2 राजाओं 14
प्राथमिक आयु (7-12) के लिए व्याख्या और बाइबल कहानी
The Explanation
अमस्याह यहूदा के नए राजा बने। वे पच्चीस साल के थे। उन्होंने वही किया जो परमेश्वर की नज़र में ठीक था, लेकिन दाऊद जैसे पूरी तरह से नहीं। जब राज्य उनके हाथ में मजबूत हुआ, उन्होंने उन लोगों को सज़ा दी जिन्होंने उनके पिता को मार डाला था। पर उनके बच्चों को उन्होंने जीवित रहने दिया। क्यों? क्योंकि मूसा की व्यवस्था में लिखा था, "जिसने पाप किया हो, वही उस पाप के कारण मार डाला जाए।" अमस्याह ने परमेश्वर के वचन का पालन किया।
फिर अमस्याह युद्ध के लिए गए। उन्होंने एदोम के दस हज़ार सैनिकों को हराया। एक शहर जीता और उसका नया नाम रखा, योक्तेल। जीत के बाद उनका दिल फूल उठा। उन्होंने इस्राएल के राजा यहोआश को संदेश भेजा, "आओ, हम एक दूसरे का सामना करें।"
यहोआश ने जवाब में एक कहानी सुनाई। "लबानोन की एक छोटी झाड़ी ने देवदार के पेड़ से कहा, अपनी बेटी का विवाह मेरे बेटे से कर दे।" पर तभी एक जंगली जानवर आया और उस झाड़ी को कुचल डाला। यहोआश ने चेतावनी दी, "तू जीता है तो घमंड कर रहा है। घर पर ही रह, वरना हानि उठाएगा।"
पर अमस्याह ने नहीं सुना। दोनों सेनाएँ बेतशेमेश में मिलीं। यहूदा हार गया। सैनिक डर के मारे अपने अपने घर भाग गए। यहोआश ने अमस्याह को पकड़ लिया और यरूशलेम की शहरपनाह को चार सौ हाथ तोड़ दिया। उन्होंने मंदिर का सोना चाँदी और बन्धक लोग ले लिए।
बाद में, यरूशलेम में अमस्याह के खिलाफ षड्यंत्र हुआ। वे लाकीश भाग गए, पर वहाँ भी उन्हें मार डाला गया। लोगों ने उनके सोलह साल के बेटे अजर्याह को नया राजा बनाया।
इस्राएल में यारोबाम राजा बने। उन्होंने वही किया जो परमेश्वर की नज़र में बुरा था। फिर भी परमेश्वर ने इस्राएल का दुःख देखा। कोई सहायक नहीं था। परमेश्वर ने कहा था, वे इस्राएल का नाम धरती से नहीं मिटाएँगे। इसलिए उन्होंने यारोबाम के द्वारा उन्हें छुटकारा दिया।
What Does This Mean?
यह कहानी हमें दिखाती है कि एक जीत के बाद घमंड आसानी से आ जाता है। अमस्याह ने सोचा, मैं मज़बूत हूँ, मैं और जीत सकता हूँ। पर उसने चेतावनी नहीं सुनी। वह अपने ही घमंड से गिर गया। परमेश्वर का वचन सच निकला, छोटी झाड़ी बड़े पेड़ से लड़ने नहीं जाती।
साथ ही हम देखते हैं कि परमेश्वर अपने वचन का पालन करते हैं, भले राजा अच्छा हो या बुरा। उन्होंने व्यवस्था के अनुसार न्याय दिखाया, और इस्राएल के साथ अपनी प्रतिज्ञा निभाई।
The Common Thread
परमेश्वर ने कहा था, "मैं इस्राएल का नाम धरती पर से नहीं मिटाऊँगा।" भले राजा गिरें, भले लोग पाप करें, परमेश्वर अपने लोगों को नहीं छोड़ते। यही वादा आगे चलकर यीशु मसीह में पूरा हुआ। परमेश्वर ने अपने बेटे को भेजा ताकि हर कोई जो उन पर भरोसा करे, कभी मिटाया न जाए, बल्कि सदा जीवित रहे।
For You
जब तुम्हें किसी काम में जीत मिलती है, याद रखना कि घमंड तुम्हें गिरा सकता है। जब कोई तुम्हें सच्ची चेतावनी दे, जैसे माता-पिता या शिक्षक, उसे ध्यान से सुनो। और जब तुम गलती करो, परमेश्वर से माफी माँगो। वे अपना वादा निभाते हैं, और वे तुम्हें भी नहीं छोड़ेंगे।
Talk About It
अमस्याह ने यहोआश की चेतावनी क्यों नहीं सुनी? तुम्हें क्या लगता है, उसे क्यों लगा कि वह जीत जाएगा?
क्या तुम्हें याद है, जब किसी ने तुम्हें चेतावनी दी और तुमने नहीं सुनी? आगे क्या हुआ?
Praying Together
प्रभु परमेश्वर, धन्यवाद कि आप अपना वादा कभी नहीं तोड़ते। हमें घमंड से बचाइए, और सिखाइए कि जब कोई हमें सच्ची बात बताए, हम ध्यान से सुनें। आमीन।
2 राजाओं 14 के बारे में प्रश्न
पहली बार इसके बारे में पढ़ने वाले हर किसी के लिए छोटे उत्तर।
2 राजाओं 14 किस विषय में है?
2 राजाओं 14 क्या कहता है?
2 राजाओं 14 हमें परमेश्वर के बारे में क्या सिखाता है?
बच्चे 2 राजाओं 14 से क्या सीख सकते हैं?
2 राजाओं 14 एक महत्वपूर्ण बाइबल कहानी क्यों है?
दूसरों ने क्या पाया
अमस्याह के और काम क्या यहूदा के राजाओं के इतिहास की पुस्तक में नहीं लिखे हैं?" एक पूरा जीवन, एक पंक्ति में समेट दिया गया। जिसने एदोम को हराया, वही एदोम के देवताओं के आगे झुक गया, और अंत में बस एक हवाला रह गया। सोचो, तुम्हारे दिनों की गिनती किस किताब में हो रही है? लोगों की यादें मिट जाती हैं, पर परमेश्वर कुछ नहीं भूलता।
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