7 से 12 वर्ष के बच्चे के लिए

न्यायियों 9

प्राथमिक आयु (7-12) के लिए व्याख्या और बाइबल कहानी

बाइबल

व्याख्या

गिदोन को याद है? उसके सत्तर बेटे थे, और एक बेटा एक दासी से हुआ था जिसका नाम अबीमेलेक था। गिदोन के मरने के बाद अबीमेलेक को यह सहन नहीं हुआ कि उसके सत्तर भाई मिलकर राज्य करें। इसलिए वह अपने ननिहाल शेकेम गया और वहाँ के लोगों को समझाया, "क्या भला है, सत्तर भाई तुम पर राज्य करें, या एक ही आदमी?" उसने चाँदी के सिक्के लिए और गुंडे किराए पर लिए, फिर एक ही पत्थर पर अपने सत्तर भाइयों को मार डाला। केवल एक भाई, योताम, छिपकर बच गया।

जब शेकेम के लोगों ने अबीमेलेक को राजा बना लिया, योताम पहाड़ की चोटी पर खड़ा होकर एक कहानी सुनाता है। वृक्ष अपने ऊपर राजा ढूँढ रहे थे। जैतून, अंजीर और दाखलता ने मना किया, क्योंकि उनके पास पहले से ही अच्छा काम था। अंत में झड़बेरी, एक काँटेदार, बेकार झाड़ी, राजा बनने को तैयार हो गई और धमकी भी दी कि उसमें से आग निकलेगी। योताम कह रहा था, तुमने सबसे अच्छे को नहीं, बल्कि सबसे बेकार को राजा बनाया है, और यह तुम्हें जला देगा।

आगे की कहानी दिखाती है कि योताम सही था। तीन साल बाद परमेश्वर ने अबीमेलेक और शेकेम के लोगों के बीच एक बुरी आत्मा भेजी, और दोनों एक दूसरे के दुश्मन बन गए। गाल नाम का एक आदमी शेकेम में विद्रोह भड़काता है, पर अबीमेलेक चालाकी से युद्ध जीत लेता है, नगर को नष्ट करता है और उस पर नमक छिड़कवा देता है, ताकि वहाँ फिर कुछ न उगे। जो लोग एक गढ़ में छिप गए थे, उन्हें अबीमेलेक ने आग लगाकर मार डाला। अंत में जब वह एक और नगर तेबेस पर हमला करता है, एक स्त्री छत से चक्की का पाट उस पर फेंकती है और उसकी खोपड़ी फट जाती है। वह शर्म से बचने के लिए अपने ही सैनिक से खुद को मरवा लेता है।

इसका क्या अर्थ है?

यह अध्याय आसान नहीं है। इसमें झूठ, हत्या, विश्वासघात और युद्ध भरा पड़ा है। पर बाइबल इसे छिपाती नहीं। यह हमें सच दिखाती है, यह बताते हुए कि जब लोग सत्ता के लिए परमेश्वर की अनदेखी करते हैं और एक दूसरे को धोखा देते हैं, तो अंत में सब कुछ टूट जाता है। अबीमेलेक ने खून से राजगद्दी पाई, और खून से ही उसका अंत हुआ। शेकेम के लोगों ने भी गलत काम में साथ दिया, और उन्हें भी उसका फल भुगतना पड़ा। आखिरी आयतें साफ कहती हैं, "परमेश्वर ने उसको उसके सिर पर लौटा दिया," और "योताम का श्राप उन पर घट गया।" परमेश्वर चुप नहीं रहे। वे देखते रहे, और अंततः न्याय हुआ, भले ही वह तुरंत नहीं आया।

समान सूत्र

इस पूरी किताब में एक ही पैटर्न दोहराता है, इस्राएल परमेश्वर को भूलता है, अपने रास्ते चलता है, और फिर तकलीफ में पड़ता है। अबीमेलेक जैसा राजा लोगों को दिखाता है कि इंसान अपने आप अच्छे राजा नहीं बना सकते। बाद में इस्राएल दाऊद जैसे राजा चाहेगा, पर दाऊद भी असफल हुआ। यह सब हमें एक ऐसे राजा की जरूरत दिखाता है जो सत्ता के लिए किसी को नहीं मारेगा, बल्कि खुद को दूसरों के लिए देगा। यीशु मसीह वही राजा हैं। उन्होंने ताज पहनने के लिए किसी की जान नहीं ली, बल्कि अपनी जान दी, ताकि हम जी सकें।

