7 से 12 वर्ष के बच्चे के लिए

गलातियों 4

प्राथमिक आयु (7-12) के लिए व्याख्या और बाइबल कहानी

बाइबल

व्याख्या

पौलुस एक चिट्ठी लिख रहे हैं, और वे गुस्से में भी हैं और चिंतित भी। वे एक उदाहरण से शुरू करते हैं। सोचो, एक अमीर पिता का बेटा है। कागज़ पर सब कुछ उसका है, पूरा घर, पूरी ज़मीन। लेकिन वह अभी छोटा है, इसलिए वह कुछ भी तय नहीं कर सकता। रक्षक और भण्डारी तय करते हैं कि उसे क्या पहनना है और कहाँ जाना है। पौलुस कहते हैं: उस वक्त उसमें और एक दास में कोई फ़र्क नहीं दिखता, जब तक पिता ने ठहराया हुआ दिन नहीं आता।

फिर वे कहते हैं: हम भी ऐसे ही थे। हम "संसार की आदि शिक्षा", यानी दुनिया के बुनियादी नियमों के वश में, दासों की तरह बंधे हुए थे। "परन्तु जब समय पूरा हुआ, तो परमेश्वर ने अपने पुत्र को भेजा, जो स्त्री से जन्मा।" यीशु सचमुच एक इंसान बने, उसी व्यवस्था के नीचे जन्मे जिसके नीचे सब थे, और उन्होंने बंधे हुए लोगों को मोल देकर छुड़ा लिया। नतीजा: हमें गोद लिए हुए बच्चों का दर्जा मिला। और परमेश्वर ने अपने पुत्र का आत्मा हमारे हृदय में भेजा, जो पुकारता है: "हे अब्बा, हे पिता।" अब्बा वह शब्द था जो उस ज़माने के बच्चे अपने पापा के लिए इस्तेमाल करते थे। बहुत करीबी शब्द।

इसीलिए पौलुस परेशान हैं। गलातिया के मसीही पहले उन चीज़ों की सेवा करते थे जो सच में परमेश्वर नहीं हैं। अब वे परमेश्वर को जानते हैं, वरन् परमेश्वर उन्हें जानते हैं, और फिर भी वे "निर्बल और निकम्मी" नियमों की तरफ़ लौट रहे हैं। वे दिन, महीने, नियत समय और साल गिनकर मान रहे हैं, जैसे उसी से वे परमेश्वर के अपने बन जाएँगे।

फिर पौलुस बहुत निजी बात कहते हैं। "तुम जानते हो, कि पहले-पहल मैंने शरीर की निर्बलता के कारण तुम्हें सुसमाचार सुनाया।" वे बीमार थे, कमज़ोर दिख रहे थे, और गलातिया के लोगों ने उनसे घिन नहीं की, बल्कि उन्हें मसीह के समान अपनाया। पौलुस पूछते हैं: वह आनन्द कहाँ गया? "क्या तुम से सच बोलने के कारण मैं तुम्हारा बैरी हो गया हूँ?" दूसरे लोग उनकी तारीफ़ करते हैं, पर अच्छी नीयत से नहीं, वे उन्हें अपने गुट में खींचना चाहते हैं। पौलुस कहते हैं कि जब तक उनमें मसीह का रूप न बन जाए, वे एक माँ की तरह पीड़ा सहते रहेंगे।

आख़िर में एक कठिन हिस्सा। अब्राहम के दो बेटे थे: एक दासी हागार से, एक स्वतंत्र स्त्री सारा से। एक साधारण तरीके से जन्मा, दूसरा परमेश्वर की प्रतिज्ञा के कारण। पौलुस कहते हैं कि यह एक दृष्टान्त है, एक तस्वीर। ये दो स्त्रियाँ दो वाचाओं जैसी हैं। वाचा का मतलब है परमेश्वर का पक्का करार। एक सीनै पहाड़ की, जहाँ व्यवस्था दी गई, और उससे दास पैदा होते हैं। दूसरी ऊपर की यरूशलेम की, जो स्वतंत्र है। "हम इसहाक के समान प्रतिज्ञा की सन्तान हैं।"

इसका क्या अर्थ है?

पूरे अध्याय में एक ही सवाल घूम रहा है: तुम परमेश्वर के घर में क्या हो, दास या बच्चे?

