7 से 12 वर्ष के बच्चे के लिए

यूहन्ना 18

प्राथमिक आयु (7-12) के लिए व्याख्या और बाइबल कहानी

बाइबल

The Explanation

रात का अंधेरा था। यीशु अपने चेलों के साथ किद्रोन नाले के पार एक बारी में गए। वहाँ पेड़ों के बीच वे अक्सर जाया करते थे। अचानक दूर से मशालों की रोशनी दिखाई दी। कदमों की आहट सुनाई दी। बहुत सारे सिपाही आ रहे थे, हाथों में तलवारें और लाठियाँ लिए। उनके आगे-आगे यहूदा चल रहा था, वही चेला जिसने यीशु को पकड़वाया था।

यीशु डरकर नहीं छिपे। वे आगे बढ़े और पूछा, “किसे ढूँढ़ते हो?” सिपाहियों ने कहा, “यीशु नासरी को।” यीशु ने कहा, “मैं हूँ।” ज्योंही उन्होंने यह कहा, सिपाही पीछे हटकर ज़मीन पर गिर पड़े। सोचो, कितने शक्तिशाली शब्द रहे होंगे, जिससे मज़बूत सिपाही भी गिर गए।

फिर भी यीशु ने अपने चेलों को बचाने के लिए कहा, “इन्हें जाने दो।” शमौन पतरस डर गया और उसने तलवार निकाल ली। उसने महायाजक के दास मलखुस का कान काट दिया। पर यीशु ने कहा, “अपनी तलवार वापस रख। जो कटोरा पिता ने मुझे दिया है, क्या मैं उसे न पीऊँ?” यीशु जानते थे कि आगे दुख आएगा, फिर भी वे पीछे नहीं हटे।

सिपाहियों ने यीशु को बाँध लिया और पहले हन्ना के पास ले गए, फिर कैफा महायाजक के पास। पतरस दूर से पीछे-पीछे गया और आँगन में आग के पास खड़ा हो गया। ठंड थी, और वह आग ताप रहा था। तभी एक दासी ने पूछा, “क्या तू भी उसके चेलों में से है?” पतरस डर गया और बोला, “मैं नहीं हूँ।” ऐसा उसने तीन बार कहा। तीसरी बार कहते ही मुर्गे ने बाँग दी।

सुबह हुई। यीशु को पिलातुस के पास ले गए। पिलातुस ने पूछा, “क्या तू यहूदियों का राजा है?” यीशु ने उत्तर दिया, “मेरा राज्य इस जगत का नहीं। यदि होता, तो मेरे सेवक लड़ते।” पिलातुस ने पूछा, “सत्य क्या है?” पर उसे कुछ दोष नहीं मिला। फिर भी लोगों ने चिल्लाकर कहा, “बरअब्बा को छोड़ दे,” जो एक डाकू था, यीशु को नहीं।

What Does This Mean?

यह कहानी दिखाती है कि यीशु डरपोक नहीं थे। वे जानते थे कि उन्हें पकड़ा जाएगा, फिर भी वे आगे बढ़े। उन्होंने अपने चेलों की चिंता की, पतरस को रोका, और सच बोलना न छोड़ा। पतरस डर गया और झूठ बोला, पर यीशु डर के आगे भी सच्चे रहे। यह सिखाता है कि सच्चा साहस डर न होना नहीं, बल्कि डर के बावजूद सही काम करना है।

The Common Thread

परमेश्वर ने बहुत पहले वादा किया था कि कोई आएगा जो लोगों के लिए अपनी जान देगा। यीशु ने कहा, “जो कटोरा पिता ने मुझे दिया है, क्या मैं उसे न पीऊँ?” यही वह कटोरा था, दुख और मृत्यु का रास्ता, जो परमेश्वर की बड़ी योजना का हिस्सा था। यीशु राजा थे, पर उनका राज्य तलवारों से नहीं बनता था। वे प्रेम और सच्चाई के राजा थे।

For You

क्या तुम कभी डर गए हो, जैसे पतरस डर गया था? यह ठीक है डरना, पर याद रखो यीशु हमेशा साथ हैं। आज किसी से सच बोलो, भले ही थोड़ा डर लगे। और जब कोई मुश्किल में हो, उसकी मदद करो, जैसे यीशु ने अपने चेलों को बचाया।

Talk About It

यीशु ने पतरस को तलवार रखने के लिए क्यों कहा होगा?