तुम्हारे लिए

कभी सोचना, क्या तुम भी कभी किसी को नीचा दिखाकर आगे बढ़ना चाहते हो, स्कूल में, दोस्तों के बीच, या घर में? अबीमेलेक की कहानी दिखाती है कि जो रास्ता धोखे से शुरू होता है, वह अच्छे अंत तक नहीं पहुँचता। परमेश्वर देख रहे हैं, भले ही हमें तुरंत नतीजा न दिखे। यह भी याद रखना कि योताम अकेला सच बोलने के लिए खड़ा हुआ, तब भी जब सब उसके खिलाफ थे। कभी सच बोलना कठिन लगेगा, पर परमेश्वर सच बोलनेवालों के साथ रहते हैं।

बात करें

क्या तुम्हें लगता है योताम को डर लगा होगा जब वह भीड़ के सामने सच बोल रहा था? उसने फिर भी क्यों बोला?

कहानी में परमेश्वर सीधे कुछ नहीं करते, फिर भी आखिर में न्याय होता है। इससे परमेश्वर के बारे में हम क्या सीखते हैं?

साथ में प्रार्थना

हे परमेश्वर, धन्यवाद कि आप हर बात देखते हैं, चाहे वह छिपी हो या खुली। हमें सिखाइए कि हम सत्ता या फायदे के लिए किसी को धोखा न दें। योताम जैसा साहस दीजिए कि हम सच बोल सकें, तब भी जब यह कठिन हो। और हमें यीशु की याद दिलाइए, जो सच्चे राजा हैं, जिन्होंने अपनी जान देकर हमें बचाया। आमीन।

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न्यायियों 9 के बारे में प्रश्न

पहली बार इसके बारे में पढ़ने वाले हर किसी के लिए छोटे उत्तर।

न्यायियों 9 किस विषय में है?
गिदोन को याद है? उसके सत्तर बेटे थे, और एक बेटा एक दासी से हुआ था जिसका नाम अबीमेलेक था। गिदोन के मरने के बाद अबीमेलेक को यह सहन नहीं हुआ कि उसके सत्तर भाई मिलकर राज्य करें। इसलिए वह अपने ननिहाल शेकेम गया और वहाँ के लोगों को समझाया, "क्या भला है, सत्तर भाई तुम पर राज्य करें, या एक ही आदमी?
न्यायियों 9 क्या कहता है?
आगे की कहानी दिखाती है कि योताम सही था। तीन साल बाद परमेश्वर ने अबीमेलेक और शेकेम के लोगों के बीच एक बुरी आत्मा भेजी, और दोनों एक दूसरे के दुश्मन बन गए। गाल नाम का एक आदमी शेकेम में विद्रोह भड़काता है, पर अबीमेलेक चालाकी से युद्ध जीत लेता है, नगर को नष्ट करता है और उस पर नमक छिड़कवा देता है, ताकि वहाँ फिर कुछ न उगे। जो लोग एक गढ़ में छिप गए थे, उन्हें अबीमेलेक ने आग लगाकर मार डाला। अंत में जब वह एक और नगर तेबेस पर हमला करता है, एक स्त्री छत से चक्की का पाट उस पर फेंकती है और उसकी खोपड़ी फट जाती है। वह शर्म से बचने के लिए अपने ही सैनिक से खुद को मरवा लेता है।
न्यायियों 9 हमें परमेश्वर के बारे में क्या सिखाता है?
इस पूरी किताब में एक ही पैटर्न दोहराता है, इस्राएल परमेश्वर को भूलता है, अपने रास्ते चलता है, और फिर तकलीफ में पड़ता है। अबीमेलेक जैसा राजा लोगों को दिखाता है कि इंसान अपने आप अच्छे राजा नहीं बना सकते। बाद में इस्राएल दाऊद जैसे राजा चाहेगा, पर दाऊद भी असफल हुआ। यह सब हमें एक ऐसे राजा की जरूरत दिखाता है जो सत्ता के लिए किसी को नहीं मारेगा, बल्कि खुद को दूसरों के लिए देगा। यीशु मसीह वही राजा हैं। उन्होंने ताज पहनने के लिए किसी की जान नहीं ली, बल्कि अपनी जान दी, ताकि हम जी सकें।
बच्चे न्यायियों 9 से क्या सीख सकते हैं?
क्या तुम्हें लगता है योताम को डर लगा होगा जब वह भीड़ के सामने सच बोल रहा था? उसने फिर भी क्यों बोला?
न्यायियों 9 एक महत्वपूर्ण बाइबल कहानी क्यों है?
हे परमेश्वर, धन्यवाद कि आप हर बात देखते हैं, चाहे वह छिपी हो या खुली। हमें सिखाइए कि हम सत्ता या फायदे के लिए किसी को धोखा न दें। योताम जैसा साहस दीजिए कि हम सच बोल सकें, तब भी जब यह कठिन हो। और हमें यीशु की याद दिलाइए, जो सच्चे राजा हैं, जिन्होंने अपनी जान देकर हमें बचाया। आमीन।

