3 से 6 वर्ष के बच्चे के लिए

आमोस 4

नन्हे और पूर्व-विद्यालय बच्चे (आयु 3-6) के लिए व्याख्या और बाइबल कहानी

बाइबल

परमेश्वर की बात

व्याख्या

एक बार की बात है। इस्राएल में कुछ लोग रहते थे। वे बहुत अमीर थे।

उनके पास बड़े-बड़े घर थे। स्वादिष्ट खाना था। पर वे कंगालों पर बुरा करते थे। दरिद्रों को दुःख देते थे।

परमेश्वर ने यह सब देखा। परमेश्वर ने कहा, "मैंने तुम्हें भूखा रखा। तुम फिर भी मेरे पास न आए।"

परमेश्वर ने बारिश रोक दी। एक खेत में पानी बरसा। दूसरे खेत में नहीं। वह खेत सूख गया, बिल्कुल सूखा।

परमेश्वर ने टिड्डियाँ भेजीं। टिड्डियाँ बगीचों में उड़ीं। सारे पत्ते खा गईं। फिर भी लोग परमेश्वर के पास न लौटे।

इससे क्या समझ मिलती है?

परमेश्वर बार-बार कहते हैं, "तुम मेरी ओर न फिरे।" सुनो, कितनी बार! एक बार, दो बार, फिर भी नहीं।

यह सुनकर मन थोड़ा भारी लगता है। पर परमेश्वर चुप नहीं बैठे। वे बोलते रहे। वे बुलाते रहे। जैसे कोई माँ अपने बच्चे को बार-बार बुलाती है, "घर आ जाओ, घर आ जाओ।"

परमेश्वर चाहते थे कि वे लोग वापस आएँ। पास आएँ। उनकी बात सुनें।

बड़ी कहानी से जोड़

परमेश्वर पहाड़ बनाते हैं। परमेश्वर हवा बनाते हैं। परमेश्वर सुबह को उजाला देते हैं।

इतने बड़े परमेश्वर, फिर भी वे छोटे लोगों को बुलाते हैं। वे रुकते नहीं। वे बोलते रहते हैं, "मेरे पास आओ।"

यीशु भी ऐसे ही थे। यीशु ने भी लोगों को बुलाया। उन्होंने कहा, "मेरे पास आओ।" यीशु दूर नहीं भागे। वे पास आए, ताकि हम परमेश्वर के पास आ सकें।

तेरे लिए

तू भी कभी परमेश्वर की बात नहीं सुनता। जैसे वे लोग नहीं सुनते थे।

पर परमेश्वर आज भी बुलाते हैं। तेरा नाम लेकर बुलाते हैं। कोमलता से बुलाते हैं।

जब तू सुबह उठे, आसमान देख। सूरज को देख। वह परमेश्वर ने बनाया। और वे परमेश्वर तुझे बुला रहे हैं, "मेरे पास आ।"

बातचीत के लिए प्रश्न:

परमेश्वर ने उन लोगों को कैसे-कैसे बुलाया?

तू परमेश्वर के पास कैसे जा सकता है?

साथ में प्रार्थना

प्रिय परमेश्वर, आप पहाड़ बनाते हैं। आप हवा बनाते हैं। आप मुझे भी बुलाते हैं। मैं आपके पास आता हूँ। मुझे अपने पास रखिए। आमीन।

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आमोस 4 के बारे में प्रश्न

पहली बार इसके बारे में पढ़ने वाले हर किसी के लिए छोटे उत्तर।

आमोस 4 किस विषय में है?
एक बार की बात है। इस्राएल में कुछ लोग रहते थे। वे बहुत अमीर थे।
आमोस 4 क्या कहता है?
परमेश्वर ने बारिश रोक दी। एक खेत में पानी बरसा। दूसरे खेत में नहीं। वह खेत सूख गया, बिल्कुल सूखा।
आमोस 4 हमें परमेश्वर के बारे में क्या सिखाता है?
यह सुनकर मन थोड़ा भारी लगता है। पर परमेश्वर चुप नहीं बैठे। वे बोलते रहे। वे बुलाते रहे। जैसे कोई माँ अपने बच्चे को बार-बार बुलाती है, "घर आ जाओ, घर आ जाओ।"
नन्हे बच्चे आमोस 4 से क्या सीख सकते हैं?
इतने बड़े परमेश्वर, फिर भी वे छोटे लोगों को बुलाते हैं। वे रुकते नहीं। वे बोलते रहते हैं, "मेरे पास आओ।"
आमोस 4 एक महत्वपूर्ण बाइबल कहानी क्यों है?
पर परमेश्वर आज भी बुलाते हैं। तेरा नाम लेकर बुलाते हैं। कोमलता से बुलाते हैं।

दूसरों ने क्या पाया

अंतर्दृष्टि संपादकीय पर पद 7

मैंने एक नगर में जल बरसाया और दूसरे में नहीं बरसाया।" परमेश्वर ने बारिश ठीक उस समय रोकी जब फसल को उसकी सबसे ज़्यादा ज़रूरत थी। पर पूरी तरह नहीं रोकी, पड़ोस का खेत भीगता रहा, ताकि तू समझ सके कि यह संयोग नहीं, बुलावा है। तेरे जीवन का सूखा भी शायद यही कह रहा है, मेरी ओर लौट आ।

अंतर्दृष्टि संपादकीय पर पद 5

अपने स्वेच्छाबलियों की चर्चा चलाओ; क्योंकि हे इस्राएलियों, तुम्हें यह ही भाता है।"

चढ़ावा तो सही था, पर उसका प्रचार किसके लिए था? परमेश्वर यहाँ ताना मार रहे हैं। जो भेंट स्वेच्छा से दी जाती है, वही जब सबको सुनाई जाने लगे, तो वह भेंट नहीं, विज्ञापन बन जाती है।

अपनी सेवा के बारे में तू जो बात दूसरों को बताना चाहता है, वह किसे भाती है? उसे, या तुझे?

अंतर्दृष्टि संपादकीय पर पद 10

परमेश्वर की शिकायत यह नहीं थी कि लोग बहुत दुख उठा रहे हैं, बल्कि यह कि इतने दुख के बाद भी वे लौटे नहीं। "तौभी तुम मेरी ओर फिरकर न आए, यहोवा की यह वाणी है।" हर चोट के पीछे एक पुकार थी, लौट आओ।

सोचो, तुम्हारी ज़िंदगी में जो टूटा, जो छिन गया, उसमें भी क्या कोई बुलावा छिपा था? कहीं तुम बस दर्द गिनते रहे और बुलाने वाले को अनसुना कर दिया?

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For parents and teachers: विशेष रूप से 3 से 6 वर्ष के बच्चों को ज़ोर से पढ़कर सुनाने के लिए लिखा गया। इसे अपने बच्चे के साथ बातचीत की शुरुआत के रूप में उपयोग करें, एकमात्र स्रोत के रूप में नहीं। This explanation is generated automatically by language models. While we strive for theological soundness, the software can make mistakes.

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