दास डरकर काम करता है, क्योंकि उसकी जगह पक्की नहीं है। बच्चा घर का है, गलती करने पर भी। गलातिया के लोग सोच रहे थे कि नियमों की एक लंबी सूची पूरी करके वे परमेश्वर के ज़्यादा अपने बन जाएँगे। पौलुस कहते हैं: यह उलटी दिशा में चलना है।

इसका मतलब यह नहीं कि परमेश्वर की आज्ञाएँ बेकार हैं। मतलब यह है कि कोई भी सूची तुम्हें परमेश्वर का बच्चा नहीं बना सकती। वह परमेश्वर ने ख़ुद किया, गोद लेकर।

एक बात मैं भी नहीं समझा पाता: पौलुस लिखते हैं "जब समय पूरा हुआ"। परमेश्वर ने इतने सदियों तक इंतज़ार क्यों किया? पाठ यह नहीं बताता। और आयत 30 के कड़े शब्द भी आसान नहीं लगते। पौलुस का मुद्दा यह है कि गुलामी और आज़ादी को मिलाया नहीं जा सकता, दोनों साथ नहीं चलते।

जोड़नेवाला सूत्र

यह सूत्र अब्राहम से शुरू होता है। परमेश्वर ने उन्हें एक प्रतिज्ञा दी, और इसहाक उस प्रतिज्ञा से जन्मा। सदियों बाद वही परमेश्वर अपने पुत्र को भेजते हैं, एक स्त्री से जन्मा, व्यवस्था के अधीन। यीशु ने वह क़ीमत चुकाई जिससे बंधे हुए लोग छूट गए। पूरी बाइबल एक ऐसे परमेश्वर की कहानी है जो वादा करते हैं और उसे बहुत देर बाद भी नहीं भूलते।

तुम्हारे लिए

तुम्हें भी कभी लग सकता है कि परमेश्वर तुमसे ख़ुश होंगे तभी जब तुम सब कुछ ठीक करो: रोज़ प्रार्थना, कोई झूठ नहीं, कोई झगड़ा नहीं। एक चेकलिस्ट। ऐसा लगता है कि इससे सब पक्का हो जाएगा, पर सच में यह थका देता है, क्योंकि सूची कभी पूरी नहीं होती।

पौलुस कहते हैं: तू दास नहीं, पुत्र है। इसका मतलब है कि जिस दिन तुमसे सब कुछ ग़लत हो जाए, उस दिन भी तुम परमेश्वर के पास जा सकते हो और कह सकते हो: पिता।

और एक बात। आयत 17 में पौलुस उन लोगों की बात करते हैं जो दोस्ती दिखाते हैं, पर सिर्फ़ इसलिए कि तुम उनके गुट में आ जाओ। यह स्कूल में भी होता है। यह पहचानना सीखो कि कौन तुमसे सच बोलता है, और कौन बस तुम्हें खींच रहा है। जो तुमसे सच बोलता है, वह अक्सर तुम्हारा सबसे अच्छा दोस्त होता है।

इस पर बात करो

तुम्हें कब लगता है कि तुम्हें परमेश्वर का प्यार कमाना है? और तुम उस पल में "अब्बा, पिता" कहना कैसे याद रखोगे?

पौलुस से सच सुनकर गलातिया के लोग नाराज़ हो गए। तुम कैसे पहचानते हो कि कोई तुम्हें सच बता रहा है क्योंकि वह तुम्हारी परवाह करता है?

मिलकर प्रार्थना

पिता, धन्यवाद कि आपने हमें दास नहीं, बल्कि अपने बच्चे बनाया। जब हम सोचने लगें कि हमें आपका प्यार कमाना है, तब हमारे हृदय में याद दिलाइए कि हम आपको अब्बा कह सकते हैं। हमें उन लोगों को पहचानना सिखाइए जो सच बोलते हैं। आमीन।

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गलातियों 4 के बारे में प्रश्न

