7 से 12 वर्ष के बच्चे के लिए

निर्गमन 10

प्राथमिक आयु (7-12) के लिए व्याख्या और बाइबल कहानी

बाइबल

व्याख्या

परमेश्वर ने मूसा से कहा कि वह फिरौन के पास फिर जाए। यहोवा ने खुद कहा कि उन्होंने फिरौन और उसके कर्मचारियों का मन कठोर कर दिया है, ताकि वे अपने चिन्ह उनके बीच दिखा सकें, और इस्राएल के लोग अपने बच्चों और पोतों को यह कहानी सुनाएँ कि परमेश्वर ने मिस्रियों के साथ क्या किया। मूसा और हारून ने फिरौन को चेतावनी दी कि अगर उसने इस्राएल के लोगों को जाने न दिया, तो कल टिड्डियाँ आएँगी और जो कुछ ओलों से बचा है, वह सब चट कर जाएँगी। फिरौन के अपने कर्मचारी भी डर गए और उससे कहा कि इन लोगों को जाने दे, वरना पूरा मिस्र नाश हो जाएगा।

फिरौन ने मूसा और हारून को बुलाया और पूछा, कौन-कौन जाएगा। मूसा ने साफ कहा, हम सब जाएँगे, बूढ़े और बच्चे, भेड़-बकरी और गाय-बैल सहित, क्योंकि यहोवा के लिए पर्व करना है। पर फिरौन ने सिर्फ पुरुषों को जाने की इजाजत दी, बच्चों और पशुओं को नहीं। इससे साफ पता चलता है कि वह पूरी तरह से मुक्त करना नहीं चाहता था।

तब टिड्डियाँ आईं, इतनी सारी कि धरती दिखनी बंद हो गई, हर पत्ता और पेड़ की हरियाली चट हो गई। फिरौन घबरा गया, उसने अपना अपराध मान लिया और विनती की कि यह मुसीबत हटा दी जाए। मूसा ने प्रार्थना की, और यहोवा ने तेज़ हवा से टिड्डियों को लाल समुद्र में उड़ा दिया। पर फिरौन का मन फिर कठोर हो गया।

फिर परमेश्वर ने मिस्र पर तीन दिन के लिए ऐसा अंधकार भेजा, जिसे छूकर महसूस किया जा सकता था। कोई अपनी जगह से नहीं उठ सका, लेकिन इस्राएलियों के घरों में उजाला बना रहा। फिरौन ने फिर बुलाया, लोगों और बच्चों को जाने की इजाजत दी, पर पशुओं को रोक लिया। मूसा ने मना कर दिया, क्योंकि उन्हें यह भी नहीं पता था कि यहोवा की उपासना के लिए कौन से पशु चढ़ाने होंगे। फिरौन गुस्से में आ गया और मूसा को धमकाया कि अब दोबारा उसके सामने न आए। मूसा ने जवाब दिया, ठीक है, मैं फिर तेरा मुँह नहीं देखूँगा।

इसका अर्थ क्या है?

यह अंश दिखाता है कि फिरौन बार-बार झुकता है, पर पूरी तरह से नहीं। वह थोड़ा देता है, फिर वापस ले लेता है। यह एक तरह की सौदेबाज़ी जैसा लगता है, पर परमेश्वर की मुक्ति में सौदेबाज़ी की जगह नहीं है। यहोवा चाहते हैं कि उनकी प्रजा पूरी तरह आज़ाद हो, बच्चों और पशुओं समेत, ताकि वे सचमुच उनकी उपासना कर सकें।

यहाँ एक कठिन बात भी है, जिसे पाठ खुद नहीं छिपाता। परमेश्वर कहते हैं कि उन्होंने ही फिरौन का मन कठोर किया है। इससे सवाल उठता है, क्या फिरौन के पास कोई चुनाव था? बाइबल इसे पूरी तरह साफ नहीं करती, और यह ठीक है कि हम इस पर सोचें और सवाल पूछें, बिना जल्दी कोई जवाब खोजे।

बड़ी कहानी की कड़ी

परमेश्वर ने कहा कि यह सब इसलिए हो रहा है ताकि इस्राएल के लोग जान लें, "मैं यहोवा हूँ।" यह वही परमेश्वर है जिसने अब्राहम से वाचा बाँधी थी, यानी एक वादा किया था कि उसका वंश एक प्रजा बनेगा और उसे एक देश दिया जाएगा। हर चिन्ह, टिड्डियाँ हों या अंधकार, इस वाचा को पूरा करने का हिस्सा है। बाद में यीशु मसीह भी अपने लोगों को आज़ाद करने आए, पर पाप और मृत्यु की गुलामी से। जैसे इस्राएल मिस्र से पूरी तरह मुक्त होकर निकला, वैसे ही यीशु चाहते हैं कि हम पूरी तरह मुक्त हों, आधे नहीं।

तुम्हारे लिए

कभी-कभी हम भी फिरौन जैसे बनते हैं। हम परमेश्वर को अपने जीवन में थोड़ी जगह देते हैं, पर पूरी नहीं। शायद हम उपासना में जाते हैं, पर बाकी समय अपने मन से जीते हैं। यह अंश हमें पूछने देता है, क्या मैं परमेश्वर को अपने पूरे जीवन में जगह दे रहा हूँ, या सिर्फ एक कोना उन्हें दे रहा हूँ?

बात करें

तुम्हें क्या लगता है, फिरौन बार-बार मान क्यों जाता था और फिर मुकर जाता था?

क्या तुम्हारे साथ भी कभी ऐसा हुआ है, जब तुमने परमेश्वर को अपने जीवन का सिर्फ एक हिस्सा देना चाहा?

