर अध्याय अचानक रहबाम के परिवार की बात करने लगता है। उसकी कई पत्नियाँ हैं, अठारह रानियाँ और साठ रखैलियाँ, अट्ठाईस बेटे और साठ बेटियाँ। वह माका नाम की पत्नी से सबसे ज़्यादा प्रेम करता है, और उसके बेटे अबिय्याह को अगला राजा बनाने की सोच लेता है।

इसका अर्थ क्या है?

यह अध्याय दिखाता है कि रहबाम की शुरुआत अच्छी थी। जब परमेश्वर ने उसे रोका, वह रुक गया। यह कोई छोटी बात नहीं है, क्योंकि युद्ध की तैयारी करके पीछे हटना अपमान जैसा लग सकता है, फिर भी उसने परमेश्वर की बात सुनी। और जब उसने अपने राज्य को संभालने में मेहनत की, तो परमेश्वर ने उसे तीन साल तक स्थिरता दी।

पर ध्यान दें, अध्याय के अंत में बताया गया है कि रहबाम कई स्त्रियों से विवाह करता है। बाइबल इसे बिना किसी सज़ा या तुरन्त टिप्पणी के बताती है, पर यह पाठक को याद दिलाता है कि यह वही राजा है जिसका दिल कभी परमेश्वर की तरफ था। क्या एक इंसान एक तरफ आज्ञाकारी हो सकता है और दूसरी तरफ अपनी इच्छा के पीछे चल सकता है? यही सवाल यह अध्याय हमें सोचने के लिए छोड़ देता है, और इसका जवाब देना आसान नहीं है।

बड़ी कहानी से संबंध

परमेश्वर ने दाऊद से वादा किया था कि उसका घराना हमेशा राज करेगा। रहबाम दाऊद का वंशज है, और भले ही राज्य टूट गया, यह वादा टूटा नहीं। परमेश्वर खुद कहते हैं कि यह विभाजन उनकी ओर से हुआ, इसका मतलब है कि वे अभी भी इतिहास पर नियंत्रण रखते हैं, चाहे हालात कैसे भी दिखें। यही वादा आगे चलकर उस राजा तक पहुँचता है जो हमेशा राज करेगा, यीशु मसीह, दाऊद का अंतिम और सच्चा वंशज।

तुम्हारे लिए

तुम्हारे जीवन में भी ऐसे पल आएँगे जब तुम गुस्से में या हार मानने से इनकार करते हुए कुछ बड़ा करने की तैयारी करोगे, और तब कोई तुम्हें रोकने की कोशिश करेगा। सवाल यह है, क्या तुम सुनने को तैयार हो? रहबाम ने उस दिन सुना। पर याद रखो, एक अच्छा फैसला हमेशा के लिए काफी नहीं है। भरोसा हर दिन नए सिरे से चुनना पड़ता है।

बातचीत के लिए

अगर परमेश्वर कहते हैं कि कुछ बुरा भी उनकी ओर से हुआ है, तो इससे तुम्हारे मन में परमेश्वर के बारे में क्या सवाल उठते हैं?

रहबाम एक तरफ परमेश्वर की बात मानता है, दूसरी तरफ अपने मन की करता है। तुम्हारे जीवन में ऐसा कब होता है?

साथ में प्रार्थना

प्रभु, आप इतिहास को अपने हाथों में रखते हैं, तब भी जब हमें सब कुछ टूटा हुआ लगता है। हमें वह कान दीजिए जो आपकी बात सुनते ही रुक जाएँ, और वह दिल दीजिए जो पूरी तरह आपकी ओर हो, ना कि आधा-आधा। आमीन।

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2 इतिहास 11 के बारे में प्रश्न

