7 से 12 वर्ष के बच्चे के लिए

मीका 3

प्राथमिक आयु (7-12) के लिए व्याख्या और बाइबल कहानी

बाइबल

The Explanation

मीका नबी एक दिन यरूशलेम के बड़े हाकिमों के सामने खड़ा हुआ। ये वही लोग थे जिन्हें परमेश्वर ने न्याय करने के लिए रखा था। मीका ने सीधे उनकी आँखों में देखकर कहा, "सुनो! क्या तुम्हारा काम नहीं कि तुम भला और बुरा पहचानो?"

लेकिन इन हाकिमों ने भलाई से बैर रखा और बुराई से प्रीति। परमेश्वर उनकी तुलना ऐसे लोगों से करते हैं जो भेड़ों की खाल उधेड़ते और उनका माँस हांडी में पकाते हैं। सोचो, ये हाकिम अपने ही लोगों के साथ ऐसा बर्ताव कर रहे थे, जैसे वे इंसान नहीं बल्कि खाना हों। कितना डरावना था यह।

एक दिन यही लोग दुख में पड़कर यहोवा को पुकारेंगे। पर यहोवा कहते हैं, वह उनकी नहीं सुनेंगे। वे अपना मुँह फेर लेंगे, क्योंकि इन्हीं हाकिमों ने पहले बुरे काम किए थे।

फिर मीका झूठे भविष्यवक्ताओं की बात करता है। ये लोग परमेश्वर का संदेश सुनाने का दावा करते थे, पर असल में पैसे के पीछे भागते थे। अगर कोई उन्हें खाना खिलाए, तो वे चिल्लाकर कहते, "शान्ति! शान्ति!" पर अगर कोई उनके मुँह में कुछ न डाले, तो वे उसी के खिलाफ युद्ध की बात करने लगते। इसलिए परमेश्वर कहते हैं कि उन पर ऐसी अंधेरी रात आएगी कि उन्हें कोई दर्शन नहीं मिलेगा। वे परमेश्वर की आवाज़ के लिए तरसेंगे पर कुछ नहीं सुनेंगे।

फिर मीका खुद खड़ा होकर कहता है, "मैं तो यहोवा के आत्मा से शक्ति, न्याय और पराक्रम से भरा हूँ।" वह डरा नहीं। उसने साफ-साफ याकूब और इस्राएल को उनका पाप बता दिया। हाकिम घूस लेकर फैसले सुनाते थे, याजक पैसे लेकर सिखाते थे, और भविष्यवक्ता रुपयों के लिए भविष्यवाणी करते थे। फिर भी वे कहते थे, "यहोवा हमारे बीच है, हम पर कोई विपत्ति नहीं आएगी।" कैसी अजीब बात, वे परमेश्वर का नाम लेते थे पर उनकी बातें नहीं मानते थे।

इसलिए मीका ने चेतावनी दी: सिय्योन जोता हुआ खेत बन जाएगा, यरूशलेम खंडहरों का ढेर हो जाएगा, और जिस पहाड़ पर परमेश्वर का भवन खड़ा था, वह जंगली टीले जैसा हो जाएगा।

What Does This Mean?

यह कहानी हमें दिखाती है कि परमेश्वर चुप नहीं बैठते जब कमज़ोर लोगों को सताया जाता है। हाकिम और भविष्यवक्ता वही लोग थे जिन्हें लोगों की रक्षा करनी थी, जैसे चरवाहा भेड़ों की रक्षा करता है। पर उन्होंने उल्टा काम किया। परमेश्वर को यह बहुत बुरा लगा। उन्होंने मीका को हिम्मत दी ताकि वह सच बोल सके, चाहे कितना भी कठिन हो। परमेश्वर चाहते हैं कि जो न्याय करें, वे सच में न्याय करें, न कि पैसे या ताकत के लिए झूठ बोलें।

The Common Thread

यह कहानी हमें याद दिलाती है कि एक दिन एक सच्चा राजा आएगा, जो कभी घूस नहीं लेगा और कभी झूठ नहीं बोलेगा। वह यीशु मसीह हैं। वे अच्छे चरवाहे कहलाते हैं, जो अपनी भेड़ों के लिए अपनी जान देते हैं, उन्हें नुकसान नहीं पहुँचाते। मीका ने जिस न्याय की बात की, वह यीशु में पूरा होता है। परमेश्वर हमेशा अपने लोगों के साथ सच्चाई और प्यार से रहना चाहते हैं।

For You

जब तुम किसी के साथ खेलते हो, क्या तुम सच बोलते हो, भले ही झूठ बोलना आसान लगे? क्या तुम छोटे भाई-बहन के साथ न्याय से पेश आते हो, या अपनी मनमानी करते हो? परमेश्वर चाहते हैं कि तुम सच बोलने वाले और न्याय करने वाले बनो, भले ही यह कठिन लगे, जैसे मीका ने हिम्मत से सच बोला।

Talk About It

अगर तुम मीका की जगह होते, क्या तुम हाकिमों से डर जाते, या सच बोलते?

तुम्हारे घर या स्कूल में न्याय से पेश आना क्यों ज़रूरी है?