दूसरों ने क्या पाया

अंतर्दृष्टि संपादकीय पर पद 44

शेकेम के लोगों ने ही अबीमेलेक को राजा बनाया था, और अब वही उनके नगर के फाटक पर खड़ा है, "अबीमेलेक उस दल समेत जो उसके संग था आगे बढ़कर नगर के फाटक में खड़ा हो गया।" जिसे उन्होंने सिर पर बिठाया, वही उनका निकलने का रास्ता रोक रहा है। जिस पाप को तू आज मन में जगह दे रहा है, सोच, कल वह तेरे दरवाज़े पर खड़ा होकर तुझे बाहर आने देगा या नहीं?

अंतर्दृष्टि संपादकीय पर पद 39

गाल ने भीड़ के बीच बड़ी बड़ी बातें कही थीं, और जबूल ने उसे याद दिलाया। फिर लिखा है, "तब गाल शेकेम के निवासियों के आगे आगे निकलकर अबीमेलेक से लड़ा।" शब्द आसान थे, मैदान कठिन। जो बात हमने दूसरों को प्रभावित करने के लिए कही, वही एक दिन हमें परखने के लिए सामने खड़ी हो जाती है। तेरी कौन सी बात अभी परीक्षा की प्रतीक्षा कर रही है?

अंतर्दृष्टि संपादकीय पर पद 35

गाल सुबह उठकर फाटक पर आ खड़ा हुआ, जैसे नगर उसका ही हो। "गाल एबेद का पुत्र निकलकर नगर के फाटक में खड़ा हुआ" और उसी घड़ी अबीमेलेक घात में से उठ रहा था। उसे कुछ पता न था कि जिससे वह सलाह लेता है, वही खबर भेज चुका है। कल रात की डींगें आज की सुबह नहीं संभालतीं। तू भी किसी फाटक पर छाती फुलाकर खड़ा है? पहले घुटनों पर आ, क्योंकि जो तुझे नहीं दिखता, वह परमेश्वर देखता है।

अंतर्दृष्टि संपादकीय पर पद 45

शेकेम को जीत लेना अबीमेलेक के लिए काफी नहीं था। लिखा है, "उसने नगर को ढा दिया, और उसमें नमक बो दिया।" नमक इसलिए, कि वहाँ फिर कभी कुछ न उगे। यही कड़वाहट का असली चेहरा है, वह सिर्फ जीतना नहीं चाहती, वह चाहती है कि सामने वाला दोबारा कभी हरा न हो पाए। यीशु ने तुझे "पृथ्वी का नमक" कहा। तेरा नमक किसे बचा रहा है, और किसे बंजर कर रहा है?

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