6 से 12 वर्ष के बच्चे के लिए

मरकुस 2

प्राथमिक आयु (6 से 12 वर्ष) के लिए व्याख्या और बाइबल कहानी

बाइबल

The Explanation

कफरनहूम के एक घर में यीशु आए थे। इतने लोग इकट्ठा हो गए कि दरवाज़े तक जगह नहीं बची। चार दोस्त एक लकवे के मारे हुए आदमी को खाट पर उठाकर लाए। पर भीड़ के कारण वे अंदर नहीं घुस पाए। तो उन्होंने क्या किया? वे छत पर चढ़ गए, छत को खोद डाला, और खाट को रस्सियों से नीचे उतार दिया, सीधे यीशु के सामने। कल्पना करो, ऊपर से धूल गिर रही है, और अचानक एक खाट हवा में झूलती हुई उतर रही है!

यीशु ने उनका विश्वास देखा और उस आदमी से कहा, “हे पुत्र, तेरे पाप क्षमा हुए।” वहाँ बैठे कुछ शास्त्री मन ही मन सोचने लगे, “यह तो परमेश्वर की निन्दा है! पाप कौन क्षमा कर सकता है, सिवाय परमेश्वर के?” यीशु ने तुरंत जान लिया कि वे क्या सोच रहे हैं। उन्होंने कहा, “उठ, अपनी खाट उठा, और घर चला जा।” वह आदमी तुरंत उठा, खाट उठाई, और सबके सामने से चलकर निकल गया। सब लोग चकित रह गए।

बाद में यीशु झील के किनारे गए और लेवी नाम के चुंगी लेनेवाले को देखा। चुंगी लेनेवाले वे लोग थे जिनसे बाकी लोग नफरत करते थे, क्योंकि वे पैसे इकट्ठा करते और अक्सर बेईमानी करते थे। यीशु ने कहा, “मेरे पीछे हो ले।” और लेवी तुरंत उठकर उनके पीछे चल दिया। फिर यीशु उसके घर भोजन करने बैठे, कई चुंगी लेनेवालों और पापियों के साथ। फरीसियों को यह बिल्कुल पसंद नहीं आया। यीशु ने कहा, “बीमारों को वैद्य की ज़रूरत होती है, भले चंगों को नहीं। मैं पापियों को बुलाने आया हूँ।”

कुछ लोगों ने पूछा, “तेरे चेले उपवास क्यों नहीं करते?” यीशु ने समझाया कि जब दूल्हा साथ होता है, तो बाराती उपवास नहीं करते। सब्त के दिन जब चेले खेत से जाते हुए बालें तोड़कर खाने लगे, फरीसियों ने आपत्ति जताई। यीशु ने याद दिलाया कि दाऊद भी भूखा था और उसने विशेष रोटी खाई थी। फिर उन्होंने कहा, “सब्त मनुष्य के लिये बनाया गया, मनुष्य सब्त के लिये नहीं।”

What Does This Mean?

यीशु केवल शरीर ठीक नहीं करते, वे दिल भी ठीक करते हैं। उस लकवे के आदमी को चलने से पहले माफी चाहिए थी। यीशु दिखाते हैं कि उनके पास दोनों अधिकार हैं। और यीशु उन लोगों के पास भी जाते हैं जिन्हें बाकी लोग छोड़ देते हैं, जैसे लेवी। नियम इसलिए नहीं बने कि लोगों को बोझ दें, बल्कि इसलिए कि लोगों की भलाई हो।

The Common Thread

पूरी बाइबल में परमेश्वर अपने लोगों के पास आते हैं, भले ही वे टूटे हुए हों। यीशु वही परमेश्वर हैं जो देह में आए, ताकि पाप क्षमा करें और लोगों को नया जीवन दें। जैसे नया दाखरस नई मशकों में भरा जाता है, वैसे ही यीशु हमें भीतर से नया बनाते हैं।

For You

जब तुमसे कोई गलती हो जाए, तो यीशु के पास जाओ, जैसे वे चार दोस्त उस आदमी को लाए। और किसी को अकेला मत छोड़ो, भले वह तुम्हें अजीब या अलग क्यों न लगे। यीशु उसे भी बुलाना चाहते हैं।

Talk About It

क्या तुम उन चार दोस्तों जैसे साहसी काम कर सकते थे, छत खोदकर?

