3 से 5 वर्ष के बच्चे के लिए

1 इतिहास 26

छोटे बच्चे और प्री स्कूल (3 से 5 वर्ष) के लिए व्याख्या और बाइबल कहानी

बाइबल

परमेश्वर के घर के द्वारपाल

The Explanation

परमेश्वर का एक घर था। बहुत बड़ा घर। उसमें बहुत दरवाज़े थे।

किसी को तो उन दरवाज़ों की रखवाली करनी थी। कौन करेगा?

मशेलेम्याह नाम का एक आदमी था। उसके बेटे थे, जकर्याह, यदीएल, और भी बहुत। ओबेदेदोम नाम का भी एक आदमी था। उसके भी बेटे थे। परमेश्वर ने ओबेदेदोम को आशीष दी थी।

सब बेटे बड़े और मज़बूत थे। वे द्वार पर खड़े रहते थे। चुपचाप। ध्यान से। कोई भीतर जाए तो वे देखते थे।

कैसे तय हुआ कि कौन किस दरवाज़े पर खड़ा होगा? उन्होंने चिट्ठी डाली। जैसे हम पर्ची उठाते हैं। एक नाम निकला, पूर्व का दरवाज़ा। दूसरा नाम निकला, उत्तर का दरवाज़ा। फिर दक्षिण का, फिर पश्चिम का।

पूर्व की ओर छह लोग खड़े थे। उत्तर की ओर चार। दक्षिण की ओर चार। हर तरफ कोई न कोई था। कभी कोई दरवाज़ा खाली नहीं रहता था।

कुछ लोग द्वारपाल नहीं थे। वे भंडार में रहते थे। वहाँ चाँदी, सोना, और बहुत सी अच्छी चीज़ें रखी थीं। ये चीज़ें परमेश्वर के लिए अलग रखी गई थीं, पवित्र चीज़ें। शलोमोत नाम का आदमी उन चीज़ों की रखवाली करता था।

What Does This Mean?

सोचो, इतने सारे लोग। कोई द्वार पर, कोई भंडार में। हर एक का अपना काम था। छोटा काम, बड़ा काम, सबका काम ज़रूरी था।

कोई भी यह नहीं कहता था, "मेरा काम छोटा है, मैं नहीं करूँगा।" नहीं। हर एक अपनी जगह पर खड़ा रहा। रात को भी, दिन को भी।

परमेश्वर का घर, पवित्र घर था। इसलिए उसकी रखवाली ज़रूरी थी।

The Common Thread

बहुत बाद में, यीशु भी परमेश्वर के घर में गए। वे वहाँ सिखाते थे, प्रार्थना करते थे।

और यीशु ने एक बार कहा, मैं ही दरवाज़ा हूँ। जो मुझसे होकर भीतर आएगा, वह बचेगा।

द्वारपाल दरवाज़े पर खड़े रहते थे, ताकि लोग ठीक जगह से भीतर आएँ। यीशु भी एक दरवाज़े जैसे हैं। उनके पास से होकर हम परमेश्वर के पास जाते हैं।

For You

तुम्हारे घर का भी एक दरवाज़ा है। कौन उसे खोलता और बंद करता है? शायद अम्मी, शायद अब्बा।

तुम भी एक छोटा काम कर सकते हो। खिलौने उठाना, कोई मदद करना। छोटा काम भी अच्छा काम है।

परमेश्वर देखते हैं जब तुम अपनी जगह पर रहते हो। वे खुश होते हैं।

Talk About It

अगर तुम द्वारपाल होते, तो किस दरवाज़े पर खड़े होना चाहते?

तुम अपने घर में कौन सा छोटा काम कर सकते हो?

Praying Together

प्रिय परमेश्वर,

आपके घर के द्वारपाल ध्यान से खड़े रहते थे।

मुझे भी मदद करें, मैं अपना काम अच्छे से करूँ।

धन्यवाद कि यीशु हमारे लिए दरवाज़ा हैं।

आमीन।

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1 इतिहास 26 के बारे में प्रश्न

पहली बार इसके बारे में पढ़ने वाले हर किसी के लिए छोटे उत्तर।

1 इतिहास 26 किस विषय में है?
मशेलेम्याह नाम का एक आदमी था। उसके बेटे थे, जकर्याह, यदीएल, और भी बहुत। ओबेदेदोम नाम का भी एक आदमी था। उसके भी बेटे थे। परमेश्वर ने ओबेदेदोम को आशीष दी थी।
1 इतिहास 26 क्या कहता है?
पूर्व की ओर छह लोग खड़े थे। उत्तर की ओर चार। दक्षिण की ओर चार। हर तरफ कोई न कोई था। कभी कोई दरवाज़ा खाली नहीं रहता था।
1 इतिहास 26 हमें परमेश्वर के बारे में क्या सिखाता है?
कोई भी यह नहीं कहता था, "मेरा काम छोटा है, मैं नहीं करूँगा।" नहीं। हर एक अपनी जगह पर खड़ा रहा। रात को भी, दिन को भी।
नन्हे बच्चे 1 इतिहास 26 से क्या सीख सकते हैं?
द्वारपाल दरवाज़े पर खड़े रहते थे, ताकि लोग ठीक जगह से भीतर आएँ। यीशु भी एक दरवाज़े जैसे हैं। उनके पास से होकर हम परमेश्वर के पास जाते हैं।
1 इतिहास 26 एक महत्वपूर्ण बाइबल कहानी क्यों है?
परमेश्वर देखते हैं जब तुम अपनी जगह पर रहते हो। वे खुश होते हैं।

दूसरों ने क्या पाया

अंतर्दृष्टि संपादकीय पर पद 27

लड़ाइयों में लूटे हुए धन में से उन्होंने यहोवा के भवन को दृढ़ करने के लिये कुछ अर्पण किया था।" जो सबसे कठिन लड़ाइयों में मिला, वही परमेश्वर के घर की नींव मजबूत करने में लगा। तेरी जो जीत खून और आँसुओं से आई है, क्या तू उसे अपने लिए रख लेगा, या परमेश्वर के हाथ में सौंपेगा?

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