7 से 12 वर्ष के बच्चे के लिए

2 पतरस 3

प्राथमिक आयु (7-12) के लिए व्याख्या और बाइबल कहानी

बाइबल

The Explanation

पतरस ने अपने मित्रों को एक चिट्ठी लिखी। यह उसकी दूसरी चिट्ठी थी। वह चाहता था कि वे कुछ न भूलें।

पतरस ने लिखा, याद रखो कि परमेश्वर के भविष्यद्वक्ताओं ने पहले क्या कहा था। और याद रखो कि प्रभु यीशु ने प्रेरितों के द्वारा क्या आज्ञा दी थी।

फिर पतरस ने एक चेतावनी दी। उसने कहा, कुछ लोग आएँगे जो हँसी-उपहास करेंगे। वे पूछेंगे, "यीशु के वापस आने का वादा कहाँ गया? हमारे पुरखे मर गए, पर कुछ भी नहीं बदला।"

पतरस ने कहा, ये लोग जान-बूझकर एक बात भूल जाते हैं। परमेश्वर ने अपने वचन से आकाश और पृथ्वी बनाई। और उसी परमेश्वर ने एक दिन पूरी दुनिया को पानी से डुबो दिया था, नूह के समय में। तो दुनिया हमेशा एक जैसी नहीं रहती।

अभी का आकाश और पृथ्वी भी उसी वचन के द्वारा सुरक्षित रखे गए हैं, आग के लिए। एक दिन उन लोगों का न्याय होगा जो परमेश्वर को नहीं मानते।

पतरस ने एक अद्भुत बात बताई। प्रभु के यहाँ एक दिन हजार साल के बराबर है, और हजार साल एक दिन के बराबर। प्रभु देर नहीं करता, वह धीरज धरता है, क्योंकि वह चाहता है कि हर कोई मन फिराए और बच जाए।

पर वह दिन जरूर आएगा, चोर के समान, अचानक। आकाश शोर के साथ बीत जाएगा, आग सब कुछ पिघला देगी। इसीलिए पतरस पूछता है, ऐसे में तुम्हें कैसा जीवन जीना चाहिए? पवित्र और भक्ति से भरा हुआ। एक नए आकाश और नई पृथ्वी की आस देखते हुए, जहाँ धार्मिकता रहेगी।

What Does This Mean?

क्या तुमने कभी किसी की देर से आने का इंतज़ार किया है? और तुम्हें लगा, "क्या वह भूल गया?" कुछ लोग यीशु के बारे में भी ऐसा ही सोचते हैं। वे हँसते हैं और कहते हैं, वह कभी नहीं आएगा।

पर पतरस कहता है, प्रभु भूला नहीं है। वह धीरज धर रहा है। वह चाहता है कि सब लोगों को उसके पास आने का समय मिले। यह प्रभु के प्यार की निशानी है, उसकी सुस्ती की नहीं।

फिर भी, एक दिन सब कुछ बदल जाएगा। जैसे नूह के समय पानी अचानक आया, वैसे ही एक दिन प्रभु का दिन अचानक आएगा। इसलिए तैयार रहना बुद्धिमानी है।

The Common Thread

यह पूरी कहानी यीशु मसीह की ओर इशारा करती है। वे ही वह प्रभु हैं जो लौटकर आएँगे। परमेश्वर ने नूह के समय भी वादा निभाया, वह पानी लाया जैसा कहा था। वैसे ही वे अपना वादा फिर से निभाएँगे।

परमेश्वर की धीरज एक उपहार है। पौलुस ने भी यही लिखा था। परमेश्वर चाहते हैं कि हर कोई उनके पास आए, इसी कारण वे रुके हुए हैं। यह उनके प्यार की कहानी है, आरम्भ से अब तक।

For You

तुम आज ऐसे जी सकते हो जैसे यीशु सचमुच लौट आएँगे। जब तुम गुस्सा करने वाले होते हो, याद करो, प्रभु धीरज रखते हैं, तुम भी रख सकते हो। जब कोई तुमसे झूठ बोले या मज़ाक उड़ाए कि परमेश्वर की बातें सच नहीं हैं, तुम डरो मत, याद रखो कि नूह के समय भी लोग हँसे थे।

आज किसी छोटे काम में परमेश्वर की बात मानो, सच बोलो, किसी की मदद करो। ऐसे ही निष्कलंक जीवन जीना सीखा जाता है।

Talk About It

अगर तुम्हें पता होता कि यीशु आज लौट आएँगे, तो तुम क्या अलग करते?

नूह के समय लोग क्यों नहीं मानते थे कि पानी आएगा? तुम्हें क्या लगता है?