Praying Together

हे परमेश्वर, हमें सच बोलने और न्याय से पेश आने की हिम्मत दीजिए। हमें याद दिलाइए कि आप कमज़ोरों की सुनते हैं। हमें यीशु जैसा बनने में मदद कीजिए, जो हमेशा सच्चे और भले हैं। आमीन।

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मीका 3 के बारे में प्रश्न

पहली बार इसके बारे में पढ़ने वाले हर किसी के लिए छोटे उत्तर।

मीका 3 किस विषय में है?
मीका नबी एक दिन यरूशलेम के बड़े हाकिमों के सामने खड़ा हुआ। ये वही लोग थे जिन्हें परमेश्वर ने न्याय करने के लिए रखा था। मीका ने सीधे उनकी आँखों में देखकर कहा, "सुनो! क्या तुम्हारा काम नहीं कि तुम भला और बुरा पहचानो?"
मीका 3 क्या कहता है?
एक दिन यही लोग दुख में पड़कर यहोवा को पुकारेंगे। पर यहोवा कहते हैं, वह उनकी नहीं सुनेंगे। वे अपना मुँह फेर लेंगे, क्योंकि इन्हीं हाकिमों ने पहले बुरे काम किए थे।
मीका 3 हमें परमेश्वर के बारे में क्या सिखाता है?
फिर मीका खुद खड़ा होकर कहता है, "मैं तो यहोवा के आत्मा से शक्ति, न्याय और पराक्रम से भरा हूँ।" वह डरा नहीं। उसने साफ-साफ याकूब और इस्राएल को उनका पाप बता दिया। हाकिम घूस लेकर फैसले सुनाते थे, याजक पैसे लेकर सिखाते थे, और भविष्यवक्ता रुपयों के लिए भविष्यवाणी करते थे। फिर भी वे कहते थे, "यहोवा हमारे बीच है, हम पर कोई विपत्ति नहीं आएगी।" कैसी अजीब बात, वे परमेश्वर का नाम लेते थे पर उनकी बातें नहीं मानते थे।
बच्चे मीका 3 से क्या सीख सकते हैं?
यह कहानी हमें दिखाती है कि परमेश्वर चुप नहीं बैठते जब कमज़ोर लोगों को सताया जाता है। हाकिम और भविष्यवक्ता वही लोग थे जिन्हें लोगों की रक्षा करनी थी, जैसे चरवाहा भेड़ों की रक्षा करता है। पर उन्होंने उल्टा काम किया। परमेश्वर को यह बहुत बुरा लगा। उन्होंने मीका को हिम्मत दी ताकि वह सच बोल सके, चाहे कितना भी कठिन हो। परमेश्वर चाहते हैं कि जो न्याय करें, वे सच में न्याय करें, न कि पैसे या ताकत के लिए झूठ बोलें।
मीका 3 एक महत्वपूर्ण बाइबल कहानी क्यों है?
जब तुम किसी के साथ खेलते हो, क्या तुम सच बोलते हो, भले ही झूठ बोलना आसान लगे? क्या तुम छोटे भाई-बहन के साथ न्याय से पेश आते हो, या अपनी मनमानी करते हो? परमेश्वर चाहते हैं कि तुम सच बोलने वाले और न्याय करने वाले बनो, भले ही यह कठिन लगे, जैसे मीका ने हिम्मत से सच बोला।

दूसरों ने क्या पाया

अंतर्दृष्टि संपादकीय पर पद 9

तुम जो न्याय से घृणा करते और सब सिधाई को टेढ़ी करते हो।" ये लोग मंदिर जाते थे, बलिदान चढ़ाते थे, पर अंदर से न्याय से नफरत करते थे। सीधी बात को घुमा देना उनकी आदत बन चुकी थी। कहीं तुम भी तो अपनी गलती को समझाने के लिए शब्दों को मोड़ते नहीं? परमेश्वर सुनता है, और वह सीधी बात का परमेश्वर है।

अंतर्दृष्टि संपादकीय पर पद 8

आसपास के भविष्यद्वक्ता रोटी के एक टुकड़े के बदले "शान्ति" की घोषणा कर देते थे। उसी भीड़ में मीका खड़ा होकर कहता है, "परन्तु मैं तो यहोवा की आत्मा से शक्ति, न्याय और पराक्रम पाकर परिपूर्ण हूँ।" यह भरपूरी तालियों के लिए नहीं, बल्कि लोगों को उनका पाप जताने के लिए थी। परमेश्वर ने तुझे जो साहस दिया है, तू उसे किसे खुश करने में खर्च कर रहा है?

अंतर्दृष्टि संपादकीय पर पद 6

मीका उन भविष्यद्वक्ताओं से बात कर रहा है जो पैसे के लिए शांति का संदेश बेचते थे। उनका दंड यह था: "भविष्यद्वक्ताओं पर सूर्य अस्त होगा, और उनके लिये दिन अंधेरा हो जाएगा।" सबसे डरावनी सज़ा परमेश्वर की मार नहीं, उसकी चुप्पी है। सोचो, क्या तुमने कभी उसकी आवाज़ को अपनी सुविधा के मुताबिक मोड़ने की कोशिश की है?

किसी अन्य आयु वर्ग की तलाश है?

हमारे पास छोटे बच्चों (3-6 वर्ष) और किशोरों (12 वर्ष और अधिक) के लिए विशेष संस्करण भी हैं।

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For parents and teachers: 7 से 12 वर्ष के उन बच्चों के लिए लिखा गया जो स्वयं पढ़ सकते हैं। पारिवारिक भक्ति और स्कूल में बाइबल पाठ के लिए उत्तम। This explanation is generated automatically by language models. While we strive for theological soundness, the software can make mistakes.

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