1 पतरस 5
नन्हे और पूर्व-विद्यालय बच्चे (आयु 3-6) के लिए व्याख्या और बाइबल कहानी
The Explanation
रात हो गई थी। आसमान में तारे टिमटिमा रहे थे। भेड़ें पास पास सोई थीं। गरम गरम, नरम नरम ऊन वाली भेड़ें। एक चरवाहा उनके पास बैठा था। वह सोया नहीं। वह जागता रहा। उसकी आँखें भेड़ों पर टिकी थीं।
पतरस नाम के एक बूढ़े आदमी ने यह लिखा। उसने कहा, चरवाहों को भेड़ों से प्यार करना चाहिए। जबरदस्ती से नहीं। खुशी खुशी से। चरवाहा भेड़ों पर हुकूमत नहीं जताता। वह खुद अच्छा बनकर दिखाता है, कैसे रहना चाहिए।
What Does This Mean?
सोचो, एक बड़ा चरवाहा है। वह आसमान में है। उसका नाम परमेश्वर है। परमेश्वर उन लोगों से प्यार करते हैं जो छोटे बनते हैं। जो झुक जाते हैं। जो कहते हैं, "मुझे आपकी ज़रूरत है।"
पर जो लोग कहते हैं, "मैं सबसे बड़ा हूँ," उनसे परमेश्वर दूर हो जाते हैं। परमेश्वर नम्र लोगों को गले लगाते हैं। धीरे से, प्यार से।
The Common Thread
एक दिन एक और चरवाहा आएगा। सबसे बड़ा चरवाहा। उसका नाम यीशु है। जब यीशु आएगा, तो जो चरवाहे भेड़ों से प्यार करते रहे, उन्हें वह एक सुंदर मुकुट देगा। वह मुकुट फूलों जैसा नहीं। वह कभी मुरझाएगा नहीं।
यीशु खुद भी दुःख में रहे थे। इसलिए वे जानते हैं, दुःख कैसा लगता है। वे समझते हैं।
For You
कभी तुम्हें डर लगता है? रात के अंधेरे में? या पेट में कुछ चुभता है, जब कोई चीज़ तुम्हें परेशान करती है?
पतरस कहता है, अपनी सारी चिंता परमेश्वर पर डाल दो। जैसे भारी थैला किसी को थमा देते हैं। परमेश्वर वह थैला उठा लेते हैं। क्योंकि उन्हें तुम्हारी चिंता है। सच में।
एक शेर गरजता है, जब वह शिकार खोजता है। ज़ोर से, डरावना। शैतान भी वैसे ही खोजता रहता है। पर तुम अकेले नहीं हो। परमेश्वर तुम्हारे पास हैं। उनका हाथ बड़ा और मज़बूत है। तुम उसी हाथ के नीचे सुरक्षित रह सकते हो।
Talk About It
जब तुम्हें डर लगता है, तुम किसे बताते हो?
तुम किसी छोटे बच्चे की मदद कैसे कर सकते हो, जैसे चरवाहा भेड़ों की मदद करता है?
Praying Together
प्यारे परमेश्वर,
आप मेरे चरवाहे हैं।
मेरी सारी चिंता मैं आपको देता हूँ।
रात में भी, दिन में भी, मुझे थामे रखिए।
आमीन।
1 पतरस 5 के बारे में प्रश्न
पहली बार इसके बारे में पढ़ने वाले हर किसी के लिए छोटे उत्तर।
1 पतरस 5 किस विषय में है?
1 पतरस 5 क्या कहता है?
1 पतरस 5 हमें परमेश्वर के बारे में क्या सिखाता है?
नन्हे बच्चे 1 पतरस 5 से क्या सीख सकते हैं?
1 पतरस 5 एक महत्वपूर्ण बाइबल कहानी क्यों है?
दूसरों ने क्या पाया
पतरस ने चिट्ठी खुद नहीं पहुँचाई। सिलवानुस ने पहुँचाई, वह भाई जिसे पतरस "विश्वासयोग्य भाई" कहता है। अनुग्रह की खबर को पाँव चाहिए, किसी का घर छोड़ना, किसी का सफर करना। और चिट्ठी का सार एक ही वाक्य है, "परमेश्वर का सच्चा अनुग्रह यही है, इसी में स्थिर रहो।" दुख में तू अपनी पकड़ पर नहीं, उसके अनुग्रह पर खड़ा है। क्या तू आज वहीं खड़ा है?
पतरस की यह चिट्ठी सताए हुए, बिखरे हुए विश्वासियों के लिए थी। और अंत में वह कोई बड़ा उपदेश नहीं देता, बस इतना: "एक दूसरे को प्रेम से चुम्बन करके नमस्कार करो। तुम सब को जो मसीह में हो, शान्ति मिलती रहे।" दुख में थके लोगों को सबसे पहले एक गर्मजोशी भरा स्पर्श चाहिए। सोचो, कलीसिया में कौन है जिसे आज तुम्हारे उस स्पर्श की, उस सच्चे गले लगने की ज़रूरत है?
विश्वास में दृढ़ होकर, और यह जानकर उसका सामना करो कि तुम्हारे भाई जो संसार में हैं, ऐसे ही दुःख भोग रहे हैं।"
पतरस तुझे यह नहीं कहता कि दुःख जल्दी खत्म हो जाएगा। वह कहता है, तू अकेला नहीं है। शैतान का सबसे पुराना झूठ यही है कि सिर्फ तेरे साथ ऐसा हो रहा है। आज किसी और की भी रात तेरी जैसी है, और वह भी घुटनों पर है।
पतरस यह वाक्य किसी शांत समय में नहीं लिखता। जिन्हें वह लिख रहा है वे बिखरे हुए हैं, सताए जा रहे हैं, और शैतान गरजते हुए सिंह की तरह घूम रहा है। फिर भी वह कहता है, "उसी का साम्राज्य युगानुयुग रहे। आमीन।"
गौर करो, वह यह नहीं कहता कि सामर्थ्य तुम्हारी हो। तुम्हारे पास ताकत हो या न हो, उसकी हमेशा रहेगी। और आज तुम्हें थामे रखने के लिए वही काफ़ी है।
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