Praying Together

हे प्रभु, आप धीरज रखते हैं क्योंकि आप हमसे प्यार करते हैं। हमें सिखाइए कि हम आपकी प्रतीक्षा में पवित्र जीवन जिएँ। हमें डरने न दें, बल्कि आपकी भलाई और सामर्थ्य में बढ़ने दें। आमीन।

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2 पतरस 3 के बारे में प्रश्न

पहली बार इसके बारे में पढ़ने वाले हर किसी के लिए छोटे उत्तर।

2 पतरस 3 किस विषय में है?
पतरस ने अपने मित्रों को एक चिट्ठी लिखी। यह उसकी दूसरी चिट्ठी थी। वह चाहता था कि वे कुछ न भूलें।
2 पतरस 3 क्या कहता है?
अभी का आकाश और पृथ्वी भी उसी वचन के द्वारा सुरक्षित रखे गए हैं, आग के लिए। एक दिन उन लोगों का न्याय होगा जो परमेश्वर को नहीं मानते।
2 पतरस 3 हमें परमेश्वर के बारे में क्या सिखाता है?
पर पतरस कहता है, प्रभु भूला नहीं है। वह धीरज धर रहा है। वह चाहता है कि सब लोगों को उसके पास आने का समय मिले। यह प्रभु के प्यार की निशानी है, उसकी सुस्ती की नहीं।
बच्चे 2 पतरस 3 से क्या सीख सकते हैं?
तुम आज ऐसे जी सकते हो जैसे यीशु सचमुच लौट आएँगे। जब तुम गुस्सा करने वाले होते हो, याद करो, प्रभु धीरज रखते हैं, तुम भी रख सकते हो। जब कोई तुमसे झूठ बोले या मज़ाक उड़ाए कि परमेश्वर की बातें सच नहीं हैं, तुम डरो मत, याद रखो कि नूह के समय भी लोग हँसे थे।
2 पतरस 3 एक महत्वपूर्ण बाइबल कहानी क्यों है?
हे प्रभु, आप धीरज रखते हैं क्योंकि आप हमसे प्यार करते हैं। हमें सिखाइए कि हम आपकी प्रतीक्षा में पवित्र जीवन जिएँ। हमें डरने न दें, बल्कि आपकी भलाई और सामर्थ्य में बढ़ने दें। आमीन।

दूसरों ने क्या पाया

अंतर्दृष्टि संपादकीय पर पद 17

तुम लोग पहले से इन बातों को जानकर सावधान रहो, कि तुम भी अधर्मियों के भ्रम में फँसकर अपनी स्थिरता को हाथ से न खो दो।" ध्यान दो, पतरस कहता है स्थिरता "हाथ से खो देना।" यानी वह तुम्हारे पास है, पर पकड़ ढीली भी हो सकती है। जानना काफी नहीं, थामे रहना पड़ता है। आज तुम्हारी पकड़ किस पर मज़बूत है?

अंतर्दृष्टि संपादकीय पर पद 13

पतरस ने आग और गलने की बात के बाद जो कहा, वह डर नहीं, आशा है: "पर उसकी प्रतिज्ञा के अनुसार हम एक नए आकाश और नई पृथ्वी की आस देखते हैं जिनमें धार्मिकता वास करेगी।" ध्यान दो, धार्मिकता वहाँ मेहमान की तरह नहीं आती, वह वहाँ बसती है। यहाँ तुम्हें सच बोलने के लिए लड़ना पड़ता है। वहाँ सच घर पर होगा। क्या तुम आज उसी घर के लायक जी रहे हो?

अंतर्दृष्टि संपादकीय पर पद 18

पतरस अपनी आखिरी चिट्ठी को इन शब्दों से बंद करता है, "पर हमारे प्रभु और उद्धारकर्ता यीशु मसीह के अनुग्रह और पहचान में बढ़ते जाओ।" ध्यान दो, वह कहता है "बढ़ते जाओ।" मसीह को जानना एक दिन की बात नहीं, यह एक यात्रा है।

आज खुद से पूछो, क्या पिछले साल की तुलना में मैं यीशु को थोड़ा और गहराई से जानता हूँ? अनुग्रह पाना काफी नहीं, उसमें बढ़ना ज़रूरी है, जैसे एक पौधा हर दिन थोड़ा और जड़ पकड़ता जाता है।

किसी अन्य आयु वर्ग की तलाश है?

हमारे पास छोटे बच्चों (3-6 वर्ष) और किशोरों (12 वर्ष और अधिक) के लिए विशेष संस्करण भी हैं।

बच्चों की बाइबल टूल में खोलें

For parents and teachers: 7 से 12 वर्ष के उन बच्चों के लिए लिखा गया जो स्वयं पढ़ सकते हैं। पारिवारिक भक्ति और स्कूल में बाइबल पाठ के लिए उत्तम। This explanation is generated automatically by language models. While we strive for theological soundness, the software can make mistakes.

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