जकर्याह 6
प्राथमिक आयु (7-12) के लिए व्याख्या और बाइबल कहानी
The Explanation
जकर्याह ने आँखें उठाईं और एक अनोखा दृश्य देखा। दो पहाड़ों के बीच से चार रथ निकलकर आ रहे थे। वे पहाड़ पीतल के बने थे, चमकते हुए, धूप में दमकते हुए। हर रथ में अलग रंग के घोड़े जुते थे। पहले रथ में लाल घोड़े, दूसरे में काले, तीसरे में श्वेत, और चौथे रथ में चितकबरे और बादामी घोड़े।
जकर्याह हैरान रह गया। उसने उस दूत से पूछा, "हे मेरे प्रभु, ये क्या हैं?" दूत ने उत्तर दिया, "ये आकाश की चारों वायु हैं, जो सारी पृथ्वी के प्रभु के पास उपस्थित रहते हैं, और अब निकल आए हैं।" काले घोड़े उत्तर की ओर दौड़े, श्वेत पश्चिम की ओर, चितकबरे दक्षिण की ओर। बादामी घोड़ों ने कहा कि वे पृथ्वी पर फेरा करना चाहते हैं, और दूत ने उन्हें जाने दिया।
फिर दूत ने पुकारकर कहा कि जो उत्तर की ओर गए, उन्होंने परमेश्वर के मन को शांति दी है। कुछ दिन बाद परमेश्वर का वचन जकर्याह के पास फिर आया। परमेश्वर ने कहा, बाबेल से लौटे हुए कुछ लोगों से सोना चाँदी ले, और एक मुकुट बनाकर उसे यहोशू नाम के महायाजक के सिर पर रख। फिर उससे कहना, "देख, उस पुरुष को जिसका नाम शाख है। वह अपने ही स्थान में उगकर यहोवा के मन्दिर को बनाएगा। वही महिमा पाएगा, और अपने सिंहासन पर बैठेगा। उसके पास एक याजक भी रहेगा, और दोनों के बीच मेल होगा।" फिर वह मुकुट मन्दिर में स्मरण के रूप में रखा जाना था। परमेश्वर ने यह भी कहा कि दूर-दूर के लोग आकर मन्दिर बनाने में मदद करेंगे।
What Does This Mean?
यह कहानी दिखाती है कि परमेश्वर के पास सारी पृथ्वी पर नज़र रखने वाली शक्तियाँ हैं, वे रथ और वायु उनकी आज्ञा मानते हैं। कुछ भी उनके नियंत्रण से बाहर नहीं है, चाहे उत्तर हो या दक्षिण, पूरब हो या पश्चिम। और फिर परमेश्वर एक और बड़ी बात दिखाते हैं। एक मुकुट बनेगा, और वह एक महायाजक के सिर पर रखा जाएगा। पर यह मुकुट असल में किसी और की ओर इशारा करता है, उस पुरुष की ओर जिसका नाम "शाख" है, जो मन्दिर बनाएगा और राजा तथा याजक दोनों की तरह होगा।
The Common Thread
यह "शाख" कोई और नहीं बल्कि एक वादा है, परमेश्वर का वादा कि एक दिन एक राजा आएगा जो साथ ही याजक भी होगा। यीशु मसीह वही हैं। वे हमारे राजा हैं, पर वे हमारे लिए याजक की तरह परमेश्वर के सामने भी खड़े होते हैं। उनके राज्य में शांति और मेल है, ठीक जैसे वचन कहता है, "दोनों के बीच मेल की सम्मति होगी।" यीशु में परमेश्वर का घर फिर से बनता है, पत्थरों से नहीं, पर लोगों के दिलों से।
For You
जब तुम्हें डर लगे कि दुनिया में बहुत सी बुरी बातें हो रही हैं, याद रखो कि परमेश्वर हर दिशा में अपनी वायु भेजते हैं, वे सब कुछ देख रहे हैं। और जब तुम यीशु पर भरोसा करते हो, तो तुम भी उस मन्दिर का हिस्सा बन जाते हो जो वे बना रहे हैं। तुम आज किसी के लिए मददगार बनकर, या किसी के लिए प्रार्थना करके, उस निर्माण में अपना छोटा हिस्सा डाल सकते हो।
Talk About It
अगर तुमने वे चार रंग-बिरंगे घोड़े और रथ देखे होते, तो तुम्हें कैसा लगता?
तुम्हारे ख्याल से यीशु राजा और याजक दोनों क्यों होना चाहते थे?
Praying Together
प्रिय प्रभु, आप सारी पृथ्वी को देखते हैं, और कुछ भी आपसे छिपा नहीं है। धन्यवाद कि यीशु हमारे राजा और हमारे याजक हैं। हमें अपने घर का हिस्सा बनाइए, और हमें मदद कीजिए कि हम प्रेम और शांति फैलाएँ। आमीन।
जकर्याह 6 के बारे में प्रश्न
पहली बार इसके बारे में पढ़ने वाले हर किसी के लिए छोटे उत्तर।
जकर्याह 6 किस विषय में है?
जकर्याह 6 क्या कहता है?
जकर्याह 6 हमें परमेश्वर के बारे में क्या सिखाता है?
बच्चे जकर्याह 6 से क्या सीख सकते हैं?
जकर्याह 6 एक महत्वपूर्ण बाइबल कहानी क्यों है?
दूसरों ने क्या पाया
निर्वासितों ने बाबुल से जो चाँदी और सोना लाया, वह मुकुट बनकर मन्दिर में रखा गया, "स्मरण के लिये।" उनके नाम आज भी लिखे हैं, हेलेम, तोबिय्याह, यदायाह, हेन। किसी ने उन्हें भीड़ में गिना नहीं होगा, पर परमेश्वर ने उनका दिया हुआ सामने रख छोड़ा। तेरी चुपचाप दी हुई भेंट भी उससे छिपी नहीं है।
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