लेवी को यीशु ने बुलाया जब सब उसे नापसंद करते थे। किसको तुम इस हफ्ते अपनापन दिखा सकते हो?

Praying Together

प्रभु यीशु, धन्यवाद कि आप हमारे पास आते हैं, भले हम कैसे भी हों। हमें माफी दीजिए, हमें ठीक कीजिए, और हमें अपने पीछे चलने का साहस दीजिए। आमीन।

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मरकुस 2 के बारे में प्रश्न

पहली बार इसके बारे में पढ़ने वाले हर किसी के लिए छोटे उत्तर।

मरकुस 2 किस विषय में है?
कफरनहूम के एक घर में यीशु आए थे। इतने लोग इकट्ठा हो गए कि दरवाज़े तक जगह नहीं बची। चार दोस्त एक लकवे के मारे हुए आदमी को खाट पर उठाकर लाए। पर भीड़ के कारण वे अंदर नहीं घुस पाए। तो उन्होंने क्या किया? वे छत पर चढ़ गए, छत को खोद डाला, और खाट को रस्सियों से नीचे उतार दिया, सीधे यीशु के सामने। कल्पना करो, ऊपर से धूल गिर रही है, और अचानक एक खाट हवा में झूलती हुई उतर रही है!
मरकुस 2 क्या कहता है?
बाद में यीशु झील के किनारे गए और लेवी नाम के चुंगी लेनेवाले को देखा। चुंगी लेनेवाले वे लोग थे जिनसे बाकी लोग नफरत करते थे, क्योंकि वे पैसे इकट्ठा करते और अक्सर बेईमानी करते थे। यीशु ने कहा, “मेरे पीछे हो ले।” और लेवी तुरंत उठकर उनके पीछे चल दिया। फिर यीशु उसके घर भोजन करने बैठे, कई चुंगी लेनेवालों और पापियों के साथ। फरीसियों को यह बिल्कुल पसंद नहीं आया। यीशु ने कहा, “बीमारों को वैद्य की ज़रूरत होती है, भले चंगों को नहीं। मैं पापियों को बुलाने आया हूँ।”
मरकुस 2 हमें परमेश्वर के बारे में क्या सिखाता है?
यीशु केवल शरीर ठीक नहीं करते, वे दिल भी ठीक करते हैं। उस लकवे के आदमी को चलने से पहले माफी चाहिए थी। यीशु दिखाते हैं कि उनके पास दोनों अधिकार हैं। और यीशु उन लोगों के पास भी जाते हैं जिन्हें बाकी लोग छोड़ देते हैं, जैसे लेवी। नियम इसलिए नहीं बने कि लोगों को बोझ दें, बल्कि इसलिए कि लोगों की भलाई हो।
बच्चे मरकुस 2 से क्या सीख सकते हैं?
जब तुमसे कोई गलती हो जाए, तो यीशु के पास जाओ, जैसे वे चार दोस्त उस आदमी को लाए। और किसी को अकेला मत छोड़ो, भले वह तुम्हें अजीब या अलग क्यों न लगे। यीशु उसे भी बुलाना चाहते हैं।
मरकुस 2 एक महत्वपूर्ण बाइबल कहानी क्यों है?
लेवी को यीशु ने बुलाया जब सब उसे नापसंद करते थे। किसको तुम इस हफ्ते अपनापन दिखा सकते हो?

दूसरों ने क्या पाया

अंतर्दृष्टि संपादकीय पर पद 13

वह फिर निकलकर झील के किनारे गया, और सारी भीड़ उसके पास आई, और वह उन्हें उपदेश देने लगा।"

ध्यान दो, यीशु कहाँ पढ़ाते हैं। आराधनालय में नहीं, खुले किनारे पर, जहाँ मछुआरे, मज़दूर और चुंगी लेनेवाला लेवी भी खड़ा हो सकता था। जो भीतर आने से डरते थे, उनके लिए वे बाहर निकल आए।

आज भी वे तुम्हारे उसी कोने में आते हैं जहाँ तुम्हें लगता है तुम्हारी जगह नहीं है।

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