3 से 6 वर्ष के बच्चे के लिए

1 राजाओं 17

नन्हे और पूर्व-विद्यालय बच्चे (आयु 3-6) के लिए व्याख्या और बाइबल कहानी

बाइबल

एलिय्याह और भूखी विधवा

व्याख्या

एक आदमी था। उसका नाम एलिय्याह था। एलिय्याह परमेश्वर का भला सेवक था।

देश में बारिश नहीं हुई। बिलकुल भी नहीं। सूखा पड़ गया। परमेश्वर ने एलिय्याह से कहा, “नदी के पास छिप जा।” एलिय्याह गया। वहाँ कौवे आते थे। सवेरे रोटी लाते। साँझ को माँस लाते। परमेश्वर उसे खिलाते थे।

पर नदी सूख गई। पानी नहीं रहा। तब परमेश्वर ने फिर कहा, “सारफत नगर जा। वहाँ एक विधवा तुझे खिलाएगी।”

एलिय्याह वहाँ गया। नगर के फाटक पर एक स्त्री लकड़ी बीन रही थी। एलिय्याह ने कहा, “मुझे पानी दे।” फिर कहा, “थोड़ी रोटी भी ला।”

स्त्री उदास थी। बहुत उदास। उसने कहा, “मेरे पास बस मुट्ठी भर मैदा है। थोड़ा सा तेल है। मैं आखिरी रोटी बना रही हूँ। फिर हम मर जाएँगे।”

इसका क्या अर्थ है?

एलिय्याह ने कहा, “मत डर।” क्या सुंदर बात है। “पहले मेरे लिए एक रोटी बना। फिर देख, परमेश्वर कहते हैं, मटका खाली नहीं होगा। कुप्पी सूखेगी नहीं।”

स्त्री ने वैसा ही किया। और सच में, मैदा खत्म नहीं हुआ। तेल खत्म नहीं हुआ। रोज रोटी बनती रही। कई दिनों तक। परमेश्वर ने अपना वचन निभाया।

समान सूत्र

फिर एक दिन दुख आया। स्त्री का बेटा बीमार पड़ गया। बहुत बीमार। उसकी साँस रुक गई। स्त्री रोई। एलिय्याह ने कहा, “बालक को मुझे दे।”

वह बालक को ऊपर कमरे में ले गया। वहाँ वह पुकारा, “हे मेरे परमेश्वर यहोवा, इस बालक को फिर से जीवन दे।” तीन बार उसने ऐसा किया। और परमेश्वर ने सुन लिया। बालक की साँस लौट आई। वह जी उठा।

यह दिखाता है कि परमेश्वर के पास जीवन देने की शक्ति है। बहुत बाद में, यीशु मसीह ने भी मरे हुओं को जिलाया। परमेश्वर हमेशा जीवन देनेवाले हैं।

तुम्हारे लिए

एलिय्याह भूखा था। परमेश्वर ने उसे खिलाया। कभी कौवों से। कभी एक गरीब स्त्री से। परमेश्वर जानते हैं हमें क्या चाहिए। रोटी। पानी। और भी, जीवन।

क्या तुम्हें पता है, परमेश्वर आज भी तुम्हारी देखभाल करते हैं? जब तुम खाना खाते हो, वह परमेश्वर से ही आता है।

बातचीत के लिए सवाल:

तुम्हें क्या लगता है, स्त्री को कैसा लगा जब मैदा खत्म नहीं हुआ?

परमेश्वर ने बालक को फिर से जीवन दिया। तुम्हें इस बारे में कैसा लगता है?

साथ में प्रार्थना

हे परमेश्वर, आप एलिय्याह की सुनते थे। आप स्त्री को रोटी देते थे। आप बालक को जीवन देते हैं। आज भी हमें खाना दीजिए। हमारी देखभाल कीजिए। धन्यवाद कि आप हमसे प्रेम करते हैं। आमीन।

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1 राजाओं 17 के बारे में प्रश्न

पहली बार इसके बारे में पढ़ने वाले हर किसी के लिए छोटे उत्तर।

1 राजाओं 17 किस विषय में है?
एक आदमी था। उसका नाम एलिय्याह था। एलिय्याह परमेश्वर का भला सेवक था।
1 राजाओं 17 क्या कहता है?
एलिय्याह वहाँ गया। नगर के फाटक पर एक स्त्री लकड़ी बीन रही थी। एलिय्याह ने कहा, “मुझे पानी दे।” फिर कहा, “थोड़ी रोटी भी ला।”
1 राजाओं 17 हमें परमेश्वर के बारे में क्या सिखाता है?
स्त्री ने वैसा ही किया। और सच में, मैदा खत्म नहीं हुआ। तेल खत्म नहीं हुआ। रोज रोटी बनती रही। कई दिनों तक। परमेश्वर ने अपना वचन निभाया।
नन्हे बच्चे 1 राजाओं 17 से क्या सीख सकते हैं?
यह दिखाता है कि परमेश्वर के पास जीवन देने की शक्ति है। बहुत बाद में, यीशु मसीह ने भी मरे हुओं को जिलाया। परमेश्वर हमेशा जीवन देनेवाले हैं।
1 राजाओं 17 एक महत्वपूर्ण बाइबल कहानी क्यों है?
तुम्हें क्या लगता है, स्त्री को कैसा लगा जब मैदा खत्म नहीं हुआ?

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For parents and teachers: विशेष रूप से 3 से 6 वर्ष के बच्चों को ज़ोर से पढ़कर सुनाने के लिए लिखा गया। इसे अपने बच्चे के साथ बातचीत की शुरुआत के रूप में उपयोग करें, एकमात्र स्रोत के रूप में नहीं। This explanation is generated automatically by language models. While we strive for theological soundness, the software can make mistakes.

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