7 से 12 वर्ष के बच्चे के लिए

आमोस 4

प्राथमिक आयु (7-12) के लिए व्याख्या और बाइबल कहानी

बाइबल

The Explanation

सामरिया शहर के पहाड़ पर कुछ अमीर स्त्रियाँ रहती थीं। परमेश्वर उन्हें "बाशान की मोटी गायों" कहते हैं। वे आराम से खाती-पीती थीं, पर गरीबों की परवाह नहीं करती थीं। वे अपने पतियों से कहती थीं, "ला, दे हम पीएँ!" वे कंगालों को कुचल डालती थीं। परमेश्वर ने कहा, ऐसे दिन आएँगे कि तुम्हें काँटों और बंसियों से खींचकर ले जाया जाएगा, जैसे मछुआरे मछली को पकड़ते हैं।

फिर परमेश्वर इस्राएल के लोगों से बात करते हैं। लोग बेतेल और गिलगाल में भेंट चढ़ाते थे, पर उनका दिल परमेश्वर से दूर था। इसलिए परमेश्वर ने उन्हें बार-बार चेतावनी दी। पहले उसने कहा, "मैंने तुम्हारे नगरों में भूख भेजी, रोटी की कमी की।" फिर उसने कहा, "मैंने वर्षा रोक दी, एक खेत में पानी बरसा, दूसरे में नहीं, और वह सूख गया।" लोग पानी के लिए एक शहर से दूसरे शहर भटकते रहे, पर प्यास नहीं बुझी।

फिर आया लूह, यानी पौधों की बीमारी, और टिड्डियाँ आकर बगीचे और अंजीर के पेड़ चट कर गईं। फिर आई मरी, जैसी मिस्र देश में हुई थी। फिर आई तलवार, जवान लड़ाई में मारे गए। फिर परमेश्वर ने कुछ शहरों को उलट दिया, जैसे सदोम और गमोरा को उलटा गया था।

हर बार, कहानी में एक ही वाक्य दोहराया जाता है, जैसे कोई ढोल बज रहा हो: "तो भी तुम मेरी ओर फिरकर न आए।" क्या तुम्हें लगता है, इतनी सारी चेतावनियों के बाद भी लोग नहीं लौटे? यह सुनकर दिल भारी हो जाता है।

आखिर में परमेश्वर कहते हैं, "हे इस्राएल, अपने परमेश्वर के सामने आने के लिये तैयार हो जा!" और फिर परमेश्वर अपना परिचय देते हैं, जो पहाड़ों को बनाते हैं, हवा को रचते हैं, हर इंसान के मन की बात जानते हैं, और भोर को अंधकार बना सकते हैं। यही सेनाओं के परमेश्वर यहोवा हैं।

What Does This Mean?

यह कहानी दिखाती है कि परमेश्वर ने हार नहीं मानी। हर मुसीबत के बाद भी उन्होंने इस्राएल को बुलाया। जैसे कोई पिता बार-बार अपने बच्चे को पुकारता है, पर बच्चा सुनता ही नहीं। परमेश्वर चाहते थे कि लोग अपनी गलती समझें और उनके पास लौट आएँ। पर लोगों का दिल पत्थर जैसा सख्त हो गया था। इसलिए परमेश्वर ने कहा, अब तैयार हो जाओ, मुझसे मिलना ही होगा।

The Common Thread

परमेश्वर आज भी लोगों को बुलाते हैं। पर सिर्फ चेतावनी देकर नहीं रुकते। उन्होंने अपने बेटे यीशु मसीह को भेजा, ताकि जो लोग परमेश्वर से दूर भटक गए हैं, वे वापस आ सकें। जब इस्राएल ने नहीं सुना, तो सज़ा आई। पर यीशु मसीह ने वह सज़ा अपने ऊपर ले ली, ताकि हम परमेश्वर के सामने डर से नहीं, बल्कि खुशी से खड़े हो सकें। "परमेश्वर के सामने आने के लिये तैयार हो जा" अब एक डरावनी बात नहीं रही, क्योंकि यीशु मसीह हमारे साथ चलते हैं।

For You

कभी तुम्हारी मम्मी तुम्हें बुलाती है, और तुम खेलते रहते हो, सुनते ही नहीं? परमेश्वर भी हमें बुलाते हैं, कभी प्रार्थना के ज़रिए, कभी बाइबल की किसी बात से। जब परमेश्वर तुम्हारे दिल को छूएँ, तुरंत मुड़कर उनकी सुनो। देर मत करो।

Talk About It

इस्राएल के लोग परमेश्वर की तरफ बार-बार क्यों नहीं मुड़े?

जब परमेश्वर तुम्हें कुछ करने के लिए बुलाते हैं, तुम कैसे जल्दी सुन सकते हो?

