मलाकी 4
नन्हे और पूर्व-विद्यालय बच्चे (आयु 3-6) के लिए व्याख्या और बाइबल कहानी
व्याख्या
एक दिन आएगा। बहुत बड़ा दिन। परमेश्वर ने कहा, "वह दिन आग की तरह गरम होगा।" जैसे भट्ठे में आग जलती है, बहुत तेज़, बहुत लाल। जो लोग घमंडी हैं, जो लोग बुरे काम करते हैं, वे उस आग में जल जाएंगे। जैसे सूखी घास जल जाती है, फुर्र से।
पर सुनो, एक और बात भी है। एक अच्छी बात। जो लोग परमेश्वर से डरते हैं, जो उनसे प्यार करते हैं, उनके लिए कुछ और होगा।
इसका क्या अर्थ है?
उनके लिए एक सूरज उगेगा। बड़ा सूरज। गरम, सुंदर सूरज। उसकी किरणें उन्हें ठीक कर देंगी। जैसे धूप हाथ को गरम करती है। वे बाहर निकलेंगे। खुश होकर। कूदेंगे और फांदेंगे। जैसे छोटे बछड़े मैदान में कूदते हैं, उछलते हैं, दौड़ते हैं। खुशी से, बहुत खुशी से।
परमेश्वर कहते हैं, याद रखो। मूसा ने जो सिखाया, वह याद रखो। मूसा परमेश्वर का सेवक था। उसने बहुत पहले लोगों को परमेश्वर की बातें सिखाई थीं।
एक ही कड़ी
फिर परमेश्वर कहते हैं, "मैं एलिय्याह को भेजूंगा।" एलिय्याह एक नबी था। वह उस बड़े दिन से पहले आएगा। वह क्या करेगा? वह पापा के मन को बच्चों की ओर मोड़ेगा। और बच्चों के मन को पापा-मम्मी की ओर। जैसे कोई सबको फिर से घर में एक साथ ले आता है। पास पास बैठाता है।
परमेश्वर नहीं चाहते कि सब बिगड़ जाए। वे चाहते हैं, सब मिलकर रहें। प्यार से, पास पास। वे सबको बुलाते हैं, अपने पास आने को।
आपके लिए
तुम भी परमेश्वर से डर सकते हो। यानी उन्हें प्यार करो। उनकी बात सुनो और मानो। तब तुम्हारे लिए भी सूरज उगेगा। गरम, सुंदर सूरज। तुम भी कूद सकते हो, खुशी से। जैसे छोटा बछड़ा मैदान में।
और तुम अपने पापा-मम्मी के पास जा सकते हो। गले लगा सकते हो। परमेश्वर यही चाहते हैं। सब पास पास रहें। प्यार से।
बात करें
तुम्हें सबसे ज़्यादा खुशी कब मिलती है, जब तुम कूदते और दौड़ते हो?
तुम अपने पापा या मम्मी के पास जाकर गले कब लगाते हो?
साथ मिलकर प्रार्थना करें
प्रिय परमेश्वर, आप सूरज की तरह गरम और अच्छे हैं। हमें अपने पास आने दें। हमें अपने पापा-मम्मी से प्यार करने में मदद करें। हम आपसे बहुत प्यार करते हैं। आमीन।
मलाकी 4 के बारे में प्रश्न
पहली बार इसके बारे में पढ़ने वाले हर किसी के लिए छोटे उत्तर।
मलाकी 4 किस विषय में है?
मलाकी 4 क्या कहता है?
मलाकी 4 हमें परमेश्वर के बारे में क्या सिखाता है?
नन्हे बच्चे मलाकी 4 से क्या सीख सकते हैं?
मलाकी 4 एक महत्वपूर्ण बाइबल कहानी क्यों है?
दूसरों ने क्या पाया
भविष्यद्वक्ताओं की आवाज़ अब चुप होने वाली थी, चार सौ साल की शान्ति आने वाली थी। और परमेश्वर का अन्तिम वचन कोई नई बात नहीं, बल्कि यह था: "मेरे दास मूसा की व्यवस्था... उनको स्मरण रखो।"
कभी सोचा है? तुम्हें नए दर्शन की ज़रूरत नहीं, जो कहा गया है उसे याद रखने की ज़रूरत है। जो बात तुम भूल चुके हो, वही अकसर वह होती है जो परमेश्वर ने आज के दिन के लिए तुम्हें दी थी।
देखो, यहोवा के उस बड़े और भयानक दिन के आने से पहले, मैं तुम्हारे पास एलिय्याह नबी को भेजूँगा।" पुराने नियम का आखिरी पन्ना धमकी से नहीं, एक वादे से बंद होता है। न्याय का दिन आने से पहले परमेश्वर किसी को भेजता है, ताकि तू तैयार हो सके। सोच, आज तेरे जीवन में वह चेतावनी देनेवाली आवाज़ कौन है, जिसे तू अनसुना कर रहा है?
देखो, वह दिन आता है जो भट्ठे के समान धधकता होगा।" मलाकी के दिनों में लोग कुड़कुड़ा रहे थे कि घमंडी ही फल फूल रहे हैं। परमेश्वर उनकी असलियत एक शब्द में खोल देते हैं: भूसा। बाहर से लहलहाता पेड़, भीतर से सूखी भूसी, "न जड़ बचेगी और न शाखा।" जिन बातों पर तू आज इतराता है, ज़रा पूछ, उनकी जड़ कहाँ है?
परमेश्वर का आखिरी वचन मंदिर के बारे में नहीं, घर के बारे में है: "वह पिताओं के मन को बच्चों की ओर और बच्चों के मन को उनके पिताओं की ओर फेरेगा।" उसकी बड़ी योजना उसी मेज़ तक उतरती है जहाँ तू रोज़ बैठता है। जिस अपने से तूने चुपचाप मन हटा लिया है, क्या आज वह मन फिर मुड़ सकता है?
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