7 से 12 वर्ष के बच्चे के लिए

लैव्यव्यवस्था 1

प्राथमिक आयु (7-12) के लिए व्याख्या और बाइबल कहानी

बाइबल

The Explanation

सोचो, तुम मिलापवाले तम्बू के पास खड़े हो। यही वह जगह है जहाँ परमेश्वर अपने लोगों से मिलते हैं। एक दिन परमेश्वर ने तम्बू में से मूसा को बुलाया और कहा, इस्राएल के लोगों से कहो।

अगर कोई मनुष्य मेरे लिए भेंट चढ़ाना चाहे, तो वह अपने पशुओं में से लाए। गाय-बैल, या भेड़-बकरी, या चिड़िया भी चल सकती है।

मान लो एक आदमी अपना सबसे अच्छा बछड़ा लाता है। उसमें कोई दोष नहीं होना चाहिए, कोई कमजोरी नहीं। वह तम्बू के द्वार पर आता है और अपना हाथ पशु के सिर पर रखता है। यह हाथ रखना बहुत खास है। मानो वह कह रहा हो, यह पशु अब मेरी जगह परमेश्वर के सामने जाता है।

फिर पशु की बलि दी जाती है। हारून के बेटे, जो याजक हैं, लहू को लेकर वेदी के चारों ओर छिड़कते हैं। उसके बाद पशु की खाल उतारी जाती है, और उसे टुकड़ों में काटा जाता है। याजक वेदी पर आग जलाते हैं, लकड़ी सजाते हैं, और टुकड़ों को उस पर रखते हैं। अंतड़ियाँ और पैर पानी से धोए जाते हैं, क्योंकि सब कुछ साफ-सुथरा होना चाहिए।

जब सब कुछ आग पर जलता है, तो धुआँ ऊपर उठता है। परमेश्वर कहते हैं, यह मेरे लिए सुखदायक सुगन्ध है।

अगर किसी के पास बैल नहीं है, तो वह भेड़ या बकरा ला सकता है। वही तरीका दोहराया जाता है, बस बलि वेदी के उत्तरी भाग पर होती है।

और अगर कोई बहुत गरीब है और बड़ा पशु नहीं खरीद सकता? तो वह पंडुकी या कबूतर ला सकता है। याजक पक्षी का सिर मरोड़ता है, लहू वेदी के किनारे गिराया जाता है, और बाकी सब जलाया जाता है। छोटी भेंट भी उतनी ही कीमती है।

What Does This Mean?

यह सुनने में कठोर लगता है, है ना? खून, आग, पशु की मृत्यु। पर यही कहानी की ताकत है। पाप हल्की बात नहीं है। जब कोई इस्राएली पशु पर हाथ रखता था, वह समझता था, मेरी जगह कोई मर रहा है, क्योंकि मैंने परमेश्वर से दूर जाने का काम किया है।

पर ध्यान दो, यह डराने के लिए नहीं है। परमेश्वर खुद रास्ता बताते हैं। वे कहते हैं, ऐसे करो, तो मैं तुम्हें ग्रहण करूँगा। परमेश्वर चाहते हैं कि उनके लोग उनके पास आ सकें।

The Common Thread

बहुत साल बाद, यीशु मसीह आए। उन्होंने खुद को एक बार के लिए भेंट चढ़ाया, हमेशा के लिए। अब हमें बार-बार पशु लाने की जरूरत नहीं। यीशु ने अपनी जान दी, जैसे वह बछड़ा या भेड़, ताकि हम परमेश्वर के पास आ सकें। जो गरीब आदमी कबूतर लाता था, और जो अमीर आदमी बैल लाता था, दोनों को परमेश्वर ग्रहण करते थे। यीशु में भी ऐसा ही है। चाहे तुम कोई भी हो, यीशु के द्वारा परमेश्वर तुम्हें अपनाते हैं।

For You

जब तुमसे कुछ गलत हो जाए, तुम झूठ बोलो या किसी को मारो, तुम छिप सकते हो। या तुम परमेश्वर के पास आ सकते हो और कह सकते हो, मुझसे गलती हुई है। यीशु ने पहले ही रास्ता बना दिया है। आज रात सोने से पहले, परमेश्वर को वह एक बात बताओ जो तुम्हें परेशान कर रही है।

Talk About It

तुम्हें क्या लगता है, आदमी पशु के सिर पर हाथ क्यों रखता था?

यीशु ने हमारे लिए क्या किया, जो उस बछड़े जैसा था?

Praying Together

प्रभु यीशु, धन्यवाद कि आपने अपनी जान दी, ताकि हम परमेश्वर के पास आ सकें। जब हमसे गलती हो, हमें याद दिलाइए कि हम आपके पास आ सकते हैं। आमीन।

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लैव्यव्यवस्था 1 के बारे में प्रश्न

पहली बार इसके बारे में पढ़ने वाले हर किसी के लिए छोटे उत्तर।

लैव्यव्यवस्था 1 किस विषय में है?
सोचो, तुम मिलापवाले तम्बू के पास खड़े हो। यही वह जगह है जहाँ परमेश्वर अपने लोगों से मिलते हैं। एक दिन परमेश्वर ने तम्बू में से मूसा को बुलाया और कहा, इस्राएल के लोगों से कहो।
लैव्यव्यवस्था 1 क्या कहता है?
मान लो एक आदमी अपना सबसे अच्छा बछड़ा लाता है। उसमें कोई दोष नहीं होना चाहिए, कोई कमजोरी नहीं। वह तम्बू के द्वार पर आता है और अपना हाथ पशु के सिर पर रखता है। यह हाथ रखना बहुत खास है। मानो वह कह रहा हो, यह पशु अब मेरी जगह परमेश्वर के सामने जाता है।
लैव्यव्यवस्था 1 हमें परमेश्वर के बारे में क्या सिखाता है?
जब सब कुछ आग पर जलता है, तो धुआँ ऊपर उठता है। परमेश्वर कहते हैं, यह मेरे लिए सुखदायक सुगन्ध है।
बच्चे लैव्यव्यवस्था 1 से क्या सीख सकते हैं?
और अगर कोई बहुत गरीब है और बड़ा पशु नहीं खरीद सकता? तो वह पंडुकी या कबूतर ला सकता है। याजक पक्षी का सिर मरोड़ता है, लहू वेदी के किनारे गिराया जाता है, और बाकी सब जलाया जाता है। छोटी भेंट भी उतनी ही कीमती है।
लैव्यव्यवस्था 1 एक महत्वपूर्ण बाइबल कहानी क्यों है?
पर ध्यान दो, यह डराने के लिए नहीं है। परमेश्वर खुद रास्ता बताते हैं। वे कहते हैं, ऐसे करो, तो मैं तुम्हें ग्रहण करूँगा। परमेश्वर चाहते हैं कि उनके लोग उनके पास आ सकें।

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हमारे पास छोटे बच्चों (3-6 वर्ष) और किशोरों (12 वर्ष और अधिक) के लिए विशेष संस्करण भी हैं।

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For parents and teachers: 7 से 12 वर्ष के उन बच्चों के लिए लिखा गया जो स्वयं पढ़ सकते हैं। पारिवारिक भक्ति और स्कूल में बाइबल पाठ के लिए उत्तम। This explanation is generated automatically by language models. While we strive for theological soundness, the software can make mistakes.

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