पहली बार इसके बारे में पढ़ने वाले हर किसी के लिए छोटे उत्तर।

2 इतिहास 11 किस विषय में है?
रहबाम अभी-अभी राजा बना है। सुलैमान का राज्य टूट गया है, यारोबाम ने दस गोत्रों को अपने साथ ले लिया है, और रहबाम के पास केवल यहूदा और बिन्यामीन रह गए हैं। पहला काम जो वह करता है, वह है सेना जुटाना, एक लाख अस्सी हजार योद्धा, ताकि युद्ध करके खोया हुआ राज्य वापस ले सके।
2 इतिहास 11 क्या कहता है?
इसके बाद रहबाम अपने बचे हुए राज्य को मज़बूत करने में लगता है। वह चौदह शहरों को गढ़ बनाता है, उनमें भोजन, तेल और दाखमधु का भण्डार रखता है, हथियार और सिपाही तैनात करता है। साथ ही एक अच्छी बात होती है, इस्राएल के दूसरे इलाकों से याजक और लेवीय लोग उसके पास आ जाते हैं, क्योंकि यारोबाम ने उन्हें निकाल दिया था और अपने बनाए झूठे देवताओं की पूजा के लिए अपने आदमी ठहरा लिए थे। जो सच्चे मन से परमेश्वर को खोजते थे, वे भी यरूशलेम आकर बलि चढ़ाने लगे। इस तरह तीन साल तक रहबाम दाऊद और सुलैमान की राह पर चलता रहा।
2 इतिहास 11 हमें परमेश्वर के बारे में क्या सिखाता है?
यह अध्याय दिखाता है कि रहबाम की शुरुआत अच्छी थी। जब परमेश्वर ने उसे रोका, वह रुक गया। यह कोई छोटी बात नहीं है, क्योंकि युद्ध की तैयारी करके पीछे हटना अपमान जैसा लग सकता है, फिर भी उसने परमेश्वर की बात सुनी। और जब उसने अपने राज्य को संभालने में मेहनत की, तो परमेश्वर ने उसे तीन साल तक स्थिरता दी।
बच्चे 2 इतिहास 11 से क्या सीख सकते हैं?
परमेश्वर ने दाऊद से वादा किया था कि उसका घराना हमेशा राज करेगा। रहबाम दाऊद का वंशज है, और भले ही राज्य टूट गया, यह वादा टूटा नहीं। परमेश्वर खुद कहते हैं कि यह विभाजन उनकी ओर से हुआ, इसका मतलब है कि वे अभी भी इतिहास पर नियंत्रण रखते हैं, चाहे हालात कैसे भी दिखें। यही वादा आगे चलकर उस राजा तक पहुँचता है जो हमेशा राज करेगा, यीशु मसीह, दाऊद का अंतिम और सच्चा वंशज।
2 इतिहास 11 एक महत्वपूर्ण बाइबल कहानी क्यों है?
अगर परमेश्वर कहते हैं कि कुछ बुरा भी उनकी ओर से हुआ है, तो इससे तुम्हारे मन में परमेश्वर के बारे में क्या सवाल उठते हैं?

दूसरों ने क्या पाया

अंतर्दृष्टि संपादकीय पर पद 13

सारे इस्राएल में जितने याजक और लेवीय थे, वे अपने-अपने क्षेत्रों से उसके पास चले आए।" ये लोग यूँ ही नहीं चले आए। यारोबाम ने बछड़े खड़े किए थे, और इन्होंने अपनी चरागाहें, अपने घर, अपनी रोज़ी छोड़ दी, ताकि सच्चे परमेश्वर की उपासना बनी रहे। तेरी आराधना तुझे आज किस चीज़ पर खर्च पड़ रही है? जो कुछ भी नहीं छोड़ता, वह शायद अभी तक चुनने की घड़ी में खड़ा ही नहीं हुआ।

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हमारे पास छोटे बच्चों (3-6 वर्ष) और किशोरों (12 वर्ष और अधिक) के लिए विशेष संस्करण भी हैं।

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For parents and teachers: 7 से 12 वर्ष के उन बच्चों के लिए लिखा गया जो स्वयं पढ़ सकते हैं। पारिवारिक भक्ति और स्कूल में बाइबल पाठ के लिए उत्तम। This explanation is generated automatically by language models. While we strive for theological soundness, the software can make mistakes.

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