Praying Together

हे परमेश्वर, आप पहाड़ों को बनाने वाले और हमारे मन को जानने वाले हैं। जब आप हमें बुलाएँ, हमें तुरंत सुनने वाला दिल दीजिए। धन्यवाद कि यीशु मसीह के कारण हम आपसे डरकर नहीं, बल्कि प्रेम से मिल सकते हैं। आमीन।

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आमोस 4 के बारे में प्रश्न

पहली बार इसके बारे में पढ़ने वाले हर किसी के लिए छोटे उत्तर।

आमोस 4 किस विषय में है?
सामरिया शहर के पहाड़ पर कुछ अमीर स्त्रियाँ रहती थीं। परमेश्वर उन्हें "बाशान की मोटी गायों" कहते हैं। वे आराम से खाती-पीती थीं, पर गरीबों की परवाह नहीं करती थीं। वे अपने पतियों से कहती थीं, "ला, दे हम पीएँ!" वे कंगालों को कुचल डालती थीं। परमेश्वर ने कहा, ऐसे दिन आएँगे कि तुम्हें काँटों और बंसियों से खींचकर ले जाया जाएगा, जैसे मछुआरे मछली को पकड़ते हैं।
आमोस 4 क्या कहता है?
फिर आया लूह, यानी पौधों की बीमारी, और टिड्डियाँ आकर बगीचे और अंजीर के पेड़ चट कर गईं। फिर आई मरी, जैसी मिस्र देश में हुई थी। फिर आई तलवार, जवान लड़ाई में मारे गए। फिर परमेश्वर ने कुछ शहरों को उलट दिया, जैसे सदोम और गमोरा को उलटा गया था।
आमोस 4 हमें परमेश्वर के बारे में क्या सिखाता है?
आखिर में परमेश्वर कहते हैं, "हे इस्राएल, अपने परमेश्वर के सामने आने के लिये तैयार हो जा!" और फिर परमेश्वर अपना परिचय देते हैं, जो पहाड़ों को बनाते हैं, हवा को रचते हैं, हर इंसान के मन की बात जानते हैं, और भोर को अंधकार बना सकते हैं। यही सेनाओं के परमेश्वर यहोवा हैं।
बच्चे आमोस 4 से क्या सीख सकते हैं?
परमेश्वर आज भी लोगों को बुलाते हैं। पर सिर्फ चेतावनी देकर नहीं रुकते। उन्होंने अपने बेटे यीशु मसीह को भेजा, ताकि जो लोग परमेश्वर से दूर भटक गए हैं, वे वापस आ सकें। जब इस्राएल ने नहीं सुना, तो सज़ा आई। पर यीशु मसीह ने वह सज़ा अपने ऊपर ले ली, ताकि हम परमेश्वर के सामने डर से नहीं, बल्कि खुशी से खड़े हो सकें। "परमेश्वर के सामने आने के लिये तैयार हो जा" अब एक डरावनी बात नहीं रही, क्योंकि यीशु मसीह हमारे साथ चलते हैं।
आमोस 4 एक महत्वपूर्ण बाइबल कहानी क्यों है?
इस्राएल के लोग परमेश्वर की तरफ बार-बार क्यों नहीं मुड़े?

दूसरों ने क्या पाया

अंतर्दृष्टि संपादकीय पर पद 8

प्यास ने उन्हें चलाया, एक नगर से दूसरे नगर तक, पर तृप्ति कहीं न मिली। पाँव तो हिले, मन न फिरा। परमेश्वर कहते हैं, "तो भी तुम मेरी ओर न फिरे।" कभी-कभी हमारी अधूरी प्यास कोई सज़ा नहीं, बुलाहट होती है। तू किस-किस कुएँ पर दौड़ रहा है, जबकि जीवित जल देनेवाला तेरे लौटने की बाट जोह रहा है?

अंतर्दृष्टि संपादकीय पर पद 13

पाँच बार परमेश्वर ने कहा, "तौभी तुम मेरी ओर फिरे नहीं," और फिर यह चेतावनी, "अपने परमेश्वर से भेंट करने के लिये तैयार हो जा।" उसी के बाद यह वचन आता है कि वह पहाड़ों का रचनेवाला है और "मनुष्य को बताता है कि उसके मन में क्या है।" सोचो, जो पहाड़ गढ़ता है, वही तुम्हारे भीतर के छिपे विचार पढ़ता है। उससे मिलना डरावना भी है और राहत भी, क्योंकि जो तुम्हें पूरा जानता है, वही तुम्हें सच में बदल सकता है।

अंतर्दृष्टि संपादकीय पर पद 7

मैंने एक नगर में जल बरसाया और दूसरे में नहीं बरसाया।" परमेश्वर ने बारिश ठीक उस समय रोकी जब फसल को उसकी सबसे ज़्यादा ज़रूरत थी। पर पूरी तरह नहीं रोकी, पड़ोस का खेत भीगता रहा, ताकि तू समझ सके कि यह संयोग नहीं, बुलावा है। तेरे जीवन का सूखा भी शायद यही कह रहा है, मेरी ओर लौट आ।

अंतर्दृष्टि संपादकीय पर पद 5

अपने स्वेच्छाबलियों की चर्चा चलाओ; क्योंकि हे इस्राएलियों, तुम्हें यह ही भाता है।"

चढ़ावा तो सही था, पर उसका प्रचार किसके लिए था? परमेश्वर यहाँ ताना मार रहे हैं। जो भेंट स्वेच्छा से दी जाती है, वही जब सबको सुनाई जाने लगे, तो वह भेंट नहीं, विज्ञापन बन जाती है।

अपनी सेवा के बारे में तू जो बात दूसरों को बताना चाहता है, वह किसे भाती है? उसे, या तुझे?

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हमारे पास छोटे बच्चों (3-6 वर्ष) और किशोरों (12 वर्ष और अधिक) के लिए विशेष संस्करण भी हैं।

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For parents and teachers: 7 से 12 वर्ष के उन बच्चों के लिए लिखा गया जो स्वयं पढ़ सकते हैं। पारिवारिक भक्ति और स्कूल में बाइबल पाठ के लिए उत्तम। This explanation is generated automatically by language models. While we strive for theological soundness, the software can make mistakes.

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