3 से 6 वर्ष के बच्चे के लिए

1 पतरस 4

नन्हे और पूर्व-विद्यालय बच्चे (आयु 3-6) के लिए व्याख्या और बाइबल कहानी

बाइबल

कहानी क्या कहती है

सुनो, पतरस नाम के एक आदमी ने एक चिट्ठी लिखी। यह चिट्ठी बहुत दूर रहनेवाले लोगों के लिए थी। ये लोग यीशु से बहुत प्यार करते थे।

पतरस ने लिखा: "प्यारे दोस्तों, यीशु ने भी दुख सहा।" यीशु को बहुत दर्द हुआ था। और फिर भी यीशु ने अच्छा किया। हमेशा।

पतरस ने कहा: "तुम भी अच्छा करो। परमेश्वर जो चाहते हैं, वही करो।"

फिर पतरस ने एक बहुत सुंदर बात लिखी। सुनो अच्छे से। उसने कहा: "एक दूसरे से बहुत, बहुत प्यार करो।"

बहुत प्यार करो। इतना ज़्यादा प्यार, कि वह प्यार सब कुछ ढाँप देता है। जैसे एक बड़ा गरम कंबल। जो हर चीज़ पर आ जाता है।

और पतरस ने कहा: "अगर कोई तुम्हारे घर आए, तो खुशी से उसे अंदर बुलाओ। रोटी दो। पानी दो। मुस्कुराओ।"

इसका क्या मतलब है

परमेश्वर चाहते हैं कि हम प्यार करें। एक दूसरे से। हमेशा।

कभी-कभी कोई बच्चा तुम्हें दुख देता है। शायद कोई तुम्हारा खिलौना ले लेता है। तब गुस्सा आता है। पर परमेश्वर कहते हैं: प्यार करो।

प्यार एक कंबल जैसा है। एक बड़ा, नरम कंबल। जो सब कुछ ढाँप देता है। यहाँ तक कि छोटी लड़ाइयाँ भी।

बड़ी कहानी

यीशु ने सबसे ज़्यादा प्यार किया। जब लोग यीशु के लिए बुरे थे, तब भी यीशु ने प्यार किया।

यीशु ने बहुत दुख सहा। पर फिर भी यीशु मुस्कुराए। यीशु ने बच्चों को गले लगाया। यीशु ने बीमार लोगों को छुआ। यीशु ने भूखे लोगों को खाना दिया।

यीशु का प्यार सबसे बड़ा कंबल है। इतना बड़ा, कि पूरी दुनिया उसके नीचे आ जाती है। तुम भी। मैं भी। हम सब।

तुम्हारे लिए

क्या तुम भी प्यार कर सकते हो?

हाँ! तुम कर सकते हो।

तुम अपनी मम्मी को गले लगा सकते हो। तुम अपने भाई या बहन के साथ खेल सकते हो। तुम दादी को एक फूल दे सकते हो।

और अगर कोई तुम्हारे घर आए? तो तुम मुस्कुरा सकते हो। तुम अपना खिलौना दिखा सकते हो। तुम एक बिस्किट बाँट सकते हो।

यही प्यार है। छोटा-छोटा प्यार। पर परमेश्वर के लिए बहुत बड़ा।

इस पर बात करो

क्या तुम किसी को जानते हो जिसे तुम आज गले लगा सकते हो?

अगर कोई तुम्हारे घर आए, तो तुम उसे क्या दोगे?

साथ में प्रार्थना

प्यारे परमेश्वर,

आप बहुत अच्छे हैं।

यीशु ने बहुत प्यार किया।

मुझे भी प्यार करना सिखाइए।

मम्मी को। पापा को। सब को।

आमीन।

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1 पतरस 4 के बारे में प्रश्न

पहली बार इसके बारे में पढ़ने वाले हर किसी के लिए छोटे उत्तर।

1 पतरस 4 किस विषय में है?
सुनो, पतरस नाम के एक आदमी ने एक चिट्ठी लिखी। यह चिट्ठी बहुत दूर रहनेवाले लोगों के लिए थी। ये लोग यीशु से बहुत प्यार करते थे।
1 पतरस 4 क्या कहता है?
फिर पतरस ने एक बहुत सुंदर बात लिखी। सुनो अच्छे से। उसने कहा: "एक दूसरे से बहुत, बहुत प्यार करो।"
1 पतरस 4 हमें परमेश्वर के बारे में क्या सिखाता है?
कभी-कभी कोई बच्चा तुम्हें दुख देता है। शायद कोई तुम्हारा खिलौना ले लेता है। तब गुस्सा आता है। पर परमेश्वर कहते हैं: प्यार करो।
नन्हे बच्चे 1 पतरस 4 से क्या सीख सकते हैं?
यीशु ने बहुत दुख सहा। पर फिर भी यीशु मुस्कुराए। यीशु ने बच्चों को गले लगाया। यीशु ने बीमार लोगों को छुआ। यीशु ने भूखे लोगों को खाना दिया।
1 पतरस 4 एक महत्वपूर्ण बाइबल कहानी क्यों है?
और अगर कोई तुम्हारे घर आए? तो तुम मुस्कुरा सकते हो। तुम अपना खिलौना दिखा सकते हो। तुम एक बिस्किट बाँट सकते हो।

दूसरों ने क्या पाया

अंतर्दृष्टि संपादकीय पर पद 3

वही बहुत हुआ।" पतरस बीता हुआ समय गिनवाता है और फिर एक लकीर खींच देता है। बस, इतना काफी। जो साल गँवाए, वे लौटेंगे नहीं, पर उन्हें दोहराने की कोई मजबूरी भी नहीं। तू शायद अब भी सोचता है कि तेरी आदत तेरी पहचान है। नहीं। आज तू पूछ सकता है, बाकी बचा समय किसका होगा?

अंतर्दृष्टि संपादकीय पर पद 12

हे प्रियो," पतरस आग की बात करने से ठीक पहले यही कहता है। जिस दुख की ज्वाला में तू है, वह तुझसे प्रेम के बाहर नहीं हुई।

ध्यान दे, वह दुख हटाने की प्रार्थना नहीं करता, बस कहता है अचम्भा मत कर। क्योंकि दर्द के साथ जब यह हैरानी जुड़ जाती है कि "मेरे ही साथ क्यों", तब घाव दोगुना हो जाता है।

तू अकेला नहीं है, और यह अनोखी बात नहीं।

अंतर्दृष्टि संपादकीय पर पद 8

सबसे बढ़कर एक दूसरे से अधिक प्रेम रखो, क्योंकि प्रेम अनेक पापों को ढाँप देता है।" पतरस यह उन लोगों से कह रहा है जिनके पास समय कम है, अंत निकट है। और वह यह नहीं कहता कि पहले सब कुछ ठीक कर लो, फिर प्रेम करना। ढाँपना पाप को झूठ बनाना नहीं, बल्कि उसे चर्चा का विषय न बनाना है। जिस भाई की कमी तुझे सबसे ज़्यादा चुभती है, आज उसे उघाड़ने के बजाय ढाँप दे।

अंतर्दृष्टि संपादकीय पर पद 14

जिस पल लोग मसीह के नाम पर तुम्हें ताना मारते हैं, ठीक उसी पल कुछ और भी हो रहा होता है: "क्योंकि महिमा का आत्मा, जो परमेश्वर का आत्मा है, तुम पर छाया करता है।" पतरस यह नहीं कहता कि बाद में इनाम मिलेगा। वह कहता है, अभी, उसी अपमान के बीच, परमेश्वर का आत्मा तुम पर ठहरा हुआ है। जहाँ तुम्हें सबसे ज़्यादा अकेलापन लगता है, वहीं वह सबसे पास है।

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For parents and teachers: विशेष रूप से 3 से 6 वर्ष के बच्चों को ज़ोर से पढ़कर सुनाने के लिए लिखा गया। इसे अपने बच्चे के साथ बातचीत की शुरुआत के रूप में उपयोग करें, एकमात्र स्रोत के रूप में नहीं। This explanation is generated automatically by language models. While we strive for theological soundness, the software can make mistakes.

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