यूहन्ना 2
प्राथमिक आयु (6 से 12 वर्ष) के लिए व्याख्या और बाइबल कहानी
The Explanation
एक गाँव में, काना नाम की जगह पर, एक बड़ी शादी हो रही थी। यीशु की माता मरियम भी वहाँ थीं, और यीशु और उनके चेले भी बुलाए गए थे। खाना था, गाना था, और सब खुश थे। पर अचानक एक मुसीबत आ गई, दाखरस खत्म हो गया। यह शादी के लिए बहुत शर्म की बात होती। मरियम ने यीशु के पास जाकर कहा, “उनके पास दाखरस नहीं रहा।” यीशु ने जवाब दिया कि उनका समय अभी नहीं आया है। पर मरियम को भरोसा था। उसने नौकरों से कहा, “जो कुछ वह तुम से कहे, वही करना।”
वहाँ छह बड़े पत्थर के मटके रखे थे, इतने बड़े कि एक में कई बाल्टी पानी समाता था। यीशु ने कहा, “मटकों में पानी भर दो।” नौकरों ने मुँह तक पानी भर दिया। फिर यीशु ने कहा, “अब निकालकर भोज के प्रधान के पास ले जाओ।” जब प्रधान ने वह पानी चखा, तो वह पानी नहीं रहा था, वह सबसे बढ़िया दाखरस बन गया था! प्रधान को पता भी नहीं था कि यह कहाँ से आया। उसने दूल्हे से कहा कि सबसे अच्छा रस तो आखिर में परोसा गया। यह यीशु का पहला चिन्ह था, और उनके चेलों ने उन पर विश्वास किया।
कुछ समय बाद यीशु यरूशलेम के मंदिर में गए। वहाँ उन्होंने देखा कि लोग बैल, भेड़ और कबूतर बेच रहे थे, और सर्राफ पैसे बदल रहे थे, मानो मंदिर कोई बाज़ार हो। यीशु को यह देखकर बहुत गुस्सा आया। उन्होंने रस्सियों का कोड़ा बनाया और सब जानवरों को बाहर निकाल दिया। उन्होंने मेजें उलट दीं और सिक्के बिखेर दिए। क्या तुमने कभी किसी को इतने गुस्से में देखा है? यीशु ने कहा, “इन्हें यहाँ से ले जाओ। मेरे पिता के भवन को व्यापार का घर मत बनाओ।”
लोगों ने पूछा, “तू यह सब क्यों कर रहा है? हमें कौन सा चिन्ह दिखाता है?” यीशु ने एक पहेली जैसी बात कही, “इस मंदिर को ढा दो, और मैं इसे तीन दिन में खड़ा कर दूँगा।” लोग हैरान रह गए, क्योंकि यह मंदिर बनाने में छियालीस साल लगे थे। पर यीशु अपने शरीर के बारे में बात कर रहे थे। बाद में, जब यीशु मरे हुओं में से जी उठे, तब चेलों को यह बात याद आई, और उन्होंने विश्वास किया।
What Does This Mean?
यीशु दिखाते हैं कि वे सिर्फ एक अच्छे इंसान नहीं हैं। वे पानी को दाखरस बना सकते हैं, यह काम कोई इंसान नहीं कर सकता। यह दिखाता है कि परमेश्वर की शक्ति उनमें है। और जब यीशु मंदिर में गुस्सा करते हैं, तो वह ऐसे ही नहीं होता। वे चाहते हैं कि परमेश्वर का घर सच्चाई और आदर की जगह हो, लालच की जगह नहीं। यीशु को अपने पिता के घर की परवाह है।
The Common Thread
यह कहानी बताती है कि परमेश्वर हर खाली जगह को भर सकते हैं, जैसे उन्होंने खाली मटकों को भर दिया। और यीशु खुद ही असली मंदिर हैं, वह जगह जहाँ हम परमेश्वर से मिल सकते हैं। जब यीशु मरे और फिर जी उठे, तब पता चला कि उनकी बात सच थी। यह पूरी बाइबल की कहानी का केंद्र है, यीशु परमेश्वर के पास ले जाने का रास्ता हैं।
For You
जब कोई मुसीबत में हो, तुम भी मरियम की तरह यीशु के पास जा सकते हो और कह सकते हो, “यह समस्या है।” और जैसे नौकरों ने यीशु की बात मानी, तुम भी वैसे ही कर सकते हो जो यीशु कहते हैं, भले ही वह अजीब लगे। और परमेश्वर का घर, चाहे चर्च हो या तुम्हारा दिल, उसे आदर से रखना, क्योंकि यीशु को वह प्यारा है।
Talk About It
तुम्हें क्या लगता है, नौकरों को पानी भरते समय कैसा महसूस हुआ होगा, जब वे नहीं जानते थे कि क्या होगा?
यीशु मंदिर में इतने गुस्से में क्यों हुए, और इससे हमें क्या पता चलता है कि उन्हें क्या प्रिय है?
Praying Together
प्रिय प्रभु यीशु, आप खाली मटकों को भर सकते हैं, और आप हमारे दिल की भी परवाह करते हैं। हमें सिखाइए कि जो कुछ आप कहें वही करें, और हमारे दिल को ऐसी जगह बनाइए जहाँ आप खुश होकर रह सकें। आपका नाम महान है। आमीन।
यूहन्ना 2 के बारे में प्रश्न
पहली बार इसके बारे में पढ़ने वाले हर किसी के लिए छोटे उत्तर।
यूहन्ना 2 किस विषय में है?
यूहन्ना 2 क्या कहता है?
यूहन्ना 2 हमें परमेश्वर के बारे में क्या सिखाता है?
बच्चे यूहन्ना 2 से क्या सीख सकते हैं?
यूहन्ना 2 एक महत्वपूर्ण बाइबल कहानी क्यों है?
दूसरों ने क्या पाया
यरूशलेम में भीड़ चिह्न देखकर विश्वास कर रही थी, फिर भी लिखा है, "परन्तु यीशु ने अपने आप को उनके भरोसे नहीं छोड़ा, क्योंकि वह सब को जानता था।" वह जानता था कि चमत्कारों पर टिका विश्वास कितना जल्दी बदल जाता है। सोचो, तुम उससे क्यों जुड़े हो? सिर्फ़ उसके हाथ के कामों से, या उसके लिए? वह तुम्हारे भीतर का सच पहले से जानता है, और फिर भी तुम्हें बुलाता है।
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