3 से 6 वर्ष के बच्चे के लिए

1 तीमुथियुस 3

नन्हे और पूर्व-विद्यालय बच्चे (आयु 3-6) के लिए व्याख्या और बाइबल कहानी

बाइबल

परमेश्वर के घर की कहानी

समझाइए तो

एक घर होता है। बड़ा सा घर। उस घर में बहुत लोग रहते हैं। कोई बूढ़ा, कोई जवान, कोई छोटा बच्चा।

पौलुस नाम के एक अंकल ने तीमुथियुस नाम के एक भाई को चिट्ठी लिखी। पौलुस ने कहा, "सुनो, परमेश्वर के घर में भी लोग रहते हैं। उस घर की देखभाल कोई तो करेगा।"

उस घर की देखभाल करनेवाले को अच्छा होना चाहिए। गुस्सैल नहीं। मारपीट करनेवाला नहीं। धीरे बोलनेवाला। मेहमानों का स्वागत करनेवाला। जैसे कोई अच्छा पापा अपने घर को प्यार से चलाता है।

पौलुस ने यह भी कहा, "जो अपने घर की देखभाल नहीं कर सकता, वह परमेश्वर के घर की देखभाल कैसे करेगा?" यह बात सच है, है ना?

इसका मतलब क्या है?

सोचो, तुम्हारे घर में भी कोई है जो घर की देखभाल करता है। शायद पापा, शायद मामा। वह रात को दरवाजा बंद करता है। वह देखता है सब ठीक है।

परमेश्वर का घर भी ऐसा ही है। उस घर में परमेश्वर के लोग रहते हैं। कुछ लोग उस घर की देखभाल करते हैं। वे प्यार से, धीरे से, सच्चाई से काम करते हैं। जैसे एक भला चौकीदार अपने घर को प्यार करता है।

एक ही कड़ी में जुड़ी बात

पौलुस ने एक बहुत सुंदर बात लिखी। सुनो ध्यान से।

उसने कहा, यीशु शरीर में आए। दुनिया में आए। लोगों ने उन्हें देखा। स्वर्गदूतों ने भी उन्हें देखा। और फिर वे ऊपर, बहुत ऊपर, महिमा में उठाए गए।

यह कहानी बहुत गहरी है। यीशु ही है जिसके लिए यह पूरा घर बनाया गया है। परमेश्वर का घर, वह जगह है जहाँ यीशु को प्यार किया जाता है। जहाँ उनकी बातें सच मानी जाती हैं।

तुम्हारे लिए

तुम भी परमेश्वर के घर का हिस्सा हो। छोटे हो, पर हिस्सा हो।

तुम क्या कर सकते हो? तुम धीरे बोल सकते हो। तुम अपने भाई-बहन से प्यार से बात कर सकते हो। तुम मेहमान आए तो मुस्कुरा सकते हो।

जैसे बड़े लोग घर की देखभाल करते हैं, वैसे तुम भी अपने छोटे से हिस्से की देखभाल कर सकते हो। अपने खिलौने बाँट सकते हो। अपने दोस्त को गले लगा सकते हो।

बात करो इस पर

तुम्हारे घर में कौन देखभाल करता है?

तुम परमेश्वर के घर में क्या अच्छा काम कर सकते हो?

चलो प्रार्थना करें

प्रभु यीशु, धन्यवाद कि हम भी आपके घर के हिस्से हैं। हमें प्यार से बोलना सिखाइए। हमें धीरे रहना सिखाइए। हमें अपने घर से प्यार करना सिखाइए। आमीन।

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1 तीमुथियुस 3 के बारे में प्रश्न

पहली बार इसके बारे में पढ़ने वाले हर किसी के लिए छोटे उत्तर।

1 तीमुथियुस 3 किस विषय में है?
एक घर होता है। बड़ा सा घर। उस घर में बहुत लोग रहते हैं। कोई बूढ़ा, कोई जवान, कोई छोटा बच्चा।
1 तीमुथियुस 3 क्या कहता है?
उस घर की देखभाल करनेवाले को अच्छा होना चाहिए। गुस्सैल नहीं। मारपीट करनेवाला नहीं। धीरे बोलनेवाला। मेहमानों का स्वागत करनेवाला। जैसे कोई अच्छा पापा अपने घर को प्यार से चलाता है।
1 तीमुथियुस 3 हमें परमेश्वर के बारे में क्या सिखाता है?
सोचो, तुम्हारे घर में भी कोई है जो घर की देखभाल करता है। शायद पापा, शायद मामा। वह रात को दरवाजा बंद करता है। वह देखता है सब ठीक है।
नन्हे बच्चे 1 तीमुथियुस 3 से क्या सीख सकते हैं?
उसने कहा, यीशु शरीर में आए। दुनिया में आए। लोगों ने उन्हें देखा। स्वर्गदूतों ने भी उन्हें देखा। और फिर वे ऊपर, बहुत ऊपर, महिमा में उठाए गए।
1 तीमुथियुस 3 एक महत्वपूर्ण बाइबल कहानी क्यों है?
तुम भी परमेश्वर के घर का हिस्सा हो। छोटे हो, पर हिस्सा हो।

दूसरों ने क्या पाया

अंतर्दृष्टि संपादकीय पर पद 8

वैसे ही सेवकों को भी गम्भीर होना चाहिए, दो रंगी, और पियक्कड़, और नीच कमाई के लोभी न हों।" ध्यान दीजिए, पहली शर्त कोई बड़ी योग्यता नहीं, बल्कि एक ही जीभ रखना है। एक व्यक्ति के सामने एक बात, पीठ पीछे दूसरी, यही दो रंगीपन है। परमेश्वर की सेवा वहीं से शुरू होती है जहाँ आपकी बात सब जगह एक जैसी रहती है।

अंतर्दृष्टि संपादकीय पर पद 3

अगुवे के लिए पौलुस ने कोई प्रतिभा नहीं गिनाई, बस स्वभाव: "पियक्कड़ या मारपीट करनेवाला न हो, वरन् कोमल हो; और न झगड़ालू और न धन का लोभी हो।" यानी परखने की जगह मंच नहीं, बल्कि वह पल है जब कोई तुम्हें चोट पहुँचाए या पैसों का मामला सामने आए। तब जो निकलता है, वही तुम्हारा असली चरित्र है। आज किसी ने तुम्हें उकसाया था?

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For parents and teachers: विशेष रूप से 3 से 6 वर्ष के बच्चों को ज़ोर से पढ़कर सुनाने के लिए लिखा गया। इसे अपने बच्चे के साथ बातचीत की शुरुआत के रूप में उपयोग करें, एकमात्र स्रोत के रूप में नहीं। This explanation is generated automatically by language models. While we strive for theological soundness, the software can make mistakes.

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