7 से 12 वर्ष के बच्चे के लिए

प्रकाशितवाक्य 19

प्राथमिक आयु (7-12) के लिए व्याख्या और बाइबल कहानी

बाइबल

The Explanation

यूहन्ना स्वर्ग की ओर देखता है, और वहाँ से एक बहुत बड़ी भीड़ की आवाज़ सुनाई देती है, जो चिल्ला रही है, “हालेलूय्याह!” इसका मतलब है, “परमेश्वर की स्तुति हो!” यह भीड़ खुश है क्योंकि परमेश्वर ने उस “बड़ी वेश्या” का न्याय किया है, यानी उस दुष्ट शक्ति का जो धोखे और अन्याय से पृथ्वी को भ्रष्ट कर रही थी। चौबीस प्राचीन और चार प्राणी झुककर परमेश्वर की आराधना करते हैं। फिर आवाज़ और बड़ी होती जाती है, जैसे बहुत पानी की गरज, और सब मिलकर कहते हैं कि परमेश्वर राजा हैं।

फिर एक अद्भुत खबर आती है, मेम्ने का विवाह आ पहुँचा है। मेम्ना यीशु मसीह हैं, और उनकी दुल्हन वे सब लोग हैं जो उन पर विश्वास करते हैं। दुल्हन को शुद्ध, चमकदार मलमल का वस्त्र पहनाया जाता है, जो विश्वासियों के भले कामों को दिखाता है। जो लोग इस विवाह भोज में बुलाए गए हैं, वे धन्य हैं।

इसके बाद दृश्य बदल जाता है। आकाश खुलता है, और एक श्वेत घोड़े पर एक सवार दिखाई देता है। उसका नाम “विश्वासयोग्य और सत्य” है, उसकी आँखें आग की तरह जलती हैं, और उसका एक नाम लिखा है जिसे कोई और नहीं जानता। उसका वस्त्र खून में डूबा हुआ है, और उसे “परमेश्वर का वचन” कहा जाता है, यह यीशु ही हैं। स्वर्ग की सेना उसके पीछे-पीछे आती है। वह न्याय और युद्ध करने आता है, क्योंकि पृथ्वी पर बहुत बुराई फैली हुई है।

अंत में एक भयानक युद्ध का चित्र है। पशु (जो परमेश्वर के विरुद्ध खड़ी शक्ति है) और झूठा भविष्यद्वक्ता पकड़े जाते हैं और आग की झील में डाल दिए जाते हैं। बाकी सब उस सवार की तलवार से हार जाते हैं।

What Does This Mean?

यह अध्याय कहता है कि बुराई हमेशा नहीं चलेगी। जो लोग धोखा देते हैं, जो दूसरों को नुकसान पहुँचाते हैं, उनका एक दिन हिसाब होगा। यह सुनने में कठोर लगता है, और सच में है भी। यूहन्ना इसे छुपाता नहीं, आग की झील, तलवार, युद्ध, ये तस्वीरें डरावनी हैं। लेकिन बाइबल यह भी दिखाती है कि परमेश्वर का न्याय प्रेम से अलग नहीं है। वे अन्याय को यूँ ही नहीं जाने देते, क्योंकि वे अपने लोगों से प्रेम करते हैं जिन्हें सताया गया था।

साथ ही यह अध्याय खुशी से भरा है। विवाह भोज की तस्वीर बताती है कि परमेश्वर का अंतिम इरादा उत्सव है, डर नहीं। यीशु अपनी दुल्हन, यानी अपने लोगों को, अपने पास बुलाते हैं।

The Common Thread

पूरी बाइबल में परमेश्वर एक वाचा बाँधते हैं, यानी एक पक्का वादा, कि वे अपने लोगों को कभी नहीं छोड़ेंगे। यह वाचा यीशु में पूरी होती है। यहाँ विवाह की तस्वीर उसी वाचा की भाषा है, जैसे एक दूल्हा अपनी दुल्हन से वफादार रहता है, वैसे ही यीशु अपने लोगों से वफादार रहते हैं। और वह सवार जो “विश्वासयोग्य और सत्य” कहलाता है, वही यीशु हैं जिन्होंने सूली पर अपना खून बहाया, इसीलिए उनका वस्त्र खून में डूबा हुआ दिखाया गया है। उनका न्याय और उनका प्रेम एक ही व्यक्ति में मिलते हैं।

For You

शायद तुम सोचो, यह सब सुनने में डरावना है, क्या परमेश्वर सच में इतने कठोर हैं? यह सवाल पूछना ठीक है, यूहन्ना खुद भी इन दृश्यों से चकित होकर स्वर्गदूत के आगे गिर पड़ा था, मगर स्वर्गदूत ने उसे रोका, क्योंकि आराधना सिर्फ परमेश्वर की होनी चाहिए। तुम भी जब स्कूल में या घर में अन्याय देखो, तो यह याद रखना कि परमेश्वर उसे हल्के में नहीं लेते। और जब तुम गलती करते हो, तो यह भी याद रखना कि यीशु तुम्हें अपनी दुल्हन, यानी अपने अपने लोगों में शामिल करना चाहते हैं, पवित्र वस्त्र, यानी भले काम, वे खुद तुम्हें पहनाना चाहते हैं।

Talk About It

क्या तुम्हें लगता है कि परमेश्वर का न्याय करना डरावना है या सही? क्यों?

