मीका 4
प्राथमिक आयु (7-12) के लिए व्याख्या और बाइबल कहानी
मीका अध्याय 4 की व्याख्या
The Explanation
कल्पना करो, तुम एक पहाड़ की चोटी पर खड़े हो। पहाड़ बहुत ऊँचा है, बादलों से भी ऊँचा। मीका नबी कहते हैं, एक दिन ऐसा आएगा जब यहोवा के भवन का पर्वत सब पहाड़ों से ऊँचा किया जाएगा। और तब कुछ अद्भुत होगा। हर देश के लोग, दूर दूर से, जैसे नदी की धारा बहती है, वैसे ही उस पर्वत की ओर चल पड़ेंगे। वे कहेंगे, "आओ, हम यहोवा के पर्वत पर चढ़ें, वे हमें अपने मार्ग सिखाएँगे।"
फिर एक तस्वीर आती है जो सचमुच चौंका देती है। लोग अपनी तलवारें उठाते हैं, वे तलवारें जिनसे लड़ाई होती थी, और उन्हें पीट पीट कर हल के फाल बना देते हैं, यानी खेत जोतने का औज़ार। भाले हँसिया बन जाते हैं, यानी फसल काटने का औज़ार। एक जाति दूसरी जाति के विरुद्ध फिर तलवार नहीं उठाएगी। कोई और युद्ध सीखेगा भी नहीं। हर आदमी अपनी दाखलता और अंजीर के पेड़ के नीचे शान्ति से बैठेगा, और कोई उसे डराएगा नहीं।
पर आगे कहानी में एक दर्द भरा मोड़ आता है। सिय्योन, यानी यरूशलेम शहर, चिल्ला रहा है, जैसे किसी स्त्री को बच्चा जनने की पीड़ा होती है। दुश्मन जातियाँ इकट्ठी होकर कहती हैं, "आओ, हम सिय्योन को नष्ट कर दें।" पर वे यहोवा की योजना नहीं जानते। यहोवा कहते हैं कि वे उन दुश्मनों को खलिहान में बटोरे हुए पूलों जैसा इकट्ठा कर देंगे, ताकि सिय्योन उन्हें दाँव सके, जैसे किसान अनाज को दाँवता है।
What Does This Mean?
यह कहानी दिखाती है कि युद्ध और डर हमेशा नहीं रहेंगे। परमेश्वर एक दिन ऐसा समय लाएँगे जब हथियार काम के औज़ार बन जाएँगे। सोचो, तलवार से हल बनाना कितना बड़ा बदलाव है! यह सिर्फ लड़ाई रुकना नहीं है, यह पूरी तरह नई दुनिया है, जहाँ लोग परमेश्वर के मार्ग पर चलना सीखते हैं और इसलिए शान्ति से रहते हैं।
और परमेश्वर उन लोगों को नहीं भूलते जो लँगड़े हैं, जिन्हें दूर निकाल दिया गया है, जिन्हें दुःख दिया गया है। वे कहते हैं, "मैं उन्हें इकट्ठा करूँगा, मैं उन्हें बचाऊँगा।" जो कमज़ोर लगते हैं, परमेश्वर उन्हें एक शक्तिशाली जाति बना देंगे।
The Common Thread
यह पर्वत, जहाँ से यहोवा की व्यवस्था और वचन निकलता है, हमें यीशु मसीह की याद दिलाता है। यीशु ही वह हैं जो हमें परमेश्वर का मार्ग सिखाते हैं। और जब यीशु आए, उन्होंने शान्ति की बात की, दुश्मनों से प्रेम करने की बात की। लँगड़ों को उठाया, दूर किए हुओं को अपने पास बुलाया। यह वही परमेश्वर हैं जो कमज़ोर को इकट्ठा करते हैं और उन्हें मज़बूत बनाते हैं। यह वादा अभी पूरी तरह हुआ नहीं है, पर एक दिन, जब यीशु फिर आएँगे, हर तलवार सच में हल का फाल बन जाएगी।
For You
तुम भी सोच सकते हो, तुम्हारे घर में, तुम्हारी कक्षा में, कहाँ लड़ाई है जो शान्ति बन सकती है? शायद अपने भाई बहन से झगड़ा। आज तुम कोशिश करो कि गुस्से की बात को नरम बात बना दो, जैसे तलवार हल का फाल बनी। और जो बच्चा तुम्हारी कक्षा में अकेला रहता है, उसे बुलाओ अपने पास, जैसे परमेश्वर लँगड़ों को इकट्ठा करते हैं।
Talk About It
अगर तुम्हारे हाथ में एक तलवार होती, तुम उसे किस काम के औज़ार में बदलते?
किसको तुम आज अपने पास बुला सकते हो, जो अकेला या दुखी लगता है?
Praying Together
प्रभु यीशु, धन्यवाद कि आप एक दिन सारी लड़ाई खत्म करेंगे। हमें सिखाइए कि हम आज ही थोड़ी शान्ति फैलाएँ, अपने घर में, अपनी कक्षा में। जो कमज़ोर हैं, उन्हें अपने पास बुलाने में हमारी मदद करें। आमीन।
मीका 4 के बारे में प्रश्न
पहली बार इसके बारे में पढ़ने वाले हर किसी के लिए छोटे उत्तर।
मीका 4 किस विषय में है?
मीका 4 क्या कहता है?
मीका 4 हमें परमेश्वर के बारे में क्या सिखाता है?
बच्चे मीका 4 से क्या सीख सकते हैं?
मीका 4 एक महत्वपूर्ण बाइबल कहानी क्यों है?
दूसरों ने क्या पाया
वहाँ तू छुड़ाई जाएगी; वहाँ यहोवा तुझे तेरे शत्रुओं के हाथ से छुड़ा लेगा।" ध्यान दे, छुटकारा बाबेल जाने से पहले नहीं, बल्कि वहीं मिलेगा, उसी परदेश में जिससे तू डरती है। और तेरी पीड़ा प्रसव की पीड़ा है, मरने की नहीं। जिस जगह से तू भागना चाहता है, परमेश्वर वहीं तुझसे मिलने आ रहा है।
मीका जिस शांति का सपना देखता है, वह किसी महल में नहीं मिलती। "वे अपनी-अपनी दाखलता और अंजीर के पेड़ के तले बैठा करेंगे, और कोई उनको न डराएगा।" बस अपना छोटा सा पेड़, और डर का न होना। सोचो, तुम्हारे जीवन में शांति की कमी हथियारों से नहीं, उस डर से है जो रात को सोने नहीं देता। परमेश्वर वही डर हटाने आ रहा है।
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