मिलकर प्रार्थना करें

प्रभु, हम चाहते हैं कि हम आपको अपना पूरा जीवन दें, केवल एक हिस्सा नहीं। हमें आधा-आधा जीने से बचाइए। हमें याद दिलाइए कि आप ही यहोवा हैं, जो अपनी प्रजा को पूरी तरह से मुक्त करना चाहते हैं। आमीन।

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निर्गमन 10 के बारे में प्रश्न

पहली बार इसके बारे में पढ़ने वाले हर किसी के लिए छोटे उत्तर।

निर्गमन 10 किस विषय में है?
परमेश्वर ने मूसा से कहा कि वह फिरौन के पास फिर जाए। यहोवा ने खुद कहा कि उन्होंने फिरौन और उसके कर्मचारियों का मन कठोर कर दिया है, ताकि वे अपने चिन्ह उनके बीच दिखा सकें, और इस्राएल के लोग अपने बच्चों और पोतों को यह कहानी सुनाएँ कि परमेश्वर ने मिस्रियों के साथ क्या किया। मूसा और हारून ने फिरौन को चेतावनी दी कि अगर उसने इस्राएल के लोगों को जाने न दिया, तो कल टिड्डियाँ आएँगी और जो कुछ ओलों से बचा है, वह सब चट कर जाएँगी। फिरौन के अपने कर्मचारी भी डर गए और उससे कहा कि इन लोगों को जाने दे, वरना पूरा मिस्र नाश हो जाएगा।
निर्गमन 10 क्या कहता है?
तब टिड्डियाँ आईं, इतनी सारी कि धरती दिखनी बंद हो गई, हर पत्ता और पेड़ की हरियाली चट हो गई। फिरौन घबरा गया, उसने अपना अपराध मान लिया और विनती की कि यह मुसीबत हटा दी जाए। मूसा ने प्रार्थना की, और यहोवा ने तेज़ हवा से टिड्डियों को लाल समुद्र में उड़ा दिया। पर फिरौन का मन फिर कठोर हो गया।
निर्गमन 10 हमें परमेश्वर के बारे में क्या सिखाता है?
यह अंश दिखाता है कि फिरौन बार-बार झुकता है, पर पूरी तरह से नहीं। वह थोड़ा देता है, फिर वापस ले लेता है। यह एक तरह की सौदेबाज़ी जैसा लगता है, पर परमेश्वर की मुक्ति में सौदेबाज़ी की जगह नहीं है। यहोवा चाहते हैं कि उनकी प्रजा पूरी तरह आज़ाद हो, बच्चों और पशुओं समेत, ताकि वे सचमुच उनकी उपासना कर सकें।
बच्चे निर्गमन 10 से क्या सीख सकते हैं?
परमेश्वर ने कहा कि यह सब इसलिए हो रहा है ताकि इस्राएल के लोग जान लें, "मैं यहोवा हूँ।" यह वही परमेश्वर है जिसने अब्राहम से वाचा बाँधी थी, यानी एक वादा किया था कि उसका वंश एक प्रजा बनेगा और उसे एक देश दिया जाएगा। हर चिन्ह, टिड्डियाँ हों या अंधकार, इस वाचा को पूरा करने का हिस्सा है। बाद में यीशु मसीह भी अपने लोगों को आज़ाद करने आए, पर पाप और मृत्यु की गुलामी से। जैसे इस्राएल मिस्र से पूरी तरह मुक्त होकर निकला, वैसे ही यीशु चाहते हैं कि हम पूरी तरह मुक्त हों, आधे नहीं।
निर्गमन 10 एक महत्वपूर्ण बाइबल कहानी क्यों है?
तुम्हें क्या लगता है, फिरौन बार-बार मान क्यों जाता था और फिर मुकर जाता था?

दूसरों ने क्या पाया

अंतर्दृष्टि संपादकीय पर पद 6

फ़िरौन सोचता था कि महल की दीवारें उसे हर चीज़ से बचा लेंगी। पर परमेश्वर कहते हैं, टिड्डियाँ तेरे घर में भी भर जाएँगी, ऐसा तेरे बापदादों ने भी कभी नहीं देखा। जिद्दी दिल की कीमत सिर्फ़ खेतों में नहीं, घर के भीतर भी चुकानी पड़ती है। और ध्यान दे, मूसा बहस नहीं करता, वह मुड़कर चला जाता है। कहीं तू भी किसी बात में परमेश्वर से जिद तो नहीं कर रहा?

अंतर्दृष्टि संपादकीय पर पद 12

मिस्र देश के ऊपर अपना हाथ बढ़ा कि टिड्डियाँ उस पर चढ़कर उसकी सारी उपज को, अर्थात् जो कुछ ओलों से बचा है, उसे चट कर जाएँ।" ओलों ने सब कुछ नहीं लिया था। थोड़ा बच गया था, और वह बचा हुआ हिस्सा फिरौन के लिए एक और मौका था, झुकने का, मानने का। पर उसने उसी बचे हुए को अपनी ज़िद का सहारा बना लिया। परमेश्वर जब कुछ छोड़ देता है, तो इसलिए नहीं कि तू फिर से अकड़ जाए, बल्कि इसलिए कि तू लौट आए। आज तेरे हाथ में जो बचा है, उसका तू क्या कर रहा है?

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For parents and teachers: 7 से 12 वर्ष के उन बच्चों के लिए लिखा गया जो स्वयं पढ़ सकते हैं। पारिवारिक भक्ति और स्कूल में बाइबल पाठ के लिए उत्तम। This explanation is generated automatically by language models. While we strive for theological soundness, the software can make mistakes.

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