विवाह भोज की तस्वीर परमेश्वर के बारे में क्या दिखाती है, जो आग की झील की तस्वीर नहीं दिखाती?

Praying Together

हे परमेश्वर, आप सच्चे और वफादार हैं। जब हम अन्याय देखें तो हमें याद दिलाइए कि आप सब कुछ देखते हैं और एक दिन सब ठीक करेंगे। हमें यीशु के पास बुलाने के लिए धन्यवाद। हमारे दिलों को वैसे वस्त्र पहनाइए जो आपको भाते हैं। आमीन।

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प्रकाशितवाक्य 19 के बारे में प्रश्न

पहली बार इसके बारे में पढ़ने वाले हर किसी के लिए छोटे उत्तर।

प्रकाशितवाक्य 19 किस विषय में है?
यूहन्ना स्वर्ग की ओर देखता है, और वहाँ से एक बहुत बड़ी भीड़ की आवाज़ सुनाई देती है, जो चिल्ला रही है, “हालेलूय्याह!” इसका मतलब है, “परमेश्वर की स्तुति हो!” यह भीड़ खुश है क्योंकि परमेश्वर ने उस “बड़ी वेश्या” का न्याय किया है, यानी उस दुष्ट शक्ति का जो धोखे और अन्याय से पृथ्वी को भ्रष्ट कर रही थी। चौबीस प्राचीन और चार प्राणी झुककर परमेश्वर की आराधना करते हैं। फिर आवाज़ और बड़ी होती जाती है, जैसे बहुत पानी की गरज, और सब मिलकर कहते हैं कि परमेश्वर राजा हैं।
प्रकाशितवाक्य 19 क्या कहता है?
इसके बाद दृश्य बदल जाता है। आकाश खुलता है, और एक श्वेत घोड़े पर एक सवार दिखाई देता है। उसका नाम “विश्वासयोग्य और सत्य” है, उसकी आँखें आग की तरह जलती हैं, और उसका एक नाम लिखा है जिसे कोई और नहीं जानता। उसका वस्त्र खून में डूबा हुआ है, और उसे “परमेश्वर का वचन” कहा जाता है, यह यीशु ही हैं। स्वर्ग की सेना उसके पीछे-पीछे आती है। वह न्याय और युद्ध करने आता है, क्योंकि पृथ्वी पर बहुत बुराई फैली हुई है।
प्रकाशितवाक्य 19 हमें परमेश्वर के बारे में क्या सिखाता है?
यह अध्याय कहता है कि बुराई हमेशा नहीं चलेगी। जो लोग धोखा देते हैं, जो दूसरों को नुकसान पहुँचाते हैं, उनका एक दिन हिसाब होगा। यह सुनने में कठोर लगता है, और सच में है भी। यूहन्ना इसे छुपाता नहीं, आग की झील, तलवार, युद्ध, ये तस्वीरें डरावनी हैं। लेकिन बाइबल यह भी दिखाती है कि परमेश्वर का न्याय प्रेम से अलग नहीं है। वे अन्याय को यूँ ही नहीं जाने देते, क्योंकि वे अपने लोगों से प्रेम करते हैं जिन्हें सताया गया था।
बच्चे प्रकाशितवाक्य 19 से क्या सीख सकते हैं?
पूरी बाइबल में परमेश्वर एक वाचा बाँधते हैं, यानी एक पक्का वादा, कि वे अपने लोगों को कभी नहीं छोड़ेंगे। यह वाचा यीशु में पूरी होती है। यहाँ विवाह की तस्वीर उसी वाचा की भाषा है, जैसे एक दूल्हा अपनी दुल्हन से वफादार रहता है, वैसे ही यीशु अपने लोगों से वफादार रहते हैं। और वह सवार जो “विश्वासयोग्य और सत्य” कहलाता है, वही यीशु हैं जिन्होंने सूली पर अपना खून बहाया, इसीलिए उनका वस्त्र खून में डूबा हुआ दिखाया गया है। उनका न्याय और उनका प्रेम एक ही व्यक्ति में मिलते हैं।
प्रकाशितवाक्य 19 एक महत्वपूर्ण बाइबल कहानी क्यों है?
क्या तुम्हें लगता है कि परमेश्वर का न्याय करना डरावना है या सही? क्यों?

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For parents and teachers: 7 से 12 वर्ष के उन बच्चों के लिए लिखा गया जो स्वयं पढ़ सकते हैं। पारिवारिक भक्ति और स्कूल में बाइबल पाठ के लिए उत्तम। This explanation is generated automatically by language models. While we strive for theological soundness, the software can make mistakes.

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