3 से 6 वर्ष के बच्चे के लिए

1 राजाओं 4

नन्हे और पूर्व-विद्यालय बच्चे (आयु 3-6) के लिए व्याख्या और बाइबल कहानी

बाइबल

व्याख्या

एक राजा था। उसका नाम सुलैमान था।

सुलैमान इस्राएल के सारे देश का राजा था। बहुत बड़ा देश था। बहुत सारे लोग थे।

सुलैमान के पास मदद करनेवाले लोग थे। कोई याजक था। कोई सेनापति था। कोई लेखक था। हर एक का काम अलग था।

और बारह भण्डारी थे। हर एक अपने-अपने महीने में खाना लाता था। राजा के लिए खाना। सारे घर के लिए खाना। महीना बदलता, आदमी बदलता, पर खाना कभी कम नहीं पड़ता था।

लोग खाते थे। पीते थे। आनन्द करते थे। बहुत सारे लोग थे, समुद्र के किनारे की रेत जैसे अनगिनत।

इसका क्या मतलब है?

सुलैमान के राज्य में शांति थी। बड़ी शांति।

हर आदमी अपने अंगूर के पेड़ के नीचे बैठता था। हर आदमी अपने अंजीर के पेड़ के नीचे बैठता था। कोई डर नहीं था। बिलकुल भी डर नहीं।

सोचो, कैसा लगता होगा? न लड़ाई का शोर। न भागना। सिर्फ ठंडी छाया, और मीठे फल, और चैन की सांस।

राजा की मेज पर बहुत खाना आता था। रोटी की खुशबू। मांस पकने की खुशबू। भेड़-बकरी, हिरन, पक्षी, सब कुछ।

पर सबसे अच्छी चीज़ खाना नहीं थी।

समान सूत्र

परमेश्वर ने सुलैमान को एक खास चीज़ दी थी।

बुद्धि।

बहुत बड़ी बुद्धि। समुद्र किनारे की रेत जैसी अनगिनत।

सुलैमान से पहले कोई इतना बुद्धिमान नहीं था। दूर-दूर देश के लोग सुनते थे। वे आते थे। वे सुनना चाहते थे।

यह बुद्धि सुलैमान की अपनी नहीं थी। परमेश्वर ने दी थी। परमेश्वर देना जानते हैं।

बहुत बाद में, एक और राजा आया। उससे भी बड़ा राजा। यीशु मसीह। लोग दूर-दूर से उन्हें सुनने भी आते थे। पर यीशु सिर्फ बुद्धि की बातें नहीं बताते थे। वे खुद परमेश्वर के पास ले जाते थे।

सुलैमान का राज्य में शांति थी, कुछ समय के लिए। यीशु के राज्य में शांति सदा रहती है।

तुम्हारे लिए

तुम्हारे पास भी कोई है जो तुम्हारा ख्याल रखता है। खाना देता है। छाया देता है। प्यार देता है।

क्या तुम जानते हो कौन?

परमेश्वर।

वे राजा से भी बड़े हैं। वे तुम्हें भी बुद्धि दे सकते हैं। छोटी-छोटी बुद्धि। जैसे सही और गलत जानना। जैसे प्यार से बात करना।

आज रात जब तुम खाना खाओ, याद करो। परमेश्वर ने वह खाना दिया है।

बातचीत के लिए

सुलैमान के राज्य में लोग किस पेड़ के नीचे बैठकर आराम करते थे?

परमेश्वर ने सुलैमान को क्या खास चीज़ दी थी?

साथ में प्रार्थना

प्रिय परमेश्वर,

आपने सुलैमान को बुद्धि दी।

मुझे भी थोड़ी बुद्धि दीजिए।

मुझे प्यार से बात करना सिखाइए।

आज का खाना देने के लिए धन्यवाद।

आमीन।

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1 राजाओं 4 के बारे में प्रश्न

पहली बार इसके बारे में पढ़ने वाले हर किसी के लिए छोटे उत्तर।

1 राजाओं 4 किस विषय में है?
सुलैमान इस्राएल के सारे देश का राजा था। बहुत बड़ा देश था। बहुत सारे लोग थे।
1 राजाओं 4 क्या कहता है?
लोग खाते थे। पीते थे। आनन्द करते थे। बहुत सारे लोग थे, समुद्र के किनारे की रेत जैसे अनगिनत।
1 राजाओं 4 हमें परमेश्वर के बारे में क्या सिखाता है?
राजा की मेज पर बहुत खाना आता था। रोटी की खुशबू। मांस पकने की खुशबू। भेड़-बकरी, हिरन, पक्षी, सब कुछ।
नन्हे बच्चे 1 राजाओं 4 से क्या सीख सकते हैं?
बहुत बाद में, एक और राजा आया। उससे भी बड़ा राजा। यीशु मसीह। लोग दूर-दूर से उन्हें सुनने भी आते थे। पर यीशु सिर्फ बुद्धि की बातें नहीं बताते थे। वे खुद परमेश्वर के पास ले जाते थे।
1 राजाओं 4 एक महत्वपूर्ण बाइबल कहानी क्यों है?
वे राजा से भी बड़े हैं। वे तुम्हें भी बुद्धि दे सकते हैं। छोटी-छोटी बुद्धि। जैसे सही और गलत जानना। जैसे प्यार से बात करना।

दूसरों ने क्या पाया

अंतर्दृष्टि संपादकीय पर पद 18

बिन्यामीन में एला का पुत्र शिमी।" बस इतना ही। न कोई कहानी, न कोई बड़ा काम, सिर्फ एक नाम और एक इलाका। शिमी का काम था साल में एक महीने राजा के घराने के लिए भोजन जुटाना। एक महीना, फिर चुप्पी। पर परमेश्वर ने उसका नाम अपने वचन में लिखवा दिया। तेरा वह काम जिसे कोई नहीं देखता, वह भूला नहीं गया है।

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For parents and teachers: विशेष रूप से 3 से 6 वर्ष के बच्चों को ज़ोर से पढ़कर सुनाने के लिए लिखा गया। इसे अपने बच्चे के साथ बातचीत की शुरुआत के रूप में उपयोग करें, एकमात्र स्रोत के रूप में नहीं। This explanation is generated automatically by language models. While we strive for theological soundness, the software can make mistakes.

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