पहली बार इसके बारे में पढ़ने वाले हर किसी के लिए छोटे उत्तर।

गलातियों 4 किस विषय में है?
पौलुस एक चिट्ठी लिख रहे हैं, और वे गुस्से में भी हैं और चिंतित भी। वे एक उदाहरण से शुरू करते हैं। सोचो, एक अमीर पिता का बेटा है। कागज़ पर सब कुछ उसका है, पूरा घर, पूरी ज़मीन। लेकिन वह अभी छोटा है, इसलिए वह कुछ भी तय नहीं कर सकता। रक्षक और भण्डारी तय करते हैं कि उसे क्या पहनना है और कहाँ जाना है। पौलुस कहते हैं: उस वक्त उसमें और एक दास में कोई फ़र्क नहीं दिखता, जब तक पिता ने ठहराया हुआ दिन नहीं आता।
गलातियों 4 क्या कहता है?
फिर पौलुस बहुत निजी बात कहते हैं। "तुम जानते हो, कि पहले-पहल मैंने शरीर की निर्बलता के कारण तुम्हें सुसमाचार सुनाया।" वे बीमार थे, कमज़ोर दिख रहे थे, और गलातिया के लोगों ने उनसे घिन नहीं की, बल्कि उन्हें मसीह के समान अपनाया। पौलुस पूछते हैं: वह आनन्द कहाँ गया? "क्या तुम से सच बोलने के कारण मैं तुम्हारा बैरी हो गया हूँ?
गलातियों 4 हमें परमेश्वर के बारे में क्या सिखाता है?
दास डरकर काम करता है, क्योंकि उसकी जगह पक्की नहीं है। बच्चा घर का है, गलती करने पर भी। गलातिया के लोग सोच रहे थे कि नियमों की एक लंबी सूची पूरी करके वे परमेश्वर के ज़्यादा अपने बन जाएँगे। पौलुस कहते हैं: यह उलटी दिशा में चलना है।
बच्चे गलातियों 4 से क्या सीख सकते हैं?
यह सूत्र अब्राहम से शुरू होता है। परमेश्वर ने उन्हें एक प्रतिज्ञा दी, और इसहाक उस प्रतिज्ञा से जन्मा। सदियों बाद वही परमेश्वर अपने पुत्र को भेजते हैं, एक स्त्री से जन्मा, व्यवस्था के अधीन। यीशु ने वह क़ीमत चुकाई जिससे बंधे हुए लोग छूट गए। पूरी बाइबल एक ऐसे परमेश्वर की कहानी है जो वादा करते हैं और उसे बहुत देर बाद भी नहीं भूलते।
गलातियों 4 एक महत्वपूर्ण बाइबल कहानी क्यों है?
और एक बात। आयत 17 में पौलुस उन लोगों की बात करते हैं जो दोस्ती दिखाते हैं, पर सिर्फ़ इसलिए कि तुम उनके गुट में आ जाओ। यह स्कूल में भी होता है। यह पहचानना सीखो कि कौन तुमसे सच बोलता है, और कौन बस तुम्हें खींच रहा है। जो तुमसे सच बोलता है, वह अक्सर तुम्हारा सबसे अच्छा दोस्त होता है।

दूसरों ने क्या पाया

अंतर्दृष्टि संपादकीय पर पद 1

मैं यह कहता हूँ कि वारिस जब तक बालक है, यद्यपि सब वस्तुओं का स्वामी है, तो भी उसमें और दास में कुछ भेद नहीं।" सोचो, सब कुछ उसी का है, फिर भी वह दास जैसा जीता है। कहीं तू भी तो ऐसे नहीं जी रहा? मसीह में तू संतान है, पर डर और नियमों की गिनती में दिन बीत रहे हैं। पिता की संपत्ति तेरे नाम है, उसे जीना शुरू कर।

अंतर्दृष्टि संपादकीय पर पद 27

हे बाँझ, तू जो नहीं जनती, आनन्द कर।" गौर कर, गीत गाने का हुक्म गोद भरने से पहले आता है। सारा को खुशी मनाने के लिए कहा गया, तब भी जब उसकी गोद खाली थी। तेरी जिंदगी में भी कोई ऐसा खालीपन है जिसे तू छिपाती है। परमेश्वर वहीं वादा रखता है, और खाली हाथों को ही जयजयकार करने के लिए बुलाता है।

अंतर्दृष्टि संपादकीय पर पद 17

वे तुम्हें मन से चाहते तो हैं, पर अच्छी मनसा से नहीं; वरन् तुम्हें अलग करना चाहते हैं, कि तुम उन्हीं को मन से चाहने लगो।" कुछ लोग बहुत ध्यान देते हैं, पर उनका ध्यान पिंजरा होता है। सच्चा प्रेम तुम्हें मसीह के पास छोड़ आता है, अपने पास बाँधकर नहीं रखता। पूछो: जो मुझे चाहता है, वह मुझे यीशु के करीब ले जा रहा है या अपने ऊपर निर्भर बना रहा है?

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