3 से 6 वर्ष के बच्चे के लिए

1 यूहन्ना 1

नन्हे और पूर्व-विद्यालय बच्चे (आयु 3-6) के लिए व्याख्या और बाइबल कहानी

बाइबल

व्याख्या

एक बार कुछ लोग यीशु के पास थे। बहुत पास।

उन्होंने यीशु को देखा। अपनी आँखों से देखा।

उन्होंने यीशु की आवाज़ सुनी। ध्यान से सुनी।

और उन्होंने यीशु को छुआ भी। अपने हाथों से छुआ।

वे कहते हैं, "हमने उन्हें देखा। हमने उन्हें सुना। हमने उन्हें छुआ।"

यही यीशु जीवन हैं। सुंदर जीवन। वे परमेश्वर पिता के साथ थे। फिर वे हमारे पास आए।

अब ये लोग यह सब हमें भी बताना चाहते हैं। ताकि हम भी उनके साथ रहें। और खुश हो जाएँ। बहुत खुश।

इसका क्या मतलब है?

सोचो, एक कमरा है। बहुत अंधेरा। कुछ भी दिखता नहीं। अपना हाथ भी नहीं दिखता।

फिर कोई एक दीया जलाता है। अचानक उजाला हो जाता है। सब कुछ साफ दिखने लगता है।

परमेश्वर ऐसे ही हैं। वे उजाला हैं। उनमें कोई अंधेरा नहीं। बिलकुल भी नहीं।

अगर हम अंधेरे में चलें, और फिर कहें, "हम परमेश्वर के साथ हैं", तो यह सच नहीं होगा। यह झूठ होगा।

पर अगर हम उजाले में चलें, जैसे परमेश्वर उजाले में हैं, तो हम सब साथ साथ रहते हैं। परमेश्वर के साथ, और एक दूसरे के साथ भी।

समान सूत्र

यीशु मसीह का लहू हमें साफ करता है। एकदम साफ। सब पापों से साफ।

जैसे माँ बच्चे के गंदे हाथ धोती है। पानी से रगड़ कर धोती है। और हाथ चमकने लगते हैं।

यीशु ऐसे ही हमें साफ करते हैं। अपने लहू से।

अगर हम कहें, "मुझसे कोई गलती नहीं हुई", तो हम खुद को धोखा देते हैं।

पर अगर हम कहें, "परमेश्वर, मुझसे गलती हुई है", तो वे हमें माफ कर देते हैं। हर बार माफ करते हैं। क्योंकि वे भले हैं।

तुम्हारे लिए

आज तुमने कुछ गलत किया? शायद कुछ तोड़ा। या किसी को धक्का दिया।

तुम परमेश्वर को धीरे से बता सकते हो।

"परमेश्वर, मुझसे गलती हुई।"

और परमेश्वर तुम्हें साफ कर देंगे। जैसे साबुन से हाथ साफ होते हैं। बिलकुल साफ, बिलकुल नए।

फिर तुम उजाले में चल सकते हो। परमेश्वर के साथ। हाथ में हाथ डाले।

बात करें

आज तुमने परमेश्वर के उजाले में क्या देखा?

जब तुमसे कोई गलती होती है, तो तुम परमेश्वर को क्या कहोगे?

साथ में प्रार्थना

प्रिय परमेश्वर, आप उजाला हैं। आज मुझसे गलती हुई। मुझे माफ कर दीजिए। मुझे साफ कर दीजिए। यीशु के नाम में। आमीन।

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1 यूहन्ना 1 के बारे में प्रश्न

पहली बार इसके बारे में पढ़ने वाले हर किसी के लिए छोटे उत्तर।

1 यूहन्ना 1 किस विषय में है?
वे कहते हैं, "हमने उन्हें देखा। हमने उन्हें सुना। हमने उन्हें छुआ।"
1 यूहन्ना 1 क्या कहता है?
फिर कोई एक दीया जलाता है। अचानक उजाला हो जाता है। सब कुछ साफ दिखने लगता है।
1 यूहन्ना 1 हमें परमेश्वर के बारे में क्या सिखाता है?
यीशु मसीह का लहू हमें साफ करता है। एकदम साफ। सब पापों से साफ।
नन्हे बच्चे 1 यूहन्ना 1 से क्या सीख सकते हैं?
आज तुमने कुछ गलत किया? शायद कुछ तोड़ा। या किसी को धक्का दिया।
1 यूहन्ना 1 एक महत्वपूर्ण बाइबल कहानी क्यों है?
प्रिय परमेश्वर, आप उजाला हैं। आज मुझसे गलती हुई। मुझे माफ कर दीजिए। मुझे साफ कर दीजिए। यीशु के नाम में। आमीन।

दूसरों ने क्या पाया

अंतर्दृष्टि संपादकीय पर पद 4

यूहन्ना लिखता है, "और ये बातें हम इसलिए लिखते हैं, कि हमारा आनन्द पूरा हो जाए।" ध्यान दे, वह "मेरा" नहीं, "हमारा" कहता है। उसका आनन्द तब तक अधूरा है जब तक तू भी मसीह की संगति में न आ जाए। किसी के विश्वास में बढ़ने से क्या तेरे भीतर भी ऐसी खुशी जागती है? या तेरा आनन्द सिर्फ तेरे अपने तक सिमटा है?

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For parents and teachers: विशेष रूप से 3 से 6 वर्ष के बच्चों को ज़ोर से पढ़कर सुनाने के लिए लिखा गया। इसे अपने बच्चे के साथ बातचीत की शुरुआत के रूप में उपयोग करें, एकमात्र स्रोत के रूप में नहीं। This explanation is generated automatically by language models. While we strive for theological soundness, the software can make mistakes.

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