तुम्हें क्या लगता है, पतरस को तीसरी बार झूठ बोलने के बाद कैसा महसूस हुआ होगा?

Praying Together

प्रभु यीशु, धन्यवाद कि आप डरे नहीं, और हमारे लिए दुख का रास्ता चुना। जब हम डरें, हमें साहस दीजिए सच बोलने का। हमें याद दिलाइए कि आप हमेशा हमारे साथ हैं। आमीन।

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यूहन्ना 18 के बारे में प्रश्न

पहली बार इसके बारे में पढ़ने वाले हर किसी के लिए छोटे उत्तर।

यूहन्ना 18 किस विषय में है?
रात का अंधेरा था। यीशु अपने चेलों के साथ किद्रोन नाले के पार एक बारी में गए। वहाँ पेड़ों के बीच वे अक्सर जाया करते थे। अचानक दूर से मशालों की रोशनी दिखाई दी। कदमों की आहट सुनाई दी। बहुत सारे सिपाही आ रहे थे, हाथों में तलवारें और लाठियाँ लिए। उनके आगे-आगे यहूदा चल रहा था, वही चेला जिसने यीशु को पकड़वाया था।
यूहन्ना 18 क्या कहता है?
फिर भी यीशु ने अपने चेलों को बचाने के लिए कहा, “इन्हें जाने दो।” शमौन पतरस डर गया और उसने तलवार निकाल ली। उसने महायाजक के दास मलखुस का कान काट दिया। पर यीशु ने कहा, “अपनी तलवार वापस रख। जो कटोरा पिता ने मुझे दिया है, क्या मैं उसे न पीऊँ?” यीशु जानते थे कि आगे दुख आएगा, फिर भी वे पीछे नहीं हटे।
यूहन्ना 18 हमें परमेश्वर के बारे में क्या सिखाता है?
सुबह हुई। यीशु को पिलातुस के पास ले गए। पिलातुस ने पूछा, “क्या तू यहूदियों का राजा है?” यीशु ने उत्तर दिया, “मेरा राज्य इस जगत का नहीं। यदि होता, तो मेरे सेवक लड़ते।” पिलातुस ने पूछा, “सत्य क्या है?” पर उसे कुछ दोष नहीं मिला। फिर भी लोगों ने चिल्लाकर कहा, “बरअब्बा को छोड़ दे,” जो एक डाकू था, यीशु को नहीं।
बच्चे यूहन्ना 18 से क्या सीख सकते हैं?
परमेश्वर ने बहुत पहले वादा किया था कि कोई आएगा जो लोगों के लिए अपनी जान देगा। यीशु ने कहा, “जो कटोरा पिता ने मुझे दिया है, क्या मैं उसे न पीऊँ?” यही वह कटोरा था, दुख और मृत्यु का रास्ता, जो परमेश्वर की बड़ी योजना का हिस्सा था। यीशु राजा थे, पर उनका राज्य तलवारों से नहीं बनता था। वे प्रेम और सच्चाई के राजा थे।
यूहन्ना 18 एक महत्वपूर्ण बाइबल कहानी क्यों है?
तुम्हें क्या लगता है, पतरस को तीसरी बार झूठ बोलने के बाद कैसा महसूस हुआ होगा?

किसी अन्य आयु वर्ग की तलाश है?

हमारे पास छोटे बच्चों (3-6 वर्ष) और किशोरों (12 वर्ष और अधिक) के लिए विशेष संस्करण भी हैं।

बच्चों की बाइबल टूल में खोलें

For parents and teachers: 7 से 12 वर्ष के उन बच्चों के लिए लिखा गया जो स्वयं पढ़ सकते हैं। पारिवारिक भक्ति और स्कूल में बाइबल पाठ के लिए उत्तम। This explanation is generated automatically by language models. While we strive for theological soundness, the software can make mistakes.

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