2 पतरस 1
नन्हे और पूर्व-विद्यालय बच्चे (आयु 3-6) के लिए व्याख्या और बाइबल कहानी
कहानी क्या कहती है?
एक बहुत प्यारे चाचा थे। उनका नाम था पतरस। पतरस प्रभु यीशु के अच्छे दोस्त थे।
पतरस बूढ़े हो गए थे। बहुत बूढ़े। वे जानते थे कि जल्दी ही वे स्वर्ग में जाएंगे, प्रभु यीशु के पास।
पर पतरस के पास एक कागज़ था। और एक कलम। और वे लिख रहे थे। लिख रहे थे। लिख रहे थे।
पतरस एक चिट्ठी लिख रहे थे। सब बच्चों के लिए। सब बड़ों के लिए। सब लोगों के लिए जो प्रभु यीशु से प्यार करते हैं।
पतरस ने लिखा, "सुनो! मैं तुम्हें कुछ बताना चाहता हूँ।"
इसका क्या मतलब है?
पतरस ने लिखा, "मैंने प्रभु यीशु को अपनी आँखों से देखा है। सच में देखा है!"
"एक दिन हम एक ऊँचे पहाड़ पर गए थे। मैं और प्रभु यीशु। और वहाँ, ऊपर पहाड़ पर, प्रभु यीशु चमक उठे। बहुत चमकते हुए। सूरज जैसे।"
"और तब, सुनो! तब स्वर्ग से एक आवाज़ आई। परमेश्वर पिता की आवाज़! उन्होंने कहा, 'यह मेरा प्यारा बेटा है। मैं इससे बहुत खुश हूँ।'"
पतरस ने अपने कान से यह सुना था। सच में सुना था। यह कोई कहानी नहीं थी। यह सच था।
बड़ी कहानी
पतरस ने लिखा, "बाइबल एक दीया है। एक छोटा सा दीया।"
क्या तुम्हें पता है दीया क्या है? जब रात हो जाती है, और सब कुछ अंधेरा हो जाता है, तब हम दीया जलाते हैं। और दीया जलता है। छोटा सा प्रकाश। पर काफी प्रकाश।
बाइबल भी ऐसी ही है। बाइबल हमें बताती है कि प्रभु यीशु आ रहे हैं। एक दिन सुबह होगी। बहुत सुन्दर सुबह। और आकाश में एक तारा चमकेगा। भोर का तारा। वह तारा हैं प्रभु यीशु।
तब अंधेरा चला जाएगा। सब जगह प्रकाश होगा।
तुम्हारे लिए
पतरस ने लिखा, "प्रभु यीशु को जानो। हर दिन थोड़ा और।"
तुम भी प्रभु यीशु को जान सकते हो। कैसे? माँ या पापा जब बाइबल पढ़ते हैं, तब सुनो। जब गीत गाते हैं, तब गाओ। जब प्रार्थना करते हैं, तब आँखें बंद करो।
और अच्छे बनो। दूसरों से प्यार करो। अपने भाई से, अपनी बहन से, अपने दोस्त से। यह परमेश्वर को खुश करता है।
इस पर बात करो
क्या तुम्हें पता है दीया क्या करता है जब चारों तरफ अंधेरा हो?
तुम प्रभु यीशु से प्यार कैसे दिखा सकते हो?
साथ में प्रार्थना
प्यारे प्रभु यीशु,
आप मेरे प्यारे दोस्त हैं। मैं आपको जानना चाहता हूँ। मुझे सिखाइए कि मैं अच्छा बच्चा बनूँ। आप एक चमकते तारे हैं। मेरे दिल में भी चमकिए।
आमीन।
2 पतरस 1 के बारे में प्रश्न
पहली बार इसके बारे में पढ़ने वाले हर किसी के लिए छोटे उत्तर।
2 पतरस 1 किस विषय में है?
2 पतरस 1 क्या कहता है?
2 पतरस 1 हमें परमेश्वर के बारे में क्या सिखाता है?
नन्हे बच्चे 2 पतरस 1 से क्या सीख सकते हैं?
2 पतरस 1 एक महत्वपूर्ण बाइबल कहानी क्यों है?
दूसरों ने क्या पाया
पतरस यीशु के साथ चला, पानी पर कदम रखा, तीन बार इनकार करके भी बहाल हुआ। फिर भी वह लिखता है कि तुम्हें "हमारे विश्वास के समान बहुमूल्य विश्वास प्राप्त" हुआ है। समान। तुम्हारा विश्वास किसी प्रेरित से छोटा नहीं। और ध्यान दो, वह प्राप्त हुआ, कमाया नहीं गया। जो पीछे की पंक्ति में चुपचाप बैठकर प्रार्थना करता है, उसके हाथ में भी वही खजाना है।
पतरस जानता था कि उसके पाठक सच्चाई जानते हैं, फिर भी लिखता है, "इसलिए मैं तुम्हें ये बातें सदा स्मरण दिलाने को तैयार रहूँगा, यद्यपि तुम उन्हें जानते हो।" प्रेम इसी तरह बोलता है, बार बार, वही बात। हम अक्सर सोचते हैं कि हमें कुछ नया चाहिए। पर शायद तुम्हें आज नई बात नहीं, वही पुरानी सच्चाई फिर से सुननी है, जब तक वह दिल में बैठ न जाए।
और समझ पर संयम, और संयम पर धीरज, और धीरज पर भक्ति।" ध्यान दो, समझ अपने आप में रुक नहीं सकती। जो तुम जानते हो, अगर वह तुम्हारी जीभ और गुस्से पर लगाम न लगाए, तो वह सिर्फ जानकारी है। और संयम अकेला थका देता है, इसलिए उस पर धीरज चढ़ता है, और धीरज अंत में परमेश्वर की ओर मोड़ देता है। आज तुम्हारी कौन सी कड़ी कमजोर पड़ी है?
पतरस जानता था कि उसका समय थोड़ा है। फिर भी लिखता है, "और मैं यह उचित समझता हूँ कि जब तक मैं इस डेरे में हूँ, तब तक तुम्हें सुधि दिलाकर उत्तेजित करता रहूँ।" डेरा, यानी तम्बू। कभी न कभी उखड़ जाने वाला। अपने अंतिम दिनों में उसने अपने बारे में नहीं, तुम्हारे बारे में सोचा। जो बातें तुम पहले से जानते हो, वही याद दिलाईं। सच को दोहराना बेकार नहीं होता। भूलना हमारी सबसे बड़ी कमज